Author: Krishna Bihari Mishra

राजनीति

पीएम मोदी की सभा में भीड़ जुटाने में लगा प्रशासन, राज्य सरकार ने बनाया दबाव

इन दिनों भाजपाई नेताओं की सभा में कई स्थानों पर भीड़ नहीं जुट पा रही, ऐसे में रांची की सभा भी, अन्य स्थानों की तरह न हो जाये, इसके लिए राज्य सरकार ने स्थानीय प्रशासन पर अभुतपूर्व दबाव बनाना शुरु कर दिया हैं। केवल रांची ही नहीं, बल्कि अन्य जिलों में भी इसका प्रभाव देखा जा रहा हैं। भीड़ बढ़ाने के लिए बसों की व्यवस्था से लेकर, भीड़ के खाने-पीने की व्यवस्था करने की जिम्मेवारी भी प्रशासन को सौंप दी गई हैं।

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अपराध

क्या ऐसा करने से रांची से प्रकाशित ‘प्रभात खबर’ का पाप धूल जायेगा?

पहले फर्जी विज्ञापन छापो, उस फर्जी विज्ञापन से खुद को मालामाल करो, बेरोजगार युवाओं और उसके अभिभावकों/परिवारों के सपनों के साथ खिलवाड़ करों, उनकी गाढ़ी कमाई फर्जीवाड़ा करनेवाले लोगों द्वारा लूटवा दो और उसके बाद, फिर लंबा-चौड़ा समाचार छापों कि ‘2476 पदों पर बहाली के नाम पर एक और फर्जीवाड़ा सामने आया’।

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अपनी बात

गोमो में हो सकता था, बड़ा ट्रेन हादसा, मौर्य एक्सप्रेस और इएमयू में हो सकती थी टक्कर

कल नेताजी सुभाष चंद्र बोस जंक्शन पर भीषण ट्रेन हादसा हो सकता था, मौर्य एक्सप्रेस और इएमयू एक दूसरे से टकरा सकती थी, ट्रेन बेपटरी हो सकती थी, कई लोग इस हादसे के शिकार हो सकते थे, पर गोमो जंक्शन के स्टेशन मास्टर की बुद्धिमानी ने ऐसा हादसा होने से रुक गया।

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राजनीति

राजस्थान में हार से बचने के लिए वसुंधरा का प्रमोशन का खेल, कांग्रेस की बल्ले-बल्ले

वसुंधरा राजे सिंधिया को शायद आभास हो चुका है कि राजस्थान में, 2018 में विधानसभा चुनाव जब कभी होंगे, उनकी वापसी संभव नहीं हैं। भाजपा की आसन्न हार को महसूस कर रहे, कांग्रेस के लोगों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। स्थिति ऐसी है कि राजस्थान के बहुत सारे ऐसे विधानसभा सीटे हैं, जहां अभी से ही कमल मुरझाने लगे हैं।

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फिल्म

सावधान भाजपाइयों, कहीं आपकी बत्ती गुल न करा दें, फिल्म – बत्ती गुल मीटर चालू

झारखण्ड समेत पूरे देश के कई सिनेमाघरों-मल्टीप्लेक्सों में आज एक नई फिल्म ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ आज रिलीज हुई। हमें डर है कि कहीं ये फिल्म आनेवाले लोकसभा चुनाव या कुछ ही महीनों के अंदर होनेवाले राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में भाजपा की बत्ती न गुल कर दें, क्योंकि ये फिल्म शुरु से लेकर आखिरी तक कहीं न कहीं भाजपा के विकास के नारों और अच्छे दिनों पर ही सर्वाधिक कटाक्ष करते हुए, भाजपा को कुछ ज्यादा ही लपेट लिया है।

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राजनीति

झारखण्ड का निराला मंत्री रणधीर, जो अपनी हरकतों से हमेशा विवादों में रहता है, देखिये इनका एक और धमाल

झारखण्ड के कृषि मंत्री रणधीर कुमार सिंह, हमेशा विवादों में रहते हैं। चाहे इनके द्वारा सुप्रसिद्ध अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज को अपमानित करने की बात हो। चाहे भाजपा के शीर्षस्थ नेताओं को यह कहकर चुनौती देने की बात हो कि भाजपा के नेता उनके पास आयेंगे तेल लगाने, न कि वे जायेंगे। चाहे हाल ही में राज्य के एक आइएएस के खिलाफ दिया गया यह बयान ही क्यों न हो

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अपराध

प्रभात खबर में फिर निकला फर्जी विज्ञापन, बेरोजगार युवक रहे सावधान

प्रभात खबर में पिछले 22 अगस्त को धनबाद संस्करण में झारखण्ड एजुकेशन डेवलेपमेंट द्वारा एक फर्जी विज्ञापन निकाला गया है। जिसमें ग्रामीण शिक्षक/शिक्षिका के लिए 2234 पद, ब्लॉक कार्डिनेटर के लिए 224 पद, जिला कार्डिनेटर के लिए 24 पद, राज्य कार्डिनेटर के लिए 2 तथा लेखापाल के लिए दो पद रिक्त बताये गये है। जिसका परीक्षा शुल्क 230 रुपये निर्धारित है।

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राजनीति

निशिकांत का चरणोदक पीनेवाले पवन ने 10 मीडिया हाउस के पत्रकारों समेत 1000 अज्ञात के खिलाफ केस ठोका

गोड्डा के कन्हवाड़ा में 16 सितम्बर को एक पुल के शिलान्यास के अवसर पर गोड्डा के सांसद निशिकांत दूबे का चरण पखारनेवाले तथा उनका चरणोदक पीनेवाले भाजपा कार्यकर्ता पवन कुमार साह इन दिनों बहुत दुखी है और इसी दुख में उन्होंने भारत के प्रमुख दस मीडिया हाउस के पत्रकारों और 1000 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा ठोक दिया।

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अपनी बात

मंत्री सीपी सिंह सिर्फ इतना बता दें कि वे किस अधिकार के तहत थाना प्रभारी की कुर्सी पर बैठ गये?

अपना झारखण्ड भी गजब है, यहां कोई नियम-कानून नहीं, यहां प्रोटोकॉल का भी खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन होता है, और ये उल्लंघन कोई दूसरा नहीं करता, बल्कि जिन पर ये जिम्मेदारी है, वे ही इसका खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन करते हैं। जरा उपर दिये गये तस्वीर को देखिये। ये तस्वीर आज की है। रांची कोतवाली थाने की है।

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अपनी बात

अपनी ही सरकार के खिलाफ नगर विकास मंत्री सीपी सिंह कोतवाली थाने में धरने पर

राज्य में सरकार किसकी, भाजपा की और भाजपा के ही मंत्री अपनी ही सरकार के खिलाफ कोतवाली धरने पर बैठ जाये तो इसे क्या कहेंगे? इसका मतलब है कि यहां सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं, ये कोई पहली बार घटना नहीं घटी है, समय-समय पर सरकार की कई नीतियों से खफा, राज्य के कई मंत्री राज्य सरकार की कार्यशैली पर अंगूली उठा चुके है।

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