राजनीति

निशिकांत का चरणोदक पीनेवाले पवन ने 10 मीडिया हाउस के पत्रकारों समेत 1000 अज्ञात के खिलाफ केस ठोका

गोड्डा के कन्हवाड़ा में 16 सितम्बर को एक पुल के शिलान्यास के अवसर पर गोड्डा के सांसद निशिकांत दूबे का चरण पखारनेवाले तथा उनका चरणोदक पीनेवाले भाजपा कार्यकर्ता पवन कुमार साह इन दिनों बहुत दुखी है और इसी दुख में उन्होंने भारत के प्रमुख दस मीडिया हाउस के पत्रकारों और 1000 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा ठोक दिया। यह मुकदमा उन्होंने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राजेश सिन्हा की अदालत में दर्ज कराया है। अदालत ने उनकी इस अर्जी को स्वीकार भी कर लिया है।

जिनके खिलाफ नामित केस दर्ज किया गया है, उनके नाम इस प्रकार है। 1. रोहिणी सिंह, वरिष्ठ पत्रकार, फर्स्ट फ्लोर, 13 शहीद भगत सिंह मार्ग, गोल मार्केट, नई दिल्ली। 2. अरुण पुरी, मैनेजिंग डायरेक्टर सह वरिष्ठ पत्रकार, आज तक ग्रुप, द इंडिया टूडे ग्रुप मीडिया प्लेक्स, एफसी 8 सेक्टर, 16ए फिल्म सिटी नोएडा। 3. राधिका राय। 4. प्रणव राय, दोनो संस्थापक मेंम्बर, एनडीटीवी लिमिटेड, 207 ओखला इंडस्ट्रियल इस्टेट फेज – 3, नई दिल्ली। 5. अभिक सरकार, वाइस चेयरमेन, सह संपादक, एभीपी ग्रुप, एभीपी न्यूज सेंटर 301, वोस्टन हाउस, तीसरी मंजिल, सुरेन रोड, अंधेरी ईस्ट, मुंबई। 6. प्रधान संपादक एएनएन, ए 37 सेक्टर 60, नोएडा, उत्तर प्रदेश। 7. राहुल जोशी, मैनेजिंग डायरेक्टर, न्यूज 18, ग्लोबल ब्रॉडकास्ट न्यूज, एक्सप्रेस ट्रेड टावर, प्लॉट नं. 15-16, सेक्टर 16 ए, नोएडा, उत्तर प्रदेश। 8. सुधीर चौधरी, प्रधान संपादक, जी न्यूज, एस्सेल स्टूडियो, एफसी -19, सेक्टर 16 ए, नोएडा। 9. सुधीर अग्रवाल, प्रधान संपादक, दैनिक भास्कर, द्वारका सदन, 6 प्रेस काम्पलेक्स, एमपी नगर, जोन 1, भोपाल, मध्यप्रदेश। 10. चंदन शर्मा, रेजिडेंट एडिटर, दैनिक जागरण, धनबाद, झारखण्ड एवं फेसबुक तथा वहाट्सएप पर अभद्र कमेंट्स करनेवाले एक हजार अज्ञात।

इसके जो गवाह बनाये गये है, उनके नाम इस प्रकार है – परमानन्द साह, मुखिया, कन्हवाड़ा पंचायत, गोड्डा। कृष्ण कन्हैया, कन्हवाड़ा, गोड्डा। शिवेष वर्मा, नगर चौक, गोड्डा। सुमन झा, शिवपुर, गोड्डा। सुनिल कुमार साह, कन्हवाड़ा, गोड्डा एवं अभियोगी स्वयं।

आश्चर्य इस बात की है कि केस करनेवाले पवन कुमार साह ने झारखण्ड के दो प्रमुख अखबारों दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण के खिलाफ तो केस दर्ज कराया है, पर शुद्ध दूध से धूले अखबार प्रभात खबर और हिन्दुस्तान पर उसकी विशेष कृपा साफ देखी जा रही है, इसका कारण क्या रहा है? ये पवन कुमार साह ही अच्छी तरह बता सकते है। कुछ का कहना है कि सांसद निशिकांत दूबे के इशारे पर पवन कुमार साह के द्वारा यह केस दर्ज कराया गया है, पर इसमें सच्चाई कितनी है, यह भी शोध का विषय है।

पवन कुमार साह ने न्यायालय को सूचित किया है कि वह एक सामाजिक कार्यकर्ता है। वह खेती कर अपना जीवन-यापन करता है। पवन का कहना है कि उसका गांव कझिया नदी के किनारे ठीक उस पार बसा है। गांव में जाने के लिए सड़क नहीं है, इसलिए उसे नदी पार कर जाना होता है। जब चुनाव का दिन आया था, तो वोट मांगने के क्रम में वर्तमान सांसद निशिकांत दूबे उसके गांव आये थे, जहां उसने शहर से जोड़ने के लिए इस गांव को एक पुल उपलब्ध कराने को कहा था, जहां निशिकांत दूबे ने आश्वासन दिया था कि वे इस कार्य को संपन्न करने के लिए कोशिश करेंगे। उसी वक्त उसने प्रण किया था कि जिस दिन गांव में पुल का शिलान्यास होगा, उसी दिन सार्वजनिक रुप से निशिकांत दूबे का पांव पखारकर, जल को शिरोधार्य करेगा।

पवन कुमार साह का कहना है कि बस उसी संकल्प को पुरा करने के लिए उसने 16 सितम्बर को शिलान्यास समारोह में सांसद निशिकांत दूबे का पांव पखारा, पोछा। जिसे विभिन्न चैनलों और अखबारों ने तोड़- मरोड़कर दिखाया, प्रसारित किया। पवन कुमार साह का यह भी कहना है कि संविधान के द्वारा प्रदत्त अधिकारों के तहत उसे यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता मिली है कि वह कैसे जिये, कैसे अपनी भावनाओं की अभिव्यक्ति करें।