झारखण्ड का निराला मंत्री रणधीर, जो अपनी हरकतों से हमेशा विवादों में रहता है, देखिये इनका एक और धमाल

झारखण्ड के कृषि मंत्री रणधीर कुमार सिंह, हमेशा विवादों में रहते हैं। चाहे इनके द्वारा सुप्रसिद्ध अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज को अपमानित करने की बात हो। चाहे भाजपा के शीर्षस्थ नेताओं को यह कहकर चुनौती देने की बात हो कि भाजपा के नेता उनके पास आयेंगे तेल लगाने, न कि वे जायेंगे। चाहे हाल ही में राज्य के एक आइएएस के खिलाफ दिया गया यह बयान ही क्यों न हो

झारखण्ड के कृषि मंत्री रणधीर कुमार सिंह, हमेशा विवादों में रहते हैं। चाहे इनके द्वारा सुप्रसिद्ध अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज को अपमानित करने की बात हो। चाहे भाजपा के शीर्षस्थ नेताओं को यह कहकर चुनौती देने की बात हो कि भाजपा के नेता उनके पास आयेंगे तेल लगाने, न कि वे जायेंगे। चाहे हाल ही में राज्य के एक आइएएस के खिलाफ दिया गया यह बयान ही क्यों न हो “हमलोग अपना विभाग दबंगई से चलाते हैं और अपने हिसाब से सारे आइएएस को हड़का कर रखते हैं, एक आइएएस को बाप-बाप करा दिये थे, पकड़ कर लाये, पानी उतार दिये थे।”

अब नया मामला आपके सामने है, जनाब कृषि मंत्री रणधीर कुमार सिंह, विश्वकर्मा पूजा के दिन घातक हथियारों का पूजन कर रहे हैं। सवाल उठता है कि इन घातक हथियारों का जखीरा, इनके पास कहां से आया? इस प्रश्न का उत्तर कौन देगा? आखिर इन घातक हथियारों का ये करेंगे क्या? इन घातक हथियारों से जो गोलियां निकलेगी, वह किसे अपना शिकार बनायेंगी? इससे किसकी रक्षा होगी?

ऐसे भी कृषि मंत्री रणधीर कुमार सिंह को अच्छी तरह जान लेना चाहिए कि हिन्दू धर्मशास्त्रों में कहीं भी विश्वकर्मा पूजा के दिन शस्त्र पूजन का विधान नहीं हैं। जो भी विद्वान है, वे विश्वकर्मा पूजा के दिन निर्माण संबंधी औजारों का ही पूजन करते हैं, ये शास्त्र सम्मत निर्णय हैं। आज भी विश्वकर्मा जी की प्रतिमा देखे तो उनके हाथों में कही भी घातक हथियार नजर नहीं आयेंगे, बस निर्माण अथवा उनसे खुबसूरत चीजें प्राप्त होनेवाली औजार ही आपको दीखेंगी। ऐसे में विश्वकर्मा पूजा के दिन इन घातक हथियारों का पूजन करना, किसने इन्हें सिखा दिया, भगवान ही जाने।

हमारे यहां शस्त्रपूजन का विधान दुर्गापूजा के दौरान संपन्न किये जाते है, क्योंकि शक्ति की अधिष्ठात्री महाशक्ति दुर्गा को ही कहा जाता है, शक्ति प्राप्त करने के उद्देश्य से, नाना प्रकार की सिद्धि प्राप्त करने के उद्देश्य से, इस दौरान पूजन संपन्न किये जाते हैं और ये परम्परा आज भी विभिन्न स्थानों पर जारी हैं, प्राचीन काल में राजा-महाराजाओं के यहां शस्त्रपूजन का दृश्य देखनेलायक हुआ करता था, क्योंकि इसी दौरान इसका प्रदर्शन तथा इसकी विशेष देखभाल भी हो जाया करती, पर राज्य के निराले मंत्री रणधीर कुमार सिंह को कौन समझाये?

अब सवाल राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास से, रघुवर दास ये बताये कि ऐसे मंत्री जिनके पास इतने बड़े पैमाने पर घातक हथियार हैं, उनके खिलाफ ये क्या कार्रवाई करने जा रहे है? और कार्रवाई करेंगे भी या ऐसे ही कृषि मंत्री रणधीर कुमार सिंह को झेलते रहेंगे?

Krishna Bihari Mishra

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