जो सड़कों पर निकल रहे हैं, वे सारे मजदूर नहीं और जो दिखाया जा रहा है, वे सभी मजबूर भी नहीं, कृपया मजदूरों पर रहम करें
भाई, मैं तो साफ जानता हूं कि जो सड़कों पर निकल रहे हैं, वे सारे मजदूर नहीं और जो विभिन्न चैनलों में दिखाया जा रहा हैं, वे सारे के सारे मजबूर भी नहीं, क्योंकि गरीबी हमने भी देखी हैं, गरीबी का सामना हमने भी किया है, तकलीफें हमने भी झेली हैं, इसलिए इस बात को डंके की चोट पर कह सकता हूं कि कोई गरीब अपनी गरीबी का प्रदर्शन नहीं करता और न ही किसी से भीख में कुछ लेकर खाना पसन्द करता है। ऐसा जो भी करते हैं, वे ज्यादातर चालाक लोग होते हैं, जो हर तकलीफों को अवसर के रुप में मान और जानकर उसका फायदा उठाते हैं।
Read More