और कोई सीखे अथवा न सीखे, पर भाजपाइयों को गृह मंत्री अमित शाह के इस ट्वीट से जरुर सीखना चाहिए

इन दिनों पूरे देश में एक दूसरे को देख लेने, नीचा दिखाने, गंदी बातों के द्वारा जवाब देने, किसी का अहित सोचने, अपने विरोधियों के लिए उपरवाले से मौत की दुआ मांगने में कुछ लोगों को बड़ा आनन्द आ रहा है। आश्चर्य है कि विश्वव्यापी कोरोना संक्रमण के भारत में कहर बरपाने के बावजूद लोगों में इस बात का ऐहसास नहीं कि उन्हें इस समय क्या करना चाहिए? हालांकि अपने विरोधियों के लिए घटियास्तर की बात करने की परम्परा अपने देश में कभी नहीं रही,

इन दिनों पूरे देश में एक दूसरे को देख लेने, नीचा दिखाने, गंदी बातों के द्वारा जवाब देने, किसी का अहित सोचने, अपने विरोधियों के लिए उपरवाले से मौत की दुआ मांगने में कुछ लोगों को बड़ा आनन्द आ रहा है। आश्चर्य है कि विश्वव्यापी कोरोना संक्रमण के भारत में कहर बरपाने के बावजूद लोगों में इस बात का ऐहसास नहीं कि उन्हें इस समय क्या करना चाहिए?

हालांकि अपने विरोधियों के लिए घटियास्तर की बात करने की परम्परा अपने देश में कभी नहीं रही, हमारे यहां तो विपक्षियों का भी सम्मान करने की परम्परा है, पर इन दिनों पता नहीं किसने जन-जन में कटुता का भाव पैदा कर दिया कि हर को देखिये तो अपने प्रतिद्वंदियों की मौत की दुआ भी ईश्वर से मांग ले रहा हैं, पर उसे पता नहीं कि उसकी मांगी हुई यही दुआ, उसके लिए काल भी साबित हो सकती है, पर मूर्खों को कौन समझाए।

इन दिनों केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा सक्रिय रुप से सोशल साइट व अन्यत्र स्थानों पर नहीं दिखने के कारण कई लोगों ने उनके खिलाफ कई भ्रांतियां फैला दी, भ्रांतियों ने इस प्रकार जोर पकड़ा कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को स्वयं जवाब देने के लिए हाजिर होना पड़ा, पर जो उन्होंने लोगों को जवाब दिया है, उसके एक पैराग्राफ ने सबको मात दे दी। वो पैराग्राफ था – “जिन लोगों ने ये अफवाहें फैलाई हैं, उनके प्रति मेरे मन में कोई दुर्भावना या द्वेष नहीं है। आपका भी धन्यवाद।”

पर क्या? यही भाव झारखण्ड या देश के अन्य स्थानों पर रह रहे भाजपाइयों में हैं, हमें तो नहीं लगता। हम झारखण्ड की ही बात करें, तो राज्य के विभिन्न थानों व अदालतों में भाजपा के स्थानीय दिग्गज नेताओं द्वारा झूठी केसों द्वारा अपने विरोधियों को फंसाने की कला जो इन्होंने सीखी है, उन कलाओं से सर्वाधिक नुकसान उन्हीं नेताओं को हुआ, जो ऐसा करने में महारत हासिल कर चुके थे, उसका नुकसान यह हुआ कि शहंशाही चली गई, खुद चुनाव हार गये, राजनीतिक अवसान हो गया, पर वो कहा जाता है न कि रस्सी जल गई, पर बल नहीं गया, उस स्थिति में पहुंच गये, फिर भी ज्ञान नहीं हो रहा, शायद अमित शाह के इस ट्विट से ज्ञान हो जाये, पर मुझे ऐसा लगता नहीं।

लेकिन इसी राज्य में मुख्यमंत्री के रुप में हेमन्त सोरेन भी राज्य की जनता को सेवा दे रहे हैं, पर जरा देखिये, उन्होंने अपने विरोधियों के खिलाफ कितने केस किये या कितनी दुर्भावना या द्वेष रखा है? अरे भाई हेमन्त सोरेन तो सत्ता में आते ही, उन सभी को माफ कर दिया, जो उनके खिलाफ विषवमन करते थे, अगर वो चाहते तो सभी को औकात बता सकते थे, पर उन्होंने ऐसा नहीं किया क्योंकि वे जानते है कि लोकतंत्र में विपक्ष की कितनी अहम भूमिका होती है।

जरा देखिये, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कितनी सुंदर बाते लिखी हैं और किस प्रकार अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त किया, हमारे विचार से सभी को इसका अभिनन्दन करना चाहिए, सीख लेनी चाहिए। ट्विट इस प्रकार है – “पिछले कई दिनों से कुछ मित्रों ने सोशल मीडिया के माध्यम से मेरे स्वास्थ्य के बारे में कई मनगढ़ंत अफवाहें फैलाई हैं। यहां तक कि कई लोगों ने मेरी मृत्यु के लिए भी ट्विट कर दुआ मांगी है।

देश इस समय कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से लड़ रहा है और देश के गृह मंत्री के नाते देर रात तक अपने कार्यों में व्यस्त रहने के कारण मैंने इस सब पर ध्यान नहीं दिया। जब यह मेरे संज्ञान में आया तो मैंने सोचा कि यह सभी लोग अपनी काल्पनिक सोच का आनन्द लेते रहें, इसलिए मैंने कोई स्पष्टता नहीं की। परन्तु मेरी पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं और मेरे शुभचिन्तकों ने विगत दो दिनों से काफी चिन्ता व्यक्त की, उनकी चिन्ता को मैं नजरदांज नहीं कर सकता।

इसलिए मैं आज स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैं पूर्ण रुप से स्वस्थ हूं और मुझे कोई बीमारी नहीं हैं। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार ऐसा मानना है कि इस तरह की अफवाह स्वास्थ्य को और अधिक मजबूत करती है। इसलिए मैं ऐसे सभी लोगों से आशा करता हूं कि वो यह व्यर्थ की बातें छोड़कर मुझे मेरा कार्य करने देंगे और स्वयं भी अपने काम करेंगे। मेरे शुभचिन्तकों और पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं का मेरा हालचाल पूछने और मेरी चिन्ता करने के लिए मैं आभार व्यक्त करता हूं। जिन लोगों ने ये अफवाहें फैलाई हैं, उनके प्रति मेरे मन में कोई दुर्भावना या द्वेष नहीं है। आपका भी धन्यवाद। – अमित शाह”

Krishna Bihari Mishra

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