बरसों बाद कांग्रेस ने बुलाया भारत बंद, प्रमुख विपक्षी दलों ने दिया समर्थन, नेताओं ने झोंकी ताकत

हमेशा आराम की राजनीति करनेवाली भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस बरसो बाद कल सड़क पर उतरेगी, वह भी भारत बंद कराने के लिए, आम तौर पर आराम की राजनीति करनेवाली भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता व कार्यकर्ता कल सड़कों पर उतरेंगे, भारत बंद करायेंगे, आम तौर पर पहले देखा जाता था कि विभिन्न विपक्षी दलों द्वारा आयोजित भारत बंद या झारखण्ड बंद को कांग्रेस समर्थन देती थी

जी हां, हमेशा आराम की राजनीति करनेवाली भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस बरसो बाद कल सड़क पर उतरेगी, वह भी भारत बंद कराने के लिए, आम तौर पर आराम की राजनीति करनेवाली भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता व कार्यकर्ता कल सड़कों पर उतरेंगे, भारत बंद करायेंगे, आम तौर पर पहले देखा जाता था कि विभिन्न विपक्षी दलों द्वारा आयोजित भारत बंद या झारखण्ड बंद को कांग्रेस समर्थन देती थी और फिर इस समर्थन में उसके प्रमुख नेता अलबर्ट एक्का चौक पर आकर प्रदर्शन कर इतिश्री कर लिया करते।

कल बरसो बाद, राज्य की जनता कांग्रेस द्वारा बुलाये गये भारत बंद का रसास्वादन भी करेगी। कांग्रेस पार्टी के इस भारत बंद का राज्य के सभी प्रमुख विपक्षी दलों ने समर्थन किया हैं, जाहिर हैं ये भी भारत बंद कराने के लिए सड़कों पर उतरेंगे। ये बंद पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी एवं बढ़ती महंगाई के विरोध में कांग्रेस ने बुलाया हैं।

चूंकि बंद कांग्रेस द्वारा आयोजित हैं, इसलिए कहीं ये बंद फ्लॉप न हो जाय, इसके लिए कांग्रेस पार्टी ने अपनी ओर से विशेष तैयारी की है। राज्य के सभी प्रमुख नेताओं को एक-एक जिले की जिम्मेवारी दे दी गई हैं, संभव है यह जिम्मेवारी लोकसभा चुनाव को देखते हुए भी कर दी गई हैं, क्योंकि जिन्हें भी जिम्मेदारी दी गई हैं, वे लगभग कांग्रेस पार्टी से लोकसभा के उम्मीदवार के रुप में सशक्त दावेदारी भी उनकी बन रही है।

जमशेदपुर में रवीन्द्र झा, रांची में सुबोधकांत सहाय, गुमला में डा. रामेश्वर उरांव, लोहरदगा में सुखदेव भगत, पलामू में आभा सिन्हा, गढ़वा मे कामेश्वर बैठा, चतरा में भीम कुमार, हजारीबाग मे मनोज यादव, कोडरमा में तिलकधारी सिंह, गिरिडीह में सरफराज अहमद, धनबाद मे राजेन्द्र प्रसाद सिंह, बोकारो में ओपी लाल, पाकुड़ में आलमगीर आलम, जामताड़ा में डा. इरफान अंसारी, दुमका में बादल पत्रलेख,  गोड्डा में फुरकान अंसारी, चाईबासा में डीएन चांपिया, खुंटी में डा. प्रदीप कुमार बलमुचू, रामगढ़ में जवाहर लाल सिन्हा और साहेबगंज में डा. सुशील मरांडी को जिम्मेवारी सौंपी गई है।

आज विभिन्न जिलों में मशाल जुलूस निकालकर कांग्रेसियों ने कल के बंद को ऐतिहासिक बनाने के लिए अपना कमर कस लिया। बरसो बाद, आज कांग्रेसियों के चेहरे पर सरकार के खिलाफ आंदोलन करने का, वह भी व्यापक स्तर पर पहली बार मौका मिला है, जिसका फायदा उठाने के लिए सारे कांग्रेसी मुखर हो उठे हैं, हालांकि सरकार और उनके आला अधिकारी कल के बंद को लेकर सारी तैयारियां कर चुके हैं और बंद को विफल बनाने के लिए कमर कस ली हैं, पर जिस प्रकार से कांग्रेसियों के मन में कल के बंद के प्रति उत्साह हैं, तथा जिस प्रकार विपक्ष ने बंद को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है, उससे साफ लगता है कि कल का भारत बंद का असर ऐतिहासिक तो नहीं, पर अपना असर जरुर दिखा जायेगा।

Krishna Bihari Mishra

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