क्या रांची की जनता सुंधाशु धर मिश्र जैसे CBI अधिकारी का अभिनन्दन कर, केन्द्र सरकार को चुनौती देगी?

अगर आपको लगता है कि सीबीआई की बैंकिग एंड सिक्यूरिटीज फ्रॉड सेल में तैनात सुंधाशु धर मिश्र ने आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व प्रमुख चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर और वीडियोकॉन ग्रुप के चेयरमैन वी एन धूत के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा कर ठीक किया, और उनके इस कार्रवाई के खिलाफ दंडस्वरुप उनका तबादला रांची के आर्थिक अपराध शाखा में कर दिया गया।

अगर आपको लगता है कि सीबीआई की बैंकिग एंड सिक्यूरिटीज फ्रॉड सेल में तैनात सुंधाशु धर मिश्र ने आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व प्रमुख चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर और वीडियोकॉन ग्रुप के चेयरमैन वी एन धूत के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा कर ठीक किया, और उनके इस कार्रवाई के खिलाफ दंडस्वरुप उनका तबादला रांची के आर्थिक अपराध शाखा में कर दिया गया।

तब ऐसे अधिकारी को रांचीवासियों द्वारा बड़े पैमाने पर अभिनन्दन करना चाहिए, ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ सही मायनों में एक आंदोलन खड़ा हो, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे लोगों को लगे कि जनता भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़नेवालों का साथ देती है, उनका सम्मान करती है, और अगर ऐसा नहीं हैं तो फिर जो हो रहा हैं, वो सही ही है।

वरिष्ठ पत्रकार गुंजन सिन्हा की माने तो वे अपने सोशल साइट पर लिखते है कि रांची का सौभाग्य है कि सीबीआई के बहादुर एसपी एसडी मिश्र को ईमानदारी के सजा के तौर पर रांची भेज दिया गया है, जूर्म ये है कि उन्होंने किसी की परवाह न करके चंदा कोचर और उनके गुरु कामथ के खिलाफ एफआईआर करा दी। इससे जेटली पगला गये। मिश्र का ट्रांसफर तुरन्त कर दिया गया। मिश्र को जरुर मालूम रहा होगा कि उनका अंजाम नमक के दारोगा से कोई अलग नहीं होने जा रहा है। सत्ता पर ठग काबिज हैं।

ठगों ने मिश्र को सीधे कांके पोस्ट नहीं किया, लेकिन रांची भेज कर संकेत यहीं दिया कि वे क्या सोचते हैं? उन बेईमानों को चुनौती दें तो आप पागल हैं, लेकिन रांची की जनता पागल नहीं है, तो उसे चाहिए कि शहर में बंदनवार लगाकर एसडी मिश्र जैसे निडर अफसर का स्वागत करें, पलीते में कील तो उन्होंने ऐसी ठोक दी है कि वकील साहब की अंतड़ी छिल जायेगी काट निकालने में।

Krishna Bihari Mishra

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