संघ के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी के कार्यक्रम में CM के प्रेस एडवाइजर का क्या काम?

संघ के कार्यक्रम में, सरकार्यवाह सुरेशजी जोशी उर्फ भैयाजी जोशी के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रघुवर दास के प्रेस एडवाइजर अजय कुमार का उपस्थित रहना, संघ के कई अनुषांगिक संगठनों एवं संघ के वरीय अधिकारियों को पच नहीं रहा हैं। सवाल उठ रहा है कि सीएम के प्रेस एडवाइजर अजय कुमार का सरकार्यवाह भैयाजी जोशी के बैठक में क्या काम?  हम आपको बता दे कि संघ के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी अपने तीन दिवसीय प्रवास पर रांची में थे।

संघ के कार्यक्रम में, सरकार्यवाह सुरेशजी जोशी उर्फ भैयाजी जोशी के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रघुवर दास के प्रेस एडवाइजर अजय कुमार का उपस्थित रहना, संघ के कई अनुषांगिक संगठनों एवं संघ के वरीय अधिकारियों को पच नहीं रहा हैं। सवाल उठ रहा है कि सीएम के प्रेस एडवाइजर अजय कुमार का सरकार्यवाह भैयाजी जोशी के बैठक में क्या काम?  हम आपको बता दे कि संघ के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी अपने तीन दिवसीय प्रवास पर रांची में थे। रांची के टाटीसिलवे स्थित सरला बिड़ला स्कूल में वे तीन दिनों तक अपने व्यस्त कार्यक्रम को मूर्त्तरुप दे रहे थे।

पहले दो दिन यानी 26-27 दिसम्बर को उन्होंने संघ के सभी 32 आनुषांगिक संगठनों के प्रांतीय अधिकारियों के साथ बैठक की और संगठन के विस्तार और वर्तमान परिस्थितियों पर चर्चा की, चर्चा के दौरान भैयाजी जोशी ने सभी को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये तथा राष्ट्रहित में कुछ खास बाते बताई।

28 दिसम्बर को उन्होंने जनजातीय संगठनों तथा इनसे जुड़े कई संगठनों से मिलकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। बताया जाता है कि इसी दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास के प्रेस एडवाइजर अजय कुमार भी उपस्थित रहे, जिसे देखकर संघ के कई वरीय अधिकारी चौंक गये और एक-दूसरे को देखने लगे, तथा एक दूसरे पर शक भी करने लगे।

सूत्र बताते है कि मुख्यमंत्री रघुवर दास के प्रेस एड़वाइजर अजय कुमार, संघ के ही अखिल भारतीय स्तर पर चलनेवाली संस्था प्रज्ञा प्रवाह के झारखण्ड चैतन्य परिषद् की ओर से शामिल हुए थे। सूत्र बताते है  कि प्रज्ञा प्रवाह में विश्वविद्यालय स्तर या विश्वविद्यालय स्तर के उपर के लेवल के लोग ही शामिल होते हैँ, दूसरा कोई इसमें शामिल नहीं हो सकता, जबकि अजय कुमार न तो किसी विश्वविद्यालय से जुड़े हैं और न ही विश्वविद्यालय स्तर के उपर के व्यक्ति ही हैं, फिर भी इनका प्रज्ञा प्रवाह से जुड़ना और भैयाजी जोशी के कार्यक्रम में शामिल होना संदेह को जन्म दे चुका हैं।

सूत्र बताते है, कि हो सकता है कि चूंकि इन दिनों संघ और संघ के कई आनुषांगिक संगठन वर्तमान रघुवर सरकार के क्रियाकलापों से असंतुष्ट है, और वे अपनी विचार संघ के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी के समक्ष रखना चाहते थे, ऐसे में वे कौन-कौन आनुषांगिक संगठन और कौन-कौन से लोग हैं, जो सरकार के खिलाफ भैयाजी जोशी के समक्ष अपनी बातें रख रहे हैं, इसकी जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए, मुख्यमंत्री रघुवर दास ने ही अपने प्रेस एडवाइजर को भैयाजी जोशी के कार्यक्रम में शामिल होने को कहा हो और इसकी व्यवस्था कर दी हो, सेंट्रल यूनिवर्सिटी के अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डा. मयंक रंजन ने।

सूत्र बताते है कि मुख्यमंत्री रघुवर दास के प्रेस एडवाइजर अजय कुमार का संघ के अति महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होना, स्पष्ट करता है कि वर्तमान रघुवर सरकार को न तो अब अपनी पार्टी पर विश्वास रहा और न ही संघ पर, और ऐसी हालात में उन्होंने अपने दूत अजय कुमार को भेजकर ये पता लगाने की कोशिश की जाने लगी कि कहीं संघ के इस बैठक में भी, उन्हें हटाने के लिए कुछ विशेष चर्चा तो नहीं चल रही।

सूत्र बताते है कि केन्द्रीय स्तर पर रघुवर सरकार के खिलाफ बहुत बड़ी नाराजगी चल रही है। जिसका आभास मुख्यमंत्री रघुवर दास को हो चुका है, कभी – भी सरकार पर गाज गिर सकती हैं। हो सकता है कि इन्हीं कारणों से सीएम रघुवर दास ने अपने प्रतिनिधि के रुप में अपने प्रेस एडवाइजर अजय कुमार को भैयाजी जोशी की बैठक में शामिल होने को कहा हो।

सूत्र बताते है कि जिस प्रज्ञा प्रवाह की ओर से, सीएम के प्रेस एडवाइजर अजय कुमार भैयाजी जोशी की बैठक में शामिल हुए, जरा उन्हीं से पूछिये कि पिछले 28-31 अक्टूबर को खेलगांव में प्रज्ञा प्रवाह की अखिल भारतीय प्रांतीय संयोजक बैठक हुई थी, तब उस बैठक में सीएम के प्रेस एडवाइजर अजय कुमार क्यों नहीं पहुंचे थे? उसी बैठक में बिना बुलाए मुख्यमंत्री रघुवर दास, बैठक में शामिल सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय हसबोले से मिलने खेलगांव कैसे और क्यों पहुंच गये?

Krishna Bihari Mishra

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