उषा मार्टिन के हड़ताली कर्मचारियों ने बोनस की मांग को लेकर प्रबंधन का फूंका पुतला, हड़ताल जारी

उषा मार्टिन के हड़ताली कर्मचारियों ने आज अलबर्ट एक्का चौक पर, इंजीनियरिंग मजदूर सभा के बैनर तले, प्रबंधन का पुतला फूंका। अलबर्ट एक्का चौक पर पुतला फूंकने आये मजदूरों का कहना था कि प्रबंधन अस्थायी मजदूरों को बोनस के रुप में 21,000 और स्थायी मजदूरों को 70,000 रुपये बोनस उपलब्ध कराए। इसी बोनस की मांग को लेकर लगभग अस्सी घंटे से उषा मार्टिन के कर्मचारी हड़ताल पर है।

प्रबंधन द्वारा मजदूरों की मांग नहीं सुने जाने से आक्रोशित मजदूरों ने आज जयपाल सिंह स्टेडियम से रैली निकाला, जो मुख्यमार्ग से चलकर अलबर्ट एक्का चौक पहुंचा, रैली में शामिल लोग भाजपा सांसद राम टहल चौधरी और प्रबंधन के खिलाफ नारे लगा रहे थे। इंजीनियरिंग मजदूर सभा के महामंत्री अंजनी कुमार पांडेय का कहना था कि पिछले चार दिनों से हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को झुकाने के लिए प्रबंधन नाना प्रकार का षडयंत्र रच रहा है। कैंटीन, शौचालय बंद कर हड़ताल तुड़वाने का काम हो रहा है। इतना होने के बावजूद भी कोई कर्मचारी हड़ताल तोड़ने के मूड में नहीं है।

उन्होंने कहा कि मजदूरों को कम से कम बोनस के रुप में 8.33 प्रतिशत की दर से स्थायी मजदूरों को 70,000 रुपये और अस्थायी मजदूरों को 21 हजार रुपये उपलब्ध करायी जाये, नहीं तो हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि कंपनी के सीइओ की सम्पति की जांच कराई जाये। माल्या और नीरव मोदी की तरह ये भी विदेश भागने की तैयारी में है।

अंजनी पांडेय ने कहा कि पिछले 30-35 सालों से प्रबंधन और मालिक घड़ियाली आंसू बहाकर, मीठी-मीठी बातें कर मजदूरों को बेवकूफ बनाते रहे हैं। इस कारण उषा मार्टिन के मजदूर एक-एक पैसे के लिए मोहताज हो गये है। इस पुतला दहन कार्यक्रम में कार्यकारी अध्यक्ष धर्मेन्द्र यादव, प्रमोद कुमार, फुलंचद कच्छप, लालधारी कच्छप सहित कई सदस्य मौजूद थे।