6 सितम्बर को SC-ST एक्ट के विरोध में भारत बंद कराने सड़कों पर उतरेगा सवर्ण समाज

कल एससी-एसटी एक्ट के विरोध में सवर्णों ने भारत बंद का ऐलान कर दिया हैं, सर्वाधिक गुस्सा मध्य प्रदेश में दिख रहा हैं, जहां आनेवाले समय में विधानसभा चुनाव होनेवाले हैं, सवर्णों ने साफ कह दिया है कि एससी-एसटी एक्ट के विरोध में इस बार किसी दलों को वे वोट नहीं देंगे, क्योंकि सभी दलों ने एससी-एसटी एक्ट का समर्थन कर दिया हैं, जिसे किसी भी सूरत में सहीं नहीं ठहराया जा सकता।

कल एससी-एसटी एक्ट के विरोध में सवर्णों ने भारत बंद का ऐलान कर दिया हैं, सर्वाधिक गुस्सा मध्य प्रदेश में दिख रहा हैं, जहां आनेवाले समय में विधानसभा चुनाव होनेवाले हैं, सवर्णों ने साफ कह दिया है कि एससी-एसटी एक्ट के विरोध में इस बार किसी दलों को वे वोट नहीं देंगे, क्योंकि सभी दलों ने एससी-एसटी एक्ट का समर्थन कर दिया हैं, जिसे किसी भी सूरत में सहीं नहीं ठहराया जा सकता।

स्थिति इतनी खराब हो गई कि मध्य प्रदेश के कई मंत्रियों ने अपने कार्यक्रम रद्द कर दिये हैं, मुख्यमंत्री शिव राज सिंह चौहान की जनआशीर्वाद यात्रा में पथराव और काले झंडे दिखाना तो आम बात हो गई  हैं। उधर कल ग्वालियर में संपन्न स्वाभिमान सम्मेलन में सुप्रसिद्ध संत देवकी नंदन ठाकुर ने कह दिया कि सरकार एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरुप व्यवस्था लागू करें। दो महीने में समस्या का हल निकाले, नहीं तो हम खुद समस्या का हल ढूंढ निकालेंगे।

इसी बीच मध्यप्रदेश के कई दुकानों, संस्थानों और घरों में कई लोगों ने एक पोस्टर साट रखें हैं, जिसमें लिखा है कि हम सवर्ण हैं कृपया हमसे वोट न मांगे। इधर सवर्णों के बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने ग्वालियर-चंबल संभाग के छः जिलों में धारा 144 लागू कर दिया हैं।

उधर दिल्ली में भाजपा के बड़े नेताओं के सवर्णों के इस गुस्से के कारण हाथ-पांव फूलने लगे हैं, क्योंकि कभी ये कांग्रेस के परंपरागत वोट माने जाते रहे थे, जो फिलहाल भाजपा में शिफ्ट हो गये, पर अगर भाजपा से ये वोट दूसरे जगह शिफ्ट हुआ या इनलोगों ने नोटा दबाएं या चुनाव में सक्रियता नहीं दिखाई तो भाजपा की मिट्टी पलीद होनी तय हैं।

इधर कल की बंद को करणी सेना ने भी अपना समर्थन दे दिया हैं, जयपुर से खबर है कि एससी-एसटी बिल के विरोध में सर्व समाज की ओर से 6 सितम्बर को राजस्थान बंद का ऐलान किया गया हैं। सर्व समाज समिति की मंगलवार को हुई सभा में यह फैसला लिया गया, जिसमें सभी समाज के संतों ने समर्थन देने का ऐलान किया। इस सभा में राजपूत महासभा, कायस्थ महासभा, यादव समाज, वैश्य सभा, गुर्जर महासभा, परशुराम सेना, ब्राह्मण महासभा सहित अनेक संस्थाओं के लोगों ने भाग लिया।

बिहार में भी कल सवर्णों के भारत बंद का असर दिखेगा, इसके लिए विभिन्न सोशल साइटों से धुआधार प्रचार जारी हैं। सवर्ण सेना के राष्ट्रीय संयोजक भागवत शर्मा ने सभी से इस बंद को सफल बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार पूरे देश को तोड़ने का प्रयास कर रही हैं, सरकार एससी-एसटी एक्ट के माध्यम से सवर्ण समाज एवं पिछड़ा समाज का शोषण करने में लगी हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।

इधर झारखण्ड में भी मुख्यमंत्री रघुवर दास के ब्राह्मण विरोधी बयानों से ब्राह्मणों का आक्रोश खत्म नहीं हुआ हैं, गढ़वा-डालटनगंज तथा झारखण्ड के अन्य स्थानों पर इसके खिलाफ ब्राह्मणों ने अपना गुस्सा भी, पिछले दिनों प्रकट किया था, कल के भारत बंद का झारखण्ड में भी असर देखने को मिलेगा, ऐसा कहा जा रहा हैं, जबकि चुनाव कभी भी हो, विधानसभा या लोकसभा, दोनों में इस बार ब्राह्मण समुदाय ने भाजपा को सबक सिखाने का निर्णय ले लिया हैं।

Krishna Bihari Mishra

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