झामुमो पहुंचा माली गंगटी गांव, डीसी से मिलकर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को कहा

राजमहल के झामुमो सांसद विजय हांसदा, कल गोड्डा के माली गंगटी गांव पहुंचे, जहां अडानी पावर के लोगों द्वारा आदिवासियों द्वारा लगाई गई धान की फसल को जमीन अधिग्रहण के क्रम में पिछले दिनों रौंद डाला गया था, जब अपनी धान की फसल को रौंदता हुआ देख, अपनी मेहनत को बर्बाद होता देख, वहां की आदिवासी महिलाओं ने इन अडानी पावर के लोगों के पैरों पर सर रखकर, ऐसा न करने को कहा, फिर भी किसी का दिल नहीं पसीजा,

राजमहल के झामुमो सांसद विजय हांसदा, कल गोड्डा के माली गंगटी गांव पहुंचे, जहां अडानी पावर के लोगों द्वारा आदिवासियों द्वारा लगाई गई धान की फसल को जमीन अधिग्रहण के क्रम में पिछले दिनों रौंद डाला गया था, जब अपनी धान की फसल को रौंदता हुआ देख, अपनी मेहनत को बर्बाद होता देख, वहां की आदिवासी महिलाओं ने इन अडानी पावर के लोगों के पैरों पर सर रखकर, ऐसा न करने को कहा, फिर भी किसी का दिल नहीं पसीजा, जिसका विडियो वायरल पूरे देश में हुआ, जिस पर कई लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की तथा इसे मानवीय मूल्यों के खिलाफ बताया।

जब इस बात की जानकारी झामुमो नेता विजय हांसदा को मिली, वो अपने शिष्टमंडल के साथ माली गंगटी गांव पहुंचे और वहां के लोगों का दर्द सुना, साथ ही वस्तुस्थिति की जानकारी ली। जब विद्रोही 24.कॉम ने इस संबंध में विजय हांसदा से बातचीत की, तब उनका कहना था कि भूमि अधिग्रहण चलता रहता हैं, पर जिस प्रकार से भूमि अधिग्रहण यहां की जा रही हैं, वह शर्मनाक हैं। खेत में लगी फसल को नष्ट करते हुए जमीन का अधिग्रहण, आदिवासी महिलाओं की एक न सुनना, इसे किसी भी प्रकार से न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता।

उन्होंने विद्रोही 24.कॉम को बताया कि वे इस संबंध में गोड्डा के उपायुक्त से मिलकर बातचीत की और ग्रामीणों का पक्ष रखा, साथ ही अमानवीय कृत्य करनेवाले दोषी अधिकारियों को दंडित करने की मांग की, उन्होंने कहा कि गोड्डा के माली गंगटी में जो कुछ हुआ, उसे किसी भी हालत में सही नहीं ठहराया जा सकता, उसका एकमात्र समाधान हैं, कि जिन्होंने गलतियां की, उन दोषियों को सजा दी जाय।

इधर माली गंगटी गांव को लेकर, नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन ने भी गंभीर टिप्पणी की है, उनका कहना है कि इस मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के शासनकाल में कानून तो ध्वस्त हो चुका था, अब मानवता और इंसानियत की भी लूट होने लगी है, बड़े पूंजीपतियों के हाथों से।

Krishna Bihari Mishra

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