अपराध

UIDAI  का बयान – मृत संतोषी के परिवार के पास था ‘आधार’

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण की अगर बात माने, तो उसका कहना है कि सिमडेगा के जिस 11 वर्षीया संतोषी की भूखमरी से मौत हुई, उस परिवार के पास आधार था।  अब बात ये आती है कि जब उक्त परिवार के पास आधार कार्ड था, फिर भी उस परिवार को अनाज क्यों नहीं मिल रहे थे?

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने कहा है कि ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी, जिन्होंने राशन कार्ड आधार से लिंक नहीं होने का कारण बताकर उक्त संतोषी के परिवार को सरकारी लाभ देने से इनकार कर दिया। ज्ञातव्य है कि पूर्व में यह कहा जा रहा था कि चूंकि उक्त परिवार का राशन कार्ड आधार से लिंक नहीं था, जिसके कारण उसका राशन कार्ड रद्द कर दिया गया, तथा इस कारण उसे अनाज नहीं मिल रहा था।

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के सीईओ अजय भूषण पांडे ने कहा है कि संतोषी के परिवार के पास आधार कार्ड वर्ष 2013 से ही उसके पास है, इसलिए आधार की वजह से उसे अनाज नहीं मिला, यह कहना ठीक नहीं है। अब चूंकि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने क्लियर कर दिया कि संतोषी के परिवार के पास आधार कार्ड मौजूद था तब राज्य सरकार बताये कि अब वह इस पर क्या कहेगी? स्वयं को बचाने के लिए उसके अधिकारी या नेता अब कौन सा बयान बदलेंगे?

भूख से बिलबिलाकर मर गई संतोषी के पाप से मुक्त होने के लिए अब कौन सा पाप अपनायेगी? हालांकि राज्य सरकार ने जिन पर आरोप है, उन्हीं से जांच कराकर का अपना रोल पूरा कर चुकी है, केन्द्र अपनी ओर से जांच करा रहा है, क्या माना जाये कि संतोषी और उसके परिवार को न्याय मिलेगा और आनेवाले समय में फिर कोई संतोषी भोजन के अभाव में नहीं दम तोड़ पायेगी, हालांकि बुद्धिजीवी आज भी इस मामले में पूरे सिस्टम का फेल होना बताते है, और इसके लिए वे राज्य सरकार और उनके क्रियाकलापों को दोषी मानते है, पर राज्य सरकार स्वयं को हर प्रकार से दोषमुक्त मानती है।