झारखण्ड संघर्ष यात्रा में उमड़ी भारी भीड़ को देख, हेमन्त ने कहा रघुवर सरकार का अंत निकट

झामुमो के स्टार प्रचारक, नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन पलामू पहुंच गये हैं। उस पलामू में, जहां पांच जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहुंचे थे, मंगल डैम का शिलान्यास करने, प्रधानमंत्री की सभा में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे, और उस सभा में लोगों की भीड़ लाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने एड़ी-चोटी एक कर दी थी, पर हेमन्त सोरेन के इस संघर्ष यात्रा में लोग खुद ब खुद आ रहे हैं,

झामुमो के स्टार प्रचारक, नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन पलामू पहुंच गये हैं। उस पलामू में, जहां पांच जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहुंचे थे, मंगल डैम का शिलान्यास करने, प्रधानमंत्री की सभा में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे, और उस सभा में लोगों की भीड़ लाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने एड़ी-चोटी एक कर दी थी, पर हेमन्त सोरेन के इस संघर्ष यात्रा में लोग खुद ब खुद आ रहे हैं, आवश्यकता से अधिक भीड़ जुट रही हैं, लोग हेमन्त को देखने और सुनने भारी संख्या में जुट रहे हैं, दरअसल ये भीड़ राज्य सरकार के खिलाफ फैले असंतोष का प्रकटीकरण है, शायद उन्हें लग रहा है कि हेमन्त सोरेन और उनकी पार्टी झामुमो उनके लिए बेहतर कर सकती है। लोगों के चेहरे पर फैली मुस्कुराहट सब कुछ बयान कर दे रही है।

सर्वप्रथम हेमन्त सोरेन पलामू स्थित नीलाम्बर-पीताम्बर की प्रतिमा के समक्ष पहुचते हैं, उन्हें माल्यार्पण करते है, उनकी प्रतिमा के सामने सर झुकाते हैं तथा आशीर्वाद पाने की इच्छा तथा जनकांक्षाओं के अनुरुप उनकी सोच हो, ऐसे मन में उनके भाव स्पष्ट दीख रहे हैं, यहां भी लोगों की भारी भीड़ हैं, जो स्वतः पहुंची हैं, झामुमो कार्यकर्ताओं ने मेहनत किया है, शायद हेमन्त सोरेन को भी इस बात का भान हो चुका है, कि जनता परिवर्तन के मूड में है, वे हाथ हिलाकर झारखण्डी जनता का अभिवादन स्वीकार करते हैं।

वे इसी दौरान आगे बढ़ते हुए, एक जनसभा को संबोधित करते है, वे कहते है कि वर्तमान रघुवर सरकार, झारखण्ड को बर्बाद करने पर तुली है, यह सरकार आदिवासी-मूलवासी ही नहीं, बल्कि जो भी व्यक्ति झारखण्ड से प्रेम करता है, उसके सपनों को तोड़ रही है। खुद को मजदूर बतानेवाले मुख्यमंत्री मजदूरों के हक को उद्योगपतियों के हवाले कर दे रहे हैं, जिसे झामुमो किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगा। झामुमो आज भी यहां के लोगों के साथ उतनी ही मजबूती से खड़ा है, जितना कल खड़ा था।

वे संघर्ष यात्रा के दौरान यातायात नियमों का भी पालन करते हैं, वे बाइक भी चलाते हैं तो हेलमेट पहनते हैं और दूसरों को भी पहनाने की कोशिश करते है, ये नहीं कि मुख्यमंत्री रघुवर दास की तरह, दूसरों के लिए हेलमेट पहनने-पहनाने का आदेश और खुद के लिए आदेश का पालन नहीं। उनकी यात्रा में हर वर्ग के लोग शामिल हो रहे हैं, बड़ी संख्या में महिलाएं-पुरुष, युवा-युवतियां बड़े गर्मजोशी से हेमन्त सोरेन का स्वागत कर रही हैं, साथ ही सहयोग देने का ऐलान कर रही है, अगर ये भीड़ पैमाना हैं तो समझिये पलामू में भी झामुमो ने झंडा गाड़ दिया है, भाजपा के लिए पलामू में अब मुश्किल खड़ा हो सकता है।

आगे चलकर बकोरिया कांड की शिकार कुछ लोग हेमन्त सोरेन से मिलते है, तथा उनसे न्याय के पक्ष में खड़ा होने तथा न्याय दिलाने की मांग करते है, जिस पर हेमन्त सोरेन, रघुवर सरकार पर हमले करने से भी नहीं चूकते, वे कहते है कि जिस प्रकार से बकोरिया में राज्य सरकार ने अपना क्रूर चेहरा दिखाया है, रघुवर सरकार का अंत निकट है।

Krishna Bihari Mishra

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Sat Jan 12 , 2019
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