7 बच्चों के नामांकन नहीं होने पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने धनबाद के DC से मांगा जवाब

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने धनबाद के उपायुक्त ए डोड्डे को पत्र लिखकर धनबाद में EWS वर्ग के सात बच्चों के नामांकन नहीं किये जाने तथा शिक्षा के अधिकार अधिनियम की धारा 12 (1)(सी) के उल्लंघन पर पन्द्रह दिनों के अंदर जवाब मांगा है। यह पत्र राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के रजिस्ट्रार जे पति ने उपायुक्त धनबाद को लिखी है।

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने धनबाद के उपायुक्त ए डोड्डे को पत्र लिखकर धनबाद में EWS वर्ग के सात बच्चों के नामांकन नहीं किये जाने तथा शिक्षा के अधिकार अधिनियम की धारा 12 (1)(सी) के उल्लंघन पर पन्द्रह दिनों के अंदर जवाब मांगा है। यह पत्र राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के रजिस्ट्रार जे पति ने उपायुक्त धनबाद को लिखी है।

जिसकी एक प्रति धनबाद के हास्पिटल कालोनी डूमरा में रहनेवाले महेश कुमार को भी दी गई है। बताया जाता है कि इस संबंध में महेश कुमार ने ही राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से पत्राचार किया था। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के यहां से यह पत्र 11 जनवरी 2019 को जारी की गई है।

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने धनबाद के उपायुक्त को पत्र लिखकर इस बात का जिक्र किया है कि डूमरा हास्पिटल कालोनी के महेश कुमार ने आयोग को सूचना दी है कि TATA DAV School ने EWS कैटगरी के सात बच्चों को यूकेजी में नामांकन करने से इनकार कर दिया है। यह शिकायत भरा पत्र मेल के जरिये आयोग को सात जनवरी 2019 को प्राप्त हुआ है। ऐसे में आप इन तीन प्रश्नों का उत्तर आयोग को शीघ्र उपलब्ध कराये। प्रश्न इस प्रकार है –

  1. क्या स्कूल ने सात बच्चों को आरटीई अधिनियम, 2009 की धारा 12 (1) (सी) के तहत प्रवेश देने से इनकार किया है?
  2. स्कूल में पिछले वर्ष और वर्तमान चल रहे वर्ष में आरटीई अधिनियम 2009 की धारा 12 (1) (सी) के तहत कितने बच्चों का एडमिशन लिया गया है?
  3. स्थानीय अधिकारियों द्वारा इस मामले में क्या कदम अब तक उठाये गये हैं?

Krishna Bihari Mishra

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