मिलिये झूठ बोलनेवाली रघुवर सरकार से, जिसे सिल्ली में आयोजित ‘गूंज महोत्सव’ की जानकारी ही नहीं

सारी दुनिया को पता है। पूरे देश को पता है। राज्य का बच्चा-बच्चा जानता है। सुदेश महतो की भक्ति में लीन रहनेवाले राज्यों से प्रकाशित होनेवाले अखबारों व चैनलों को पता हैं। इस कार्यक्रम में भाग लेने आई सुप्रसिद्ध बॉक्सर मेरी कॉम तथा पैसों के लिए अपनी कविता पेश करने के लिए रांची पधारनेवाले देश के विभिन्न स्थानों से आनेवाले कवियों को पता हैं, पर राज्य की रघुवर सरकार को पता ही नहीं कि रांची के सिल्ली में गूंज महोत्सव हुआ है।

सारी दुनिया को पता है। पूरे देश को पता है। राज्य का बच्चा-बच्चा जानता है। सुदेश महतो की भक्ति में लीन रहनेवाले राज्यों से प्रकाशित होनेवाले अखबारों व चैनलों को पता हैं। इस कार्यक्रम में भाग लेने आई सुप्रसिद्ध बॉक्सर मेरी कॉम तथा पैसों के लिए अपनी कविता पेश करने के लिए रांची पधारनेवाले देश के विभिन्न स्थानों से आनेवाले कवियों को पता हैं, पर राज्य की रघुवर सरकार को पता ही नहीं कि रांची के सिल्ली में गूंज महोत्सव हुआ है।

है न घोर आश्चर्य। दरअसल ये बात की जानकारी तब मिली, जब झामुमो की सिल्ली विधायक सीमा देवी ने इस संबंध में कुछ लिखित सवाल राज्य सरकार के पर्यटन, कला संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग से पूछ डाले और उसका जवाब कुछ इस प्रकार से मंत्री की ओर से दिया गया, जो आश्चर्य करनेवाला था।

सीमा देवी का पहला सवाल था कि क्या यह बात सही है कि रांची जिलान्तर्गत सिल्ली प्रखण्ड स्थित स्व. सुनील महतो एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम में गत 18, 19 एवं 20 दिसम्बर 2018 को गूंज महोत्सव के आयोजन में लगभग 3000 छऊ नृत्य कलाकारों द्वारा नृत्य किया गया। मंत्री का जवाब था – जानकारी उपलब्ध नहीं है।

सीमा देवी का दूसरा सवाल था कि क्या यह बात सही है कि उक्त कार्यक्रम के आयोजन के लिए विभाग द्वारा अनुमति दी गई है तथा कार्यक्रम के आयोजन से मैदान में लगे कृत्रिम घास के साथ राजस्व की भी क्षति हुई है? मंत्री का जवाब था कि विभाग अथवा विभाग के अधीनस्थ किसी भी कार्यालय/प्राधिकार से अनुमति प्रदान नहीं की गई है।

अब सवाल उठता है कि जब विभाग अथवा विभाग के अधीनस्थ किसी भी कार्यालय/प्राधिकार से अनुमति मिली ही नहीं, तो इतना बड़ा आयोजन कैसे हो गया, किसके इशारे पर हो गया, इसके लिए दोषी कौन है, और उसे क्या सजा मिलनी चाहिए?

कहीं ऐसा तो नहीं कि ये गूंज महोत्सव की अनुमति पिछले दरवाजे से इसलिए दे दी गई कि ये सत्तारुढ़ सरकार में शामिल एक पार्टी के लोगों का महोत्सव था और जब सत्तारुढ़ दल के लोगों का कार्यक्रम हो, तो क्या नियमों की धज्जियां उड़ाने का प्रावधान सरकार द्वारा बनाये गये है?

आश्चर्य इस बात की है कि गूंज महोत्सव के दूसरे दिन किसानों के लिए समर्पित कार्यक्रम में कृषि मंत्री रणधीर कुमार सिंह भी मौजूद थे और मौजूद थे कृषि विभाग से संबंधित वरीय अधिकारी। स्वयं कृषि मंत्री रणधीर सिंह ने इस कार्यक्रम के दौरान सुदेश महतो की जमकर तारीफ भी की थी, और फिर भी बजट सत्र के दौरान सदन में एक जनप्रतिनिधि द्वारा पूछे गये सवाल का, जिम्मेदारी पूर्वक जवाब नहीं दे पाना, क्या बताता है कि सरकार न तो सदन के प्रति जिम्मेदार हैं और न ही वह जनता से जुड़े सवालों का सही उत्तर देने में विश्वास रखती है।

चलिए सीमा देवी की इस बात के लिए तो प्रशंसा करनी ही पड़ेगी, कि उन्होंने सदन में सरकार का असली चेहरा उतार कर रख दिया, और जनता भी जान गई कि हाथी के दांत दिखाने के और और खाने के कुछ और है, क्योंकि सदन में अभी हाथी उड़ानेवाली सरकार ‘हां पक्ष’ में बैठी है, और यह जब तक रहेगी, ऐसा ही होगा, केवल बोलने के लिए पारदर्शी सरकार और भ्रष्टाचारमुक्त सरकार है, पर कितनी पारदर्शिता ये जनता के समक्ष रख रही है, वो तो सदन में मंत्री के उत्तर ही बता दे रहे हैं।

Krishna Bihari Mishra

Next Post

7 बच्चों के नामांकन नहीं होने पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने धनबाद के DC से मांगा जवाब

Tue Jan 22 , 2019
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने धनबाद के उपायुक्त ए डोड्डे को पत्र लिखकर धनबाद में EWS वर्ग के सात बच्चों के नामांकन नहीं किये जाने तथा शिक्षा के अधिकार अधिनियम की धारा 12 (1)(सी) के उल्लंघन पर पन्द्रह दिनों के अंदर जवाब मांगा है। यह पत्र राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के रजिस्ट्रार जे पति ने उपायुक्त धनबाद को लिखी है।

Breaking News