राजनीति

सवर्णों के भारत बंद का सर्वाधिक असर बिहार और मध्य प्रदेश में, राजनीतिक दलों ने साधी चुप्पी

एससी-एसटी एक्ट के विरोध में सवर्णों का आज भारत बंद जारी है। भारत बंद का सर्वाधिक असर मध्यप्रदेश और बिहार में देखने को मिल रहा है। आज सबेरे से ही भारत के विभिन्न प्रान्तों में सवर्णों के साथ-साथ विभिन्न जातियों व समुदायों के युवा सड़कों पर उतरे तथा केन्द्र सरकार और विपक्षी दलों के सहयोग से लागू नये एससी-एसटी एक्ट का विरोध किया। कई जगहों पर आगजनी तो कई जगहों पर ट्रेनें रोके जाने की खबर हैं, कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर आगजनी कर यातायात को ठप भी करा दिया गया। बड़ी संख्या में विभिन्न स्थानों से बंद समर्थकों को गिरफ्तार भी किया गया हैं।

बिहार के मोतिहारी के एलएनडी कॉलेज के मुख्य द्वार पर आंदोलनकारियों ने आगजनी की, उधर बोधगया में भी सवर्ण युवाओं ने सड़क जामकर, आगजनी किया। इधर लखीसराय और औरंगाबाद में भी बंद समर्थकों ने आगजनी कर यातायात को ठप कराया। दरभंगा में संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को कई घंटों तक रोके रखा, वहीं मुजफ्फरपुर में भी कई जगहों पर सड़क जाम की स्थिति बन गई, यहीं हाल नवादा, नालंदा और राजगीर में भी देखा गया। यहीं हाल आरा और मधुबनी का भी रहा।

मध्यप्रदेश में भी बंद असरदार देखा जा रहा हैं। खासकर इंदौर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, उज्जैन आदि इलाकों में बंद का जबर्दस्त असर देखा जा रहा हैं। मध्यप्रदेश के ग्वालियर, भिंड, मुरैना सहित मध्यप्रदेश के करीब दस जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है, फिर भी उसका असर यहां देखने को नहीं मिला, यहां बंद स्वत-स्फूर्त देखा जा रहा हैं, ज्ञातव्य है कि गत 2 अप्रैल को इन्हीं इलाकों में दलितों के बंद के दौरान भारी  हिंसा देखी गई थी, जिसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने बंद को देखते हुए, निषेधाज्ञा लागू कर दी।

मध्यप्रदेश के कई मंत्रियों, नेताओं के घरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई हैं, क्योंकि सर्वाधिक गुस्सा लोगों को नेताओं के उपर ही हैं, कि इन्होंने सुप्रीम कोर्ट की बातों को नजरंदाज कर आपाधापी में ऐसे एक्ट सवर्णों और अन्य पिछड़े वर्गों पर लाद दिये, जो आनेवाले समय में जी का जंजाल बन जायेंगे।

उधर उत्तर प्रदेश में भी कई जिलों में बंद अपना असर दिखा रहा है, खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय इलाके वाराणसी में सुबह से ही बंद का असर दीख रहा है, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्रदर्शनकारियों ने हैदराबाद गेट पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पुतला फूंका, छात्रों का कहना था कि केन्द्र सरकार एससी-एसटी एक्ट में किये गये संशोधन को वापस ले, आंदोलनकारियों ने इस दौरान विपक्षी दलों के नेताओं की हरकतों की भी कड़ी आलोचना की। आगरा में भी आज बंद सर्मथक सड़कों पर उतरे, तथा कई जगहों पर बंद कराया, सडक जाम की।

राजस्थान में भी बंद का जबर्दस्त असर देखने को मिल रहा हैं। राजधानी जयपुर के सभी व्यापारियों ने अपनी-अपनी दुकानें आज बंद रखी हैं। शहर के परकोटे, पांचबत्ती और एमआई रोड में कहीं भी दुकानें खुली नहीं दिखी। बंद के मद्देनजर समता आंदोलन के अध्यक्ष पराशर नारायण शर्मा को  हिरासत में ले लिया गया। उधर राजस्थान के भरतपुर, उदयपुर, झुंझनू, कोटपुतली, प्रतापगढ़ आदि इलाकों में बंद का व्यापक असर देखा गया।

इधर झारखण्ड के डालटनगंज में बंद समर्थक सुबह-सुबह सड़कों पर दीखे, पर जैसे ही दिन चढ़ता गया, बंद असरहीन होता दिखता गया, राजधानी रांची समेत झारखण्ड के किसी भी इलाके में भारत बंद का कोई असर नहीं दिखा, यहीं हाल हरियाणा, दिल्ली एनसीआर आदि इलाकों का भी रहा।