देश के पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बन गये, जिन्हें काले रंग से बहुत डर लगता है…

खुद को कभी छप्पन इंच के सीना वाले घोषित करनेवाले हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को, इन दिनों काले रंग से बहुत डर लग रहा है, वे काला रंग देखते ही भड़क जाते हैं, शायद उन्हें लगता है कि कहीं कोई अहित न हो जाये, इसलिए उनकी जहां-जहां अब भाषण, रैलियां या कोई कार्यक्रम आयोजित होता है, उनके सुरक्षा में लगे लोग, इस बात का ध्यान रखते हैं कि पीएम मोदी को कहीं काले रंग से वास्ता न पड़ जाये।

खुद को कभी छप्पन इंच के सीना वाले घोषित करनेवाले हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को, इन दिनों काले रंग से बहुत डर लग रहा है, वे काला रंग देखते ही भड़क जाते हैं, शायद उन्हें लगता है कि कहीं कोई अहित न हो जाये, इसलिए उनकी जहां-जहां अब भाषण, रैलियां या कोई कार्यक्रम आयोजित होता है, उनके सुरक्षा में लगे लोग, इस बात का ध्यान रखते हैं कि पीएम मोदी को कहीं काले रंग से वास्ता न पड़ जाये।

हाल ही में, रांची में 23 सितम्बर को हुई रैली में काले रंग का मोदी पर प्रभाव और उससे उनकी होनेवाली बेचैनी तथा उन प्रभावों और बेचैनी से दूर करने के लिए सुरक्षा में लगे लोगों के विशेष प्रयास तो यहीं बता रहे थे, जहां काले रंग को रोकने के लिए जवान लगाये गये थे, वहां जवानों के इस प्रयास को देखकर किसी ने बड़ी सुंदर चुटकी ली, कि जिस देश के प्रधानमंत्री को काले रंग से इतना डर लगता है, भला वह देश की क्या रक्षा करेगा या देश को क्या दिशा देगा?

कमाल है, कोई लड़की या महिला या युवा काला टी-शर्ट पहनकर आया तो उसे तभी सभास्थल के अंदर जाने दिया गया, जब उसने काले रंग का टी-शर्ट उतार दिया, जिसने नहीं उतारा, उसे अंदर जाने ही नहीं दिया गया। कुछ मुस्लिम महिला जो नकाब पहनकर आई थी, उन्हें भी रोक दिया गया। ओरमांझी से आई एक वृद्ध महिला को इसलिए अंदर नहीं जाने दिया गया, कि वह काले रंग का बैग अपने पास रखी थी।

दूर-दराज से आई लड़कियां और महिलाएं सुरक्षाकर्मियों के इस हरकत से इतनी परेशान हो गई, कि वह पीएम मोदी को भला-बुरा कहते हुए सभा स्थल से निकल गई। सुरक्षाकर्मियों द्वारा काले रंग या काले वस्तुओं से इतनी परहेज को देखते हुए, एक व्यक्ति ने साफ कहा कि वोट देने जाते वक्त मोदी जी क्यों नहीं कह देते कि, काले रंग का कपड़ा या काले रंग का बैग या काले रंग का दुपट्टा पहनने वालों से वोट नहीं लेंगे या उन्हें मतदान केन्द्र तक पहुंचने ही नहीं देंगे। जब उनको काले रंग से इतना ही डर था तो वे जब इतना होर्डिंग और बैनर पर खर्च करते हैं, तो एक लाइन उन्हीं होर्डिंग व बैनरों पर क्यों नहीं लिखवा देते कि उनकी सभा में काले रंग का कोई वस्तु या काला कपड़ा का उपयोग वर्जित है।

भाजपा का ही एक कार्यकर्ता जो काले रंग के कपड़े पहनने का शौकीन था, उसने कहा कि वह भाजपा के कई नेताओं की सभा में गया, कई प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों में भाषण सुनने के लिए गया, पर उसे ऐसी हरकतें देखने को नहीं मिली, जैसा कि आयुष्मान योजना के अंतर्गत उसे देखने को मिला और उसे महसूस हुआ, ये जो भी हो रहा है, वह भाजपा के लिए ही घातक है, क्योंकि कोई भी बेटा, अपनी मां का इस प्रकार अपमान होता, कोई भी भाई अपनी बहन का इस प्रकार अपमान होता नहीं देख सकता, इसकी खामियाजा आज या कल भाजपा को ही भुगतना पड़ेगा, मोदी और उनके भाजपा समर्थकों को गांठ बांधकर रख लेना चाहिए।

इधर काले रंग के वस्त्र पहनकर या काले रंग के बैग को लेकर आई महिलाओं के साथ सुरक्षाकर्मियों की हो रही बक-झक और उनके गुस्से को कांग्रेस के लोगों ने बखुबी विजुयल के तौर पर अपने फेसबुक पेज कांग्रेस के विद कांग्रेस पेज पर दिनांक 26 सितम्बर को सायं 6.30 बजे डाला है, जो खुब वायरल हो रहा है और लोग उस पर अपना मंतव्य भी दे रहे हैं।

Krishna Bihari Mishra

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