भीड़ हिंसा की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री लें और देश की जनता से माफी मांगे – दीपांकर

भाकपा माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने स्वामी अग्निवेश के उपर हुए हमले की तीखी आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि कितना हास्यास्पद है, जिस दिन सर्वोच्च न्यायालय ने भीड़ हिंसा और भीड़ हत्याओं के लिए केन्द्र और राज्य सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए उनकी कड़ी आलोचना की थी, उसी दिन भारतीय जनता युवा मोर्चा के गुंडों की भीड़ ने सांप्रदायिकता विरोधी एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश पर झारखण्ड के पाकुड़ में बर्बर हमला कर दिया।

दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि इस घटना से फिर यह तथ्य उजागर हुआ कि शासक पार्टी के फासिस्ट गिरोहों का कानून के राज, न्यायालयों और पुलिस का भय नहीं हैं और वे बेधड़क अल्पसंख्यकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विरोध के स्वरों पर जानलेवा हमले करते रहेंगे। भीड़ का आतंक पूरे देश में और झारखण्ड समेत सभी भाजपा शासित राज्यों में मोदी राज का विशिष्ट चारित्रिक लक्षण बन गया है, हाल ही में पिछले दिनों केन्द्र में कैबिनेट मंत्री जयन्त सिन्हा ने भीड़ हत्या के सजायाफ्ता अपराधियों का सार्वजनिक सम्मान करके स्पष्ट कर दी।

उन्होंने कहा कि हाल ही में मोदी सरकार एक तथाकथित अनुशासित और राष्ट्रवादी युवा शक्ति को तैयार करने के नाम पर दस लाख युवाओं का एक कैडर गठित करने का प्रस्ताव लाई है, संघ और युवा मोर्चा, हिन्दु युवा वाहिनी, बजरंग दल और तरह-तरह के गोरक्षा दलों जैसे भाजपा के युवा संगठनों द्वारा भीड़, हिंसा व हत्याओं के बीच इस तरह का प्रस्ताव हिटलर और मुसोलिनी की फासिस्ट मिलिशियाओं की याद ताजा कर रहा है।

उन्होंने कहा कि भाकपा माले, अग्निवेश पर हमला करनेवालों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल में डालने और कड़ी सजा देने की मांग करती है। हम मांग करते हैं कि बेतहाशा हो रही भीड़ हिंसा और भीड़ हत्याओं की घटनाओं की विशेषकर भाजपा और संघ के घटक संगठनों के कैडरों द्वारा की जा रही भीड़ हिंसा की घटनाओं के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिम्मेवारी लें और देश की जनता से इसके लिए माफी मांगे।