सुशील कुमार सिंह “मंटू” ने प्रेस क्लब की कार्यशैली पर लगाए सवालिया निशान, AGM में मुद्दा गरमाने की संभावना

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झारखण्ड के वरिष्ठ खेल पत्रकार सुशील कुमार सिंह “मंटू” ने द रांची प्रेस क्लब की मैनेजिंग कमिटी के सभी पदाधिकारियों व सदस्यों को संबोधित करते हुए प्रेस क्लब के अध्यक्ष राजेश सिंह को एक पत्र सौंपा हैं, जो सिर्फ रांची प्रेस क्लब से जुड़े सदस्यों के बीच ही नहीं, बल्कि अन्य लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

सुशील सिंह मंटू ने संभावना व्यक्त की है कि 28 फरवरी को होनेवाले AGM में रांची प्रेस क्लब के अधिकारी प्रेस क्लब के संविधान के एक-दो प्रावधान को बदलने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। उन्होंने रांची प्रेस क्लब के अधिकारियों का इस ओर ध्यान भी आकृष्ट कराया है कि रांची प्रेस क्लब के संविधान की धारा 40 क्या कह रही है…

Article 40 : No alteration or amendment of these articles or any addition there to or deletion there from, shall be made except by two-thirds majority of members present and voting at the General Body Meeting duly convened with a notice of such alteration, amendment, addition or deletion.

सुशील साफ कहते है कि संविधान की धारा में कुछ भी सुधार, हटाना या जोड़ना हो तो इसे करने से पहले सदस्यों को इसके बारे में नोटिस जारी करना अनिवार्य होगा और बैठक में मौजूद 2/3 सदस्यों की अनिवार्यता जरुरी है। सुशील सिंह मंटू ने इन्ही सभी बातों को लेकर, रांची प्रेस क्लब के अध्यक्ष राजेश सिंह से 12 सवाल पूछे हैं, वो सवाल क्या है? सभी सदस्यों को जानना जरुरी है। पत्र इस प्रकार है…

सेवा में,

अध्यक्ष

द रांची प्रेस क्लब, रांची

विषय : 28 फरवरी को प्रस्तावित एजीएम में सवाल पूछने के संदर्भ में।

महाशय,

द रांची प्रेस क्लब के संविधान में विहित प्रावधानों के तहत वार्षिक आम सभा के दौरान मैं कुछ विषयों पर आपका ध्यान आकृष्ट कराना चाहता हूं और इन विषयों पर आपका प्रतिउत्तर की अपेक्षा है।

  1. 15 फरवरी 2018 को आपकी अध्यक्षता में हुई मैनेजिंग कमिटी की बैठक में निर्णय हुआ था कि क्लब 10 हजार रुपये तक के खर्च का कार्य नॉमिनेशन के आधार पर करा सकेगा। इससे ज्यादा राशि का कार्य टेंडर के आधार पर ही कराया जाएगा। मैं जानना चाहता हूं कि प्रेस क्लब द्वारा जारी टेंडर किस प्लेटफॉर्म पर डाले जाते हैं और क्या प्रेस क्लब में 10 हजार से ऊपर का सभी कार्य टेंडर के माध्यम से ही कराया गया है? क्या कमरों की फर्निंशिंग का काम टेंडर से हुआ? क्या होली समारोह/वार्षिकआम सभा के दौरान खाने के वेंडर को काम टेंडर के जरिए दिया गया? क्या जिम के सामान टेंडर के जरिए खरीदे गए?
  2. 28 अप्रैल 2018 को आपकी अध्यक्षता में हुई मैनेजिंग कमिटी की बैठक में निर्णय हुआ था कि क्लब में कैटरिंग की सेवा देनेवाले वेंडर्स से एक मई 2018 से 20 प्रतिशत की राशि ली जाएगी। इस नियम से अब तक क्लब को कितनी आमदनी हुई?
  3. 30 जून 2018 को आपकी अध्यक्षता में हुई मैनेजिंग कमिटी की बैठक में निर्णय हुआ था कि क्लब में किसी भी तरह की सेवा देनेवाले वेंडर्स से 20 प्रतिशत राशि ली जाएगी। इस प्रावधान से विभिन्न वेंडर्स से वर्ष 2018-19, 19-20, व 20-21 में अब तक क्लब को कितनी आय प्राप्त हुई है? किस मानक के साथ प्रेस क्लब 20 प्रतिशत की राशि वसूलता है और इसके लिए जिम्मेवार/जिम्मेदार शख्स कौन है ?
  4. 4 अगस्त 2018 को आपकी अध्यक्षता में हुई मैनेजिंग कमिटी की बैठक में क्लब की नियमावली को मंजूरी दी गयी। नियमावली रिकार्ड में दर्ज है। ये कौन सी नियमावली है? किसलिए बनाई गई? इसकी एक प्रति उपलब्ध कराने की कृपा की जाए।
  5. 13 मार्च 2019 को आपकी अध्यक्षता में हुई मैनेजिंग कमिटी की बैठक में निर्णय हुआ था कि कॉर्पस फंड के लिए शहर के प्रमुख पत्रकारों की कमेटी गठित होगी। इस कमेटी में प्रेस क्लब के अध्यक्ष व सचिव भी शामिल रहेंगे। क्या कारण है कि दो वर्ष गुजर जाने के बाद भी अब तक कॉर्पस फंड के लिए कमेटी का गठन नहीं हो सका?
  6. 1 अप्रैल 2019 को आपकी अध्यक्षता में हुई मैनेजिंग कमिटी की बैठक में निर्णय हुआ था कि क्लब के सदस्यों के घर वैवाहिक या किसी अन्य समारोह के दौरान एक सदस्य के रेफरेंस पर अधिकतम 7 कमरों की बुकिंग 800 रुपये प्रति कमरे की दर पर होगी। इस कैटगरी की बुकिंग सिर्फ सदस्य के अपने परिवार पुत्र-पुत्री, भाई-बहन की शादी या अन्य किसी मांगलिक कार्यक्रम के लिए होगी। इस कैटगरी की बुकिंग के लिए अध्यक्ष और सचिव की मंजूरी जरूरी होगी। महोदय मैं जानना चाहता हूं कि इस नियम का उल्लंघन कर अपने परिवार से इतर किसी दूसरे के लिए क्लब के कितने सदस्यों ने बुकिंग कराई और क्या अध्यक्ष और सचिव दोनों ने उसे अनुमति दी थी? ऐसे बुकिंग में क्या तय दर 800 रुपये के हिसाब से किराया वसूला गया था? क्या क्लब के द्वारा ऐसे बुकिंग के वक्त प्रमाण के तौर पर शादी-विवाह का कार्ड या अन्य कोई दस्तावेज जमा कराया जाता है?
  7. मैनेजिंग कमिटी ने फूड कोर्ट-बार को एक नए वेंडर को सौंपा है। क्या सौंपने की इस प्रक्रिया में क्लब व क्लब के सदस्यों के हितों की रक्षा की गयी है। पिछले वेंडर से फूड आइटम पर 30 प्रतिशत, लिकर पर 20 प्रतिशत व बियर वेवरेजेज पर 10 प्रतिशत छूट देने का करार हुआ था। क्या इस वेंडर से भी करार में उपरोक्त छूट का प्रावधान किया गया है? करार की कॉपी उपलब्ध कराने की कृपा करें।
  8. प्रेस क्लब के वेबसाइट पर मैनेजिंग कमिटी के संरक्षक के तौर पर श्रद्धेय बलबीर दत्त सर का नाम दर्ज है। इस निमित्त फैसला मैनेजिंग कमिटी की किस बैठक में लिया गया? प्रेस क्लब नियमों-परिनियमों से चलने वाली एक निबंधित संस्था है क्या नियमों में संशोधन किया गया? अगर हां तो कब? और नहीं तो क्यों ?
  9. प्रेस क्लब के संविधान के प्रावधान के अनुसार मैनेजिंग कमिटी की लगातार तीन बैठकों में अनुपस्थित रहने पर निर्वाचित पदाधिकारियों-सदस्यों की सदस्यता समाप्त होने का प्रावधान है। अध्यक्ष जी आज तक मैनेजिंग कमिटी के कितने पदाधिकारी व सदस्य इस नियम के अनुसार हटाए गए हैं? अगर नहीं तो क्यों ?
  10. क्लब की वेबसाइट अपडेटेड क्यों नहीं है? वेबसाइट पर संस्था के सदस्यों की सूची 2017 से अपडेट नहीं हुई है, संविधान में कई संशोधन हो गए. लेकिन संविधान भी 2017 से ही चस्पा है। सिर्फ एक चीज बदली है, पुरानी कमेटी के सदस्यों की जगह नहीं कमेटी के सदस्यों के नाम व तस्वीर। क्या प्रेस क्लब के वेबसाइट की प्राथमिकता सिर्फ और सिर्फ मैनेजिंग कमिटी तक ही है या उसकी जवाबदेही आम सदस्यों के प्रति भी है?
  11. प्रेस क्लब के एक सदस्य प्रेस क्लब में कार्यरत स्टाफ भी हैं। ये मामला कॉनफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट का भी बनता है। कृपया इस विषय पर अध्यक्ष की हैसियत से आप त्वरित व उचित कार्रवाई करें और मुझे तथा हाउस को इस विषय से अवगत भी कराएं।
  12. प्रेस क्लब अब तक कितने कार्यक्रमों में सह-प्रायोजक बना है? इससे प्रेस क्लब की आमदनी में कितनी वृद्धि हुई है या नुकसान हुआ? सह प्रायोजक बनने के लिए क्या नियम-उपनियम बनाए गए हैं?

महोदय उपरोक्त विषयों पर बिंदुवार आपके जवाब की प्रतीक्षा है। सधन्यवाद !

सुशील कुमार सिंह “मंटू”,

स्पोर्टस झारखंड डॉट कॉम

सदस्यता संख्या : 365/2017

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