‘जनता को नहीं इन पर ऐतबार, विश्वास खो चुकी मोदी सरकार’

भाजपा की गलत नीतियों से पूरा देश परेशान है, किसान, खेत-खलिहान, गांव-मुहल्ले, एक-एक व्यक्ति की स्थिति दयनीय है, इसलिए अगली बार पूरे देश में एक ही नारा गूंजना चाहिए, ‘जनता को नहीं इन पर ऐतबार, विश्वास खो चुकी मोदी सरकार’। ये बातें आज रांची में पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कही। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि सड़क पर आम जनता तथा सदन में संपूर्ण विपक्ष एक साथ मिलकर सरकारी की जनविरोधी नीतियों का खुलकर विरोध करें।

भाजपा की गलत नीतियों से पूरा देश परेशान है, किसान, खेत-खलिहान, गांव-मुहल्ले, एक-एक व्यक्ति की स्थिति दयनीय है, इसलिए अगली बार पूरे देश में एक ही नारा गूंजना चाहिए, ‘जनता को नहीं इन पर ऐतबार, विश्वास खो चुकी मोदी सरकार’। ये बातें आज रांची में पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कही। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि सड़क पर आम जनता तथा सदन में संपूर्ण विपक्ष एक साथ मिलकर सरकारी की जनविरोधी नीतियों का खुलकर विरोध करें।

सुबोधकांत सहाय का कहना था कि देश हो या राज्य, जहां पर भी भाजपा की सरकार है। इस सरकार ने आम जनता को मूर्ख बनाने का काम किया। सत्ता के मद में चूर इस सरकार ने जनहित के मुद्दे को गौण कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर बजट पर सरसरी निगाहें डाले, तो केन्द्र सरकार के इस बजट में न तो किसान है और न ही मध्यमवर्गीय परिवार। बजट में पूंजीपतियों को खुलकर मदद की गई है, कारपोरेट जगत पर विशेष ध्यान दिया गया, पर आम जनता कहीं भी बजट में नही दिखी।

उन्होंने कहा कि विपक्ष को एकजुट होकर भाजपा के विरुद्ध हल्ला बोल कार्यक्रम चलाने की जरुरत है, क्योंकि जनता इनके कारनामों को देख चुकी है और ये आगे क्या कर सकते हैं, इसका भी जनता को अनुमान हो चुका है। उन्होंने कांग्रेसी कार्यकर्ताओ से कहा कि वे गांव-गांव में जाये तथा सरकार की गलत नीतियों को जनता के बीच रखें, ताकि 2019 में फिर से दुबारा ऐसी सरकार नहीं आ सकें, जो जनता को केवल जुमले के सहारे धोखे में रखे। आज देश व राज्य में काम करनेवाली सरकार चाहिए, न कि जुमलों की सरकार चाहिए।

Krishna Bihari Mishra

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Sun Feb 4 , 2018
आम तौर पर जहां भी सरकार हैं, वहां सरकार आम जनता के हितों का ख्याल करती है, उन पर विशेष ध्यान देती है, पर झारखण्ड में स्थिति उलट है, यहां सरकार जनहित के मुद्दे को हवा में उड़ा देती है, भ्रष्ट व्यक्तियों को बचाने के लिए अपने मंत्री तक के विभागीय इस्तीफे को स्वीकार कर लेती है, विधानसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करा देती है, विपक्ष को महत्व नही देती है, तथा ज्यादातर समय अपने विधायकों को भी झिड़क देती है,

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