राजनीति

शिशिर ने सरसंघचालक और PM से मांगी मदद, औरंगाबाद में CM का पुतला दहन

संघ परिवार को समर्पित युवा शिशिर ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर, उसके उपर दायर किये गये झूठे मुकदमे की गहन जांच कराने तथा दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। उधर बिहार के औरंगाबाद में रघुवर दास के खिलाफ युवा ब्राह्मणों का गुस्सा भड़का, वे सड़क पर उतरे तथा झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास का पुतला फूंका। उधर ओड़िशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने अपने ही कृषि मंत्री दामोदर राउत को बर्खास्त कर दिया, बताया जाता है कि दामोदर राउत ने ब्राह्मणों के खिलाफ अपमानजनक शब्द का प्रयोग किया था।

शिशिर ने लिखा है कि वह धुर्वा रांची का रहनेवाला है। वह संघ परिवार से आता है। वह भाजपा झारखण्ड में सोशल मीडिया प्रकोष्ठ का प्रदेश संयोजक भी रहा है। विगत दस वर्षों से अन्य दायित्वों का भी निर्वहण किया है। पूर्व में वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् का निष्ठावान कार्यकर्ता रहा है, पर विगत एक साल से वह विभिन्न कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उसने लिखा है कि कैसे वह चाय पर चर्चा के दौरान भाजपा को आगे बढ़ाने में उसकी भी भूमिका रही।

उसने लिखा है कि उसका उददेश्य आपको प्रधानमंत्री बनाना था पर इधर उसकी परेशानी तब शुरु हुई, जब उसने वर्तमान मुख्यमंत्री रघुवर दास के कार्यप्रणाली से असंतुष्ट होकर अपने विचार सोशल साइट पर लिखे, क्योंकि मोमेंटम झारखण्ड के दौरान पूरे शहर में रघुवर दास का फोटो टंगा था, पर प्रधानमंत्री की फोटो पूरे शहर से गायब थी। नतीजा यह हुआ कि उसे पार्टी से 6 साल के लिए निलंबित कर दिया गया।

इधर 20 दिसम्बर 2017 को एक राजकुमार जायसवाल नामक व्यक्ति के कहने पर उस पर मानहानि और हिन्दूधर्म के विरोध में लिखकर धार्मिक उन्माद भड़काने का झूठा और राजनीतिक मंशा से एक केस दर्ज कराया गया। शिशिर ठाकुर का कहना है कि न तो वह किसी व्यक्ति को जानता है और न ही कोई पहचान है।

अखबारों के माध्यम से उसे पता चला कि उस पर राजकुमार जायसवाल नामक व्यक्ति ने उस पर आइपीसी धारा 153आ/295आ/298/469/500/501/503/504/505 ग, एयर आइटी की धारा 66/66ए/67  के तहत प्राथमिकी दर्ज करा दी है। शिशिर ठाकुर का कहना है कि वह एक निष्ठावान कार्यकर्ता है, वह राष्ट्रवादी हिन्दू है, कृपया उसे न्याय दिलाएं। शिशिर ने इसकी एक प्रति सरसंघचालक, मुख्य न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय और राज्य के पुलिस महानिदेशक को मेल से भेजी है।

इधर औरंगाबाद के ब्राह्मण समाज ने औरंगाबाद में सीएम रघुवर दास का पुतला फूंका, इनका कहना था कि झारखण्ड के गढ़वा में सीएम ने जो ब्राह्मणों के प्रति अपमानजनक शब्द कहें, वह घोर निन्दनीय है। ब्राह्मण स्वाभिमान सम्मेलन के प्रदेश सचिव सौरभ मिश्र का कहना था कि मुख्यमंत्री को इस प्रकार के अमर्यादित कथन से बचना चाहिए, उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि वे संवैधानिक पद पर बैठे है, और उनसे सब की आशाएं हैं।