आखिर सरयू के आगे झूकी सरकार, राजबाला प्रकरण पर असहमति पर भी लगी मुहर

जिस पूर्व मुख्य सचिव राजबाला वर्मा के कार्यकाल को उत्कृष्ट बताकर रघुवर कैबिनेट ने आभार प्रकट किया गया था, आज उसी प्रकरण पर रघुवर कैबिनेट ने खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय के असहमत होने पर भी अपनी मंजूरी दे दी। ज्ञातव्य है कि रघुवर कैबिनेट ने गत 6 मार्च को राजबाला वर्मा के कार्यकाल को उत्कृष्ट बताकर आभार व्यक्त किया था, जिस पर सरयू राय ने अपनी असहमति जताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया था।

जिस पूर्व मुख्य सचिव राजबाला वर्मा के कार्यकाल को उत्कृष्ट बताकर रघुवर कैबिनेट ने आभार प्रकट किया गया था, आज उसी प्रकरण पर रघुवर कैबिनेट ने खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय के असहमत होने पर भी अपनी मंजूरी दे दी। ज्ञातव्य है कि रघुवर कैबिनेट ने गत 6 मार्च को राजबाला वर्मा के कार्यकाल को उत्कृष्ट बताकर आभार व्यक्त किया था, जिस पर सरयू राय ने अपनी असहमति जताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया था। यहीं नहीं उस दौरान खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने कहा था कि यह रघुवर दास सरकार की सबसे बड़ी भूल हैं, जिसे नजरंदाज नही किया जा सकता।

आज कैबिनेट की बैठक में सरकार की ओर से जारी बयान में बताया गया कि गत 6 मार्च को कैबिनेट की बैठक में पूर्व मुख्य सचिव राजबाला वर्मा के कार्यकाल को उत्कृष्ट बताते हुए, उनके प्रति आभार व्यक्त करने के निर्णय पर मंत्री सरयू राय की असहमति पर अब सहमति बन गई है।

सरकार की ओर से जारी बयान में यह भी कहा गया कि खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने अन्यान्य कार्य में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि 6 मार्च 2018 की बैठक में हुए इस निर्णय को या तो विलोपित किया जाय या इस पर उनकी असहमति दर्ज कराई जाये, जिस पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस मामले में खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय की असहमति दर्ज कराने पर अपनी सहमति दे दी।

इधर सरयू राय ने कैबिनेट सचिव एस के रहाटे को उनकी असहमति दर्ज कराने की प्रक्रिया शीघ्र पुरा करने को कहा, तथा इसकी सूचना सभी जगहों पर संसूचित करने करने की बात कही, जहां कैबिनेट के 6 मार्च के निर्णय का संसूचन हुआ है। ज्ञातव्य है कि इस प्रकरण पर पूर्व में खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए पत्राचार भी किया था। जो विभिन्न अखबारों-चैनलों, पोर्टलों पर सुर्खियां बन गई थी।

Krishna Bihari Mishra

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