राजनीति

झारखण्ड में मगही, भोजपुरी, मैथिली और अंगिका को मिला द्वितीय भाषा का दर्जा

झारखण्ड कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मगही, भोजपुरी, मैथिली तथा अंगिका को झारखण्ड राज्य की द्वितीय भाषा घोषित करने के लिए बिहार राजभाषा (झारखण्ड संशोधन) अध्यादेश 2018 के प्रारुप को स्वीकृति प्रदान कर दी। ज्ञातव्य है कि इससे पूर्व झारखण्ड राज्य में 12 भाषाओं उर्दू, संथाली, मुंडारी, हो, खड़िया, कुरुख (उरांव), कुरमाली, खोरठा, नागपुरी, पंचपरगनिया, बांगला और उड़िया भाषा को द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिया जा चुका है।

मंत्रिपरिषद ने विशिष्ट इंडिया रिजर्व (आदिम जनजाति) बटालियन का मुख्यालय दुमका को परिवर्तित कर पाकुड़ निर्धारित किये जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी। वर्ष 2015 में विशिष्ट इंडिया रिजर्व (आदिम जनजाति) बटालियन का गठन किया गया था। 4 दिसम्बर 2017 को बजट पूर्व संगोष्ठी के उपरांत पाकुड़ में हुए प्रमंडलस्तरीय समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि विशिष्ट इंडिया रिजर्व (आदिम जनजाति) बटालियन का मुख्यालय दुमका से परिवर्तित कर पाकुड़ कर दिया जाय। आज मंत्रिपरिषद् ने स्वीकृति प्रदान कर दी।

झारखण्ड विधानमंडल सदस्यों का वेतन भत्ते और पेंशन नियमावली 2015 में संशोधन को भी मंजूरी दे दी गई। इस संशोधन से पूर्व के प्रावधान पारिवारिक पेंशन 60 हजार रुपये देय होने को संशोधित करते हुए पेंशन की राशि 75 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन की राशि देय होगी। साथ ही झारखण्ड विधानमंडल के माननीय सदस्यों पति/पत्नी दोनों के जीवित नहीं रहने पर उनके आश्रित (बेटे/बेटी) को वयस्क होने तक पूर्व के प्रावधान 60 हजार रुपये देय पेंशन को संशोधित करते हुए 75 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन की राशि देय होगी।

वित्तीय वर्ष 2017-18 में विश्वविद्यालयों हेतु राज्य के प्रत्येक जिले में चरणबद्ध तरीके से बहुउद्देशीय परीक्षा भवन के निर्माण के लिए 48 करोड़ बहत्तर लाख पच्चीस हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। प्रथम चरण 2015-16 तथा 2016-17 में ग्यारह जिलों दुमका, हजारीबाग, धनबाद, बोकारो, चतरा, कोडरमा, गढ़वा, पलामू, प. सिंहभूम, चाईबासा, सरायकेला-खरसावां, एवं गुमला में बहुउद्देशीय परीक्षा भवन के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है।