अभिनन्दन करिये, विजय झा का, जो CM के चहेते विधायक ढुलू महतो के अत्याचारों के आगे सर नहीं झूका रहा

ये आज की भाजपा है, आज की भाजपा में ढुलू महतो जैसे विधायक है, जो समाजसेवियों को भी चुनौती देता है, ढुलू कतरास में रह रहे समाजसेवी विजय झा को चुनौती देता है, वह कहता है जो जिस भाषा में समझेगा, उसे वह उसी भाषा में समझायेगा, कहने का तात्पर्य है कि वह अब ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ और समाजसेवियों को अपने समर्थकों द्वारा विभिन्न केसों में फंसवायेगा,

ये आज की भाजपा है, आज की भाजपा में ढुलू महतो जैसे विधायक है, जो समाजसेवियों को भी चुनौती देता है, ढुलू कतरास में रह रहे समाजसेवी विजय झा को चुनौती देता है, वह कहता है जो जिस भाषा में समझेगा, उसे वह उसी भाषा में समझायेगा, कहने का तात्पर्य है कि वह अब ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ और समाजसेवियों को अपने समर्थकों द्वारा विभिन्न केसों में फंसवायेगा, वह अपने विरोधियों को कमर के नीचे वार करेगा, वह उनके बच्चों पर रेप का झूठा केस करवायेगा और स्वयं दूर से बैठकर इसका आनन्द लेगा।

आखिर ढुलू जैसे लोगों को इतनी ताकत कहां से मिलती है, वो ताकत मिलती है, रांची में बैठे मुख्यमंत्री रघुवर दास जैसे आकाओं से, जिसका वह खुलकर दुरुपयोग करता है, वह धनबाद में बैठे सारे प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को अपने इशारों पर नचाता है, और धनबाद के अधिकारी-पुलिस उसके इशारों पर थिरकते भी हैं, तभी तो धनबाद पुलिस को विजय झा के बेटे के उपर लगे झूठे आरोपों के सारे एविडेंस मिलने के बावजूद, उन लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं करती, जो सही मायनों में दोषी है।

पूरा धनबाद जानता है कि विजय झा के बेटे बिट्टू पर जिस ढुलू महतो के कहने पर जिस महिला ने छेड़खानी और बलात्कार के प्रयास का झूठा आरोप लगाया, उसमें कही कोई दम नहीं, क्योंकि जिस समय का वह महिला जिक्र कर रही हैं, उस समय बिटटू अपने घर पर मौजूद था, लेकिन धनबाद पुलिस को देखिये, वह इस मामले में चुप्पी साधे हुए है, वह इसलिए कि कही उनके माननीय विधायक ढुलू महतो तथा उसके सजातीय मुख्यमंत्री रघुवर दास नाराज न हो जाये।

सूत्र बताते है कि अभी बिट्टू पर लगे आरोप के मामले ठंडे भी नहीं हुए कि ढुलू महतो ने विजय झा के पुश्तैनी जमीन पर नजर गड़ा दी और अपने समर्थकों को उस पर कब्जा करने की हरी झंडी दे दी, पर विजय झा एक अच्छे कानूनी जानकार भी हैं तथा उन्होंने अपने अच्छे कार्यों से पूरे धनबाद ही नहीं, बल्कि जो लोग भी उन्हें जानते है, उनके बीच एक अच्छी पहचान बना रखी है, जो भी उनके साथ इस प्रकार की हो रही हरकत को सुन रहा हैं, वो परेशान हो जा रहा है तथा उसके मुख से यही निकलती है कि जिस व्यक्ति ने धनबाद में भाजपा को खड़ा किया, अब उसी व्यक्ति को भाजपा के लोग चुनौती दे रहे हैं। इधर जैसे-जैसे दिन बीत रहा हैं, विजय झा के पक्ष में लोग खुलकर बोलने लगे हैं, तथा बैठकें भी होने लगी है।

वरिष्ठ समाजसेवी जूबैर आलम तो साफ कहते है कि जिस भी मुस्लिम महिला ने विजय झा के बेटे पर गंदा आरोप लगाया है, अगर वो आरोप झूठा साबित होता है तो यह पूरे मुस्लिम समाज के लिए लज्जाजनक होगा, अगर उसके साथ गलत हुआ था तो उसे अपने मुस्लिम समाज के लोग जैसे इमाम, सदर तथा अन्य बुद्धिजीवियों के पास जाना चाहिए था, पर उसने जिस प्रकार की हरकत की है, उसे सही नहीं ठहराया जा सकता।

इधर कतरास स्थित आर्य व्यायामशाला में सोमवार को गुरुजी दुर्गाराम के नेतृत्व में बैठक हुई। बैठक को संबोधित करते हुए दुर्गाराम ने बताया कि विजय झा एक अच्छे व्यक्ति है जो समाज के कल्याण एवं सामाजिक सरोकार के लिए जाने जाते है। लेकिन कुछ लोगो के इशारे पर उनके पुत्र पर झूठा इल्जाम लगाकर कुछ लोग फंसाना चाहते है, जो आगे  जाकर समाज के लिए अच्छा नहीं है,  कल फिर किसी और व्यक्ति पर भी इल्जाम लग सकता है, ऐसे लोग समाज मे अशांति उत्पन कर सकते हैं।

जिस समय एफआईआर में घटना का समय दर्शाया गया है, उस समय उनके पुत्र घर पर ही मौजूद था जो कि सीसी टीवी कैमरे से साफ दिखाई पड़ रहा है। अतः आर्य व्यायामशाला मांग करती है कि पुलिस प्रशासन इस मामले की जांच निष्पक्षता से करे। बाघमारा में कुछ लोग गरीब लोगों को पैसा का लोभ देकर इस तरह की चाल चलते है। इसके पीछे जिनका भी हाथ हो  पुलिस जांचकर दोषी लोगों पर कार्रवाई करें। मौके पर राजकुमार पाण्डे, माणिक महतो, गोपाल बर्मन, शंकर पासवान, राम हाड़ी, शंकर रजक, जावेद खान, आदि के अलावे दर्जनों लोग  मौजूद थे।

दूसरी ओर कतरास में विजय झा ने सोमवार को एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि कतरास बाजार स्थित मोजा नंबर 239 खाता नंबर 312 प्लॉट न. 69 की जमीन उनकी पैतृक भूमि है जिसे गोचर जमीन बताया जा रहा हैं और यदि 16 सितंबर तक नही मिली तो उस भूमि पर कब्जा करेंगे, ऐसा कुछ लोग कह रहे हैं। विजय झा ने कहा कि उन्हें लगता है कुछ लोगों ने षडयंत्र के तहत वहाँ के भोले भाले ग्रामीणों को बहला फुसलाकर और गुमराह करके अज्ञानता वश तथ्यों को तोड़मरोड़ कर ग्रामीणों को उसकाने का काम किया है।

जिस भूमि को गोचर भूमि बताया जा रहा है, उस भूमि पर एक बार विवाद हुआ था, मामला सिविल कोर्ट भी गया था, लेकिन न्यायालय ने 21.11.2016 को जमीन की डिक्री उनके  परिवार के पक्ष में की थी। उन्होने कहा कि कुछ लोग अपना उल्लू सीधा करने के लिए ग्रामीणों को गुमराह कर रहे हैं। श्री झा ने बताया कि इस बावत उन्होंने पूरे दस्तावेज को बाघमारा डीएसपी कतरास थाना को सौंप दिया है और उन्होनें अंदेशा व्यक्त किया है कि कुछ लोग भोले भाले ग्रामीणों को गुमराह करके उनके पैतृक संपत्ति को क्षतिग्रस्त कर नुकसान पहुँचने का प्रयास कर सकते है, अतः उनके पैतृक संपत्ति को उपद्रवियों से बचाया जाए।

Krishna Bihari Mishra

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