लौट के बुद्धु घर को आये…

जनाब झारखण्ड के शहंशाह रघुवर दास चेक और जापान की अपनी साप्ताहिक विदेश यात्रा पूरी कर रांची लौट आये है। शहंशाह के चहेते अमित खरे, सुनील बर्णवाल, राजबाला वर्मा और अन्य अधिकारी भी रांची लौट कर, अपनी थकान मिटाने में लगे हैं। भारतीय परंपराओं में जैसे कोई व्यक्ति तीर्थयात्रा करके लौटता हैं तो अपने घर में भंडारा कराकर, ब्राह्मणों को यथोचित दान-दक्षिणा देकर, अपनी तीर्थयात्रा का समापन करता है।

जनाब झारखण्ड के शहंशाह रघुवर दास चेक और जापान की अपनी साप्ताहिक विदेश यात्रा पूरी कर रांची लौट आये है। शहंशाह के चहेते अमित खरे, सुनील बर्णवाल, राजबाला वर्मा और अन्य अधिकारी भी रांची लौट कर, अपनी थकान मिटाने में लगे हैं। भारतीय परंपराओं में जैसे कोई व्यक्ति तीर्थयात्रा करके लौटता हैं तो अपने घर में भंडारा कराकर, ब्राह्मणों को यथोचित दान-दक्षिणा देकर, अपनी तीर्थयात्रा का समापन करता है। ठीक उसी प्रकार झारखण्ड के जहांपनांह, शहंशाह सीएम रघुवर दास, रांची लौटते ही, आधुनिक ब्राह्मण रुपी अखबारों-चैनलों को विज्ञापन रुपी दक्षिणा देकर मुंह बंद कर दिया है, जिस कारण ये आधुनिक ब्राह्मणरुपी चैनल-अखबार वाले झारखण्ड के इस शहंशाह की जय-जय कर रहे हैं, ठीक उसी प्रकार जैसे भंडारा की समाप्ति और उसके बाद प्राप्त दक्षिणा फलस्वरुप, ब्राह्मणों का समूह यजमान को आशीर्वाद देकर उन्हें अनुगृहीत करता हैं।

अगर झारखण्ड के शहंशाह के इस जापान और चेक की साप्ताहिक यात्रा पर सरसरी निगाहें डाले, तो साफ पता चलता है कि यह यात्रा केवल ऐश-मौज करने के सिवा कुछ भी नहीं था। चेक और जापान यात्रा से लौटने के बाद जो एक पेज का आज विज्ञापन मुख्यमंत्री रघुवर दास के सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग ने जनता की आंखों में धूल झोंकने के लिए समाचार के रुप में प्रकाशित कराया है, उसे पूरे ध्यान से पढ़ने के बाद, साफ पता चल जाता है कि वहां रघुवर दास ने इस लोकोक्ति को सार्थक किया कि आये थे हरि भजन को ओटन लगे कपास यानी गये थे निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए और वहां करने लगे कुछ, क्योंकि इनके पास करने को कुछ था ही नहीं, ले-देकर कुछ लोगों ने तो इनके शराबवाली फोटो को ही इस प्रकार पेश कर दिया, जिससे इनकी इज्जत जाते-जाते बची।

जरा अखबार देखिये। एक ने समाचार के रुप में विज्ञापन छापा है। सबसे उपर में मोटे-मोटे अक्षरों में हेंडिंग लिखा है सीएम रघुवर दास चेक गणराज्य व जापान से सौगात के साथ वापस लौटे निवेशकों को बुलाया झारखण्ड। सच्चाई यह हैं कि कोई सौगात इन्हें नहीं मिला है और न कोई निवेशक यहां आने को तैयार है, क्योंकि कोई भी उद्योग लगेगा तो उसके लिए अच्छी सड़कें और बिजली उसकी पहली प्राथमिकता हैं, जो झारखण्ड में ही नहीं। दूसरी हेंडिग देखिये – टॉस कुरिम संग एचइसी का ज्वाइंट वेंचर संभव, तीसरी हेडिंग देखिये – चेक कंपनी होम क्रेडिट झारखण्ड में करेगी निवेश तीन कंपनियों के साथ एमओयू संभव रांची में खुलेगी आइटी यूनिवर्सिटी स्मार्ट सिटी और मेट्रो रेल का भी दिया प्रस्ताव इसी प्रकार और कई हेडिंगों से चेक व जापान यात्रा के माध्यम से झारखण्ड के शहंशाह सीएम रघुवर दास ने अपना चेहरा चमकाने की कोशिश की है, पर जो यहां की जनता है, वह इतनी भी बेवकूफ नहीं, जो सीएम रघुवर दास और उनके चहेतों के इस मूर्ख बनाने की कला से परिचित न हो।

बुद्धिजीवियों का कहना है कि यह विज्ञापन ही बताता है कि सरकार संभावनाओं पर अपना जीवन तलाश रही है, चेक व जापान के प्रतिनिधियों ने इन्हें कोई भाव नहीं दिया, केवल हर जगह ये प्रस्ताव दिये है, उन प्रस्तावों पर काम होगा या नहीं, ये भविष्य तय करेगा, पर इतना तय है कि झारखण्ड के सीएम रघुवर दास और उनके चहेतों के इस यात्रा से झारखण्ड को कुछ भी प्राप्त नहीं होने जा रहा।

सूत्र ये भी बताते है कि फरवरी 2017 में मोमेंटम झारखण्ड के आयोजन के पहले भी तो सीएम रघुवर दास और उनकी चेहतों की टीम भारत के विभिन्न शहरों और विदेशों की यात्रा की थी, जरा मुख्यमंत्री रघुवर दास बताये कि नौ महीने मोमेंटम झारखण्ड के होने जा रहे हैं, विदेश की कितनी कंपनियों ने झारखण्ड में रुचि दिखाई। अरे छोड़ियें ये सरकार यहीं सिर्फ बता दे कि देश के ही कितनी प्रमुख कंपनियों ने जो यहां एमओयू किये और यहां उद्योग लगाये। यहां तो जनता की आंखों में धूल झोंकने का काम हो रहा हैं, जितना धूल झोंक सको, रही बात यहां कार्यरत आइएएस अधिकारियों की तो वे तो अब अवकाश प्राप्त करने के समय से गुजर रहे हैं, उनका फिलहाल काम चेहरा चमकाना, अखबारों व चैनलों में ज्यादा से ज्यादा स्थान पाना, ताकि 2019 में होनेवाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में ज्यादा सीट लानेवाली पार्टी का दामन पकड़कर लोकसभा और विधानसभा में कब्जा जमाया जास सकें, क्योंकि ये इन बातों पर ज्यादा विश्वास करते है कि देश सेवा और राज्य सेवा गया भाड़ में, अपनी सेवा से मौका मिलेगा तभी न देश सेवा होगा।

Krishna Bihari Mishra

One thought on “लौट के बुद्धु घर को आये…

  1. I feel your thoughts are like Fire. I never seen such kind of News Reporter in my Entire Life. I salute you and your Guts. Very Nice Job Sir. we all Jharkhand people needs like you reporter who understands value of his pen. Your pen have power which make us feel proud on you. Thanks a lot sir. Wish to meet you personally and take Selfie with you.

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