भारतीय जनता पार्टी की प्रदेशस्तरीय कार्यसमिति की बैठक में नहीं मिला महिलाओं को सम्मान

भारतीय जनता पार्टी संसदीय व्यवस्था में बार-बार महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की बात करती है, पर सच मानिये तो वह खुद भी नहीं चाहती कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्राप्त हो, क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो फिर हर जगह महिला ही महिला दीखेंगी, पुरुषों का वर्चस्व ही समाप्त हो जायेगा। जरा देखिये रांची के हरमू में स्थित स्वागतम सामुदायिक भवन में क्या हो रहा है?

भारतीय जनता पार्टी संसदीय व्यवस्था में बार-बार महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की बात करती है, पर सच मानिये तो वह खुद भी नहीं चाहती कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्राप्त हो, क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो फिर हर जगह महिला ही महिला दीखेंगी, पुरुषों का वर्चस्व ही समाप्त हो जायेगा। जरा देखिये रांची के हरमू में स्थित स्वागतम सामुदायिक भवन में क्या हो रहा है?

यहां भाजपा के राष्ट्रीय स्तर के नेता जैसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ, भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बड़े-बड़े कट आउट लगे हैं, पर इन कट आउटों में राष्ट्रीय स्तर की एक भी महिला नेत्रियों के कट आउट नहीं है, जबकि एक तरह से देखा जाये तो विदेश मंत्रालय संभाल रही सुषमा स्वराज और हाल ही में रक्षा मंत्री बनी निर्मला सीतारमण मे अपने कार्यप्रणालियों से देश और विदेश दोनों में ख्याति प्राप्त की और देश का मान बढ़ाया, पर झारखण्ड में बैठे भाजपा नेताओं को लगता है कि राष्ट्रीय स्तर के इन दोनों महिला नेत्रियों का यहां कोई काम नहीं, इसलिए सम्मान तो दूर कट आउट लगाना भी उचित नहीं समझा।

यहीं नहीं मंच पर भी पुरुष नेताओं का जमावड़ा दिखा। प्रदेशस्तरीय महिला नेत्रियों में एक भी इनके पास महिला नेता नहीं मिली, जो प्रदेश कार्यसमिति की इस बैठक में मंच पर आरुढ़ होने के लायक हो, जबकि आम तौर पर सभी राजनीतिक दलों में जो महिला मोर्चा संभाल रही होती हैं, उन्हें सम्मान के तौर पर मंच पर महिला वर्ग का प्रतिनिधित्व हो, इस उद्देश्य से जगह दिया जाता है।

हमें याद है कि एक समय था, जब भारतीय जनता पार्टी में राजमाता विजया राजे सिंधिया हुआ करती थी। उस समय भाजपा का होर्डिंग हो या बैनर। अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के साथ-साथ विजया राजे सिंधियां का भी फोटो दिखा करता था। भाजपा की रैली हो या राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक या प्रदेशस्तरीय कार्यसमिति की बैठक, जब भाजपा के बड़े-बड़े नेताओं के कट आउट बनते थे, तो उसमें विजया राजे सिंधिया की कट आउट बनाना लोग नहीं भूलते, पर समय अब बदल रहा है, अब भाजपा के लोग संस्कार, चरित्र और मर्यादा तीनों को भूलते जा रहे हैं, उन्हें लगता है कि इन महिला नेताओं से भाजपा का वोट बैंक नहीं बढ़ता, इसलिए इनकी जरुरत क्या?  अतः हर जगह से इन्हें आउट करो, चाहे वह बैनर हो, या पोस्टर हो, या होर्डिंग हो, या कट आउट बनाने का मुद्दा।

इस मुद्दा को भाजपा महिला नेताओं के समक्ष जब मैंने उठाया तो करीब सारी महिला नेताओं ने इसकी गंभीरता को समझा और नाराजगी जतायी, पर भाजपा के बड़े नेता नाराज न हो जाये, इसलिए कुछ बोलना उन्होंने उचित नहीं समझा, बस जो लोग प्रदेश कार्यसमिति में आते गये, उन्हें ये महिलाएं चंदन तिलक लगाती रही और हाथों में गुलाब का फूल देती अपना समय बिताया, शायद उन्हें इसी के लिए यहां रखा गया था।

Krishna Bihari Mishra

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