सावधान छठव्रतियों, खतरनाक है चुटिया पावर हाउस तालाब, यहां हमेशा आग लग जाया करती हैं…

कल्पना करिये, आप पूरे परिवार के साथ छठ पर्व के सुअवसर पर भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के लिए, रांची स्थित चुटिया के पावर हाउस तालाब के पास पहुंचे हो, और उसी वक्त पूजा के क्रम में, जैसा कि प्रायः देखा जाता हैं कि लोग दीप-दान करते हैं, और उस दीप से तालाब में आग लग गई हो, और वह आग की लपटे देखते-देखते पूरे तालाब को अपने चपेट में ले ली हो, तो क्या होगा?

कल्पना करिये, आप पूरे परिवार के साथ छठ पर्व के सुअवसर पर भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के लिए, रांची स्थित चुटिया के पावर हाउस तालाब के पास पहुंचे हो, और उसी वक्त पूजा के क्रम में, जैसा कि प्रायः देखा जाता हैं कि लोग दीप-दान करते हैं, और उस दीप से तालाब में आग लग गई हो, और वह आग की लपटे देखते-देखते पूरे तालाब को अपने चपेट में ले ली हो, तो क्या होगा?

क्या ऐसा हादसा होने पर हम किसी को बचा पाने की स्थिति में होंगे? अगर नहीं तो इससे बचाव का उपाय क्या है? इस पर आज चिन्तन करने की जरुरत है?  नहीं तो, समझ लीजिये, अगर कभी भी यहां हादसा हुआ, तो इतने लोगों की जाने जायेंगी कि हम गिन नहीं पायेंगे?

हम अपनी जान-माल की सुरक्षा के लिए इस अँधी-बहरी रघुवर सरकार, जो चेक व जापान की यात्रा करके अभी-अभी लौटी हैं और लौटते ही के साथ अपनी राजनीतिक सोच को क्रियान्वित करने में लग गई, इस पर विश्वास नहीं कर सकते। हम रांची नगर निगम पर भी विश्वास नहीं कर सकते, क्योंकि अगर आप अपनी समस्याओं को लेकर नगर आयुक्त के पास जायेंगे तो समझ लीजिये वह आपको सरकारी काम-काज में बाधा पहुंचाने के आरोप में ऐसा केस में फंसायेगा कि आप उलझते चले जायेंगे?

इसलिए समस्याएं अपनी है, इन समस्याओं को हमें ही झेलना है, इसलिए रघुवर सरकार और रांची नगर निगम से यह कामना करना कि यह हमें समस्या से मुक्ति दिलायेगा, मूर्खता के सिवा कुछ नहीं, क्योंकि अगर रघुवर सरकार या रांची नगर निगम हमें समस्या से मुक्ति दिलाने का प्रयास करती, तो ये कब का हो चुका होता। पिछले साल की ही घटना है कि इस तालाब में अचानक आग लगा और देखते ही देखते आग की लपटे भयावह रुप से उठने लगी, जिससे लगा कि आस-पास की घरों में आग लगना स्वाभाविक है। दमकलें आने लगी, और आग बुझाने का प्रयास करने लगी, फिर भी आग थमने का नाम नहीं ले रहा था, उसके बाद भी इस समस्या से निजात दिलाने की प्रयास आज तक किसी ने नहीं किया।

हम आपको बता दे कि चूंकि यहा पावर हाउस में बिजली विभाग के कार्यालय में रखे डीजल के ड्रमों से डीजल का हमेशा रिसाव होता रहता हैं, जो इस तालाब में आकर गिरता है, जिस कारण न तो इस तालाब का पानी पीनेलायक है और न ही स्नान करनेलायक, फिर भी अज्ञानता के कारण लोग विभिन्न पर्वों व त्योहारों में इस तालाब के जल का उपयोग करते हैं और अपने स्वास्थ्य को प्रभावित कर लेते हैं, क्या माना जाये कि सरकार और उनके अधिकारी इस तालाब को छठ के पूर्व बेहतर स्थिति में ला देंगे, अगर नहीं तो फिर काहे की सरकार और काहे का नगर निगम।

हम रांची के चुटिया स्थित पावर हाउस तालाब में छठ व्रत करने आ रहे छठव्रतियों से प्रार्थना करेंगे कि वे जब इस तालाब में व्रत करने आये तो सावधानी बरतें, नहीं तो कहीं ऐसा नहीं कि लेनी के देनी पड़ जाये, यह मूर्ख सरकार आपके लिए कुछ नहीं करेगी, पर आपकी सावधानी आपके व्रत के उत्साह को कम नहीं होने देगी।

Krishna Bihari Mishra

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लौट के बुद्धु घर को आये...

Mon Oct 16 , 2017
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