रघुवर सरकार का दशकर्म कर डाला आरक्षण अधिकार मोर्चा ने

आज बड़ी संख्या में आरक्षण अधिकार मोर्चा के बैनर तले कई सदस्यों ने राज्य सरकार की गलत नीतियों के विरोध में अपना आक्रोश व्यक्त किया तथा रघुवर सरकार की गलत नीतियों की कड़ी आलोचना की। यहीं नहीं रघुवर सरकार को मृत बताते हुए उसका दशकर्म तक कर डाला। इस अवसर पर पुरुष सदस्यों ने प्रतीकात्मक रुप से अपना सर मुंडवाये, जबकि महिला सदस्यों ने अपने पैरों और हाथों के नाखून कटवाएं, जैसा कि हिन्दू परंपरा में किसी पारिवारिक सदस्य के मर जाने पर दशकर्म के अवसर पर किये जाते हैं।

युवाओं का यह आक्रोश, झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा दारोगा पद पर नियुक्ति के लिए निकाले गये विज्ञापन को लेकर हैं। अपने आक्रोश को व्यक्त करने के लिए इन युवाओं का समूह आज रांची में सड़कों पर उतरा। अपने सर के बाल छिलवाएं, युवतियों ने अपने नाखून कटवाएं। इन युवाओं का कहना है कि राज्य सरकार पूरी तरह से मर चुकी है, उसे राज्य के युवाओं और उनके भविष्य की कोई चिन्ता नहीं है।

अभ्यर्थियों का कहना था कि झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा निकाले गये विज्ञापन में सामान्य वर्ग के लिए अधिकतम सीमा 26 वर्ष, पिछड़ी जाति के लिए 28 वर्ष और अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए 30 वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि यह वैकेंसी स्नातकस्तरीय है। इनका कहना है कि पिछली नियुक्ति की तरह इस बार भी सामान्य वर्ग के लिए अधिकतम उम्र सीमा 35 और न्यूनतम 20 वर्ष होनी चाहिए थी। अभ्यर्थियों का कहना है कि यह मरी हुई सरकार है, इस मरी हुई सरकार के लाठी गोली से वे डरनेवाले नहीं है, राज्य सरकार को उनकी मांगे माननी पड़ेगी और संशोधित विज्ञापन जारी करना ही होगा।

आखिर इन सदस्यों की प्रमुख मांगे क्या है, जरा इस पर ध्यान देने की जरुरत है…

अभ्यर्थियों की मांगे…

  • उम्र की गणना एक अगस्त 2017 को अनारक्षित वर्ग के लिए, अधिकतम 26 वर्ष और न्यूनतम 21 वर्ष को संशोधित करते हुए, अधिकतम 35 वर्ष और न्यूनतम 20 वर्ष की जाय।
  • प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट रिक्तियों के पांच गुणा को संशोधित करते हुए 15 गुणा किया जाय।
  • अंग्रेजी और हिन्दी को क्षेत्रीय की सूची से हटाकर नियुक्ति परीक्षा आयोजित की जाय।
  • दारोगा नियुक्ति में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाय।
  • बाहर के अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम उम्र सीमा 25 वर्ष की जाय।