दिल्ली में गूंजा ‘रघुवर दास मुर्दाबाद’ और ‘रघुवर दास गद्दी छोड़ों’ के नारे

दिल्ली में आज मंडी हाउस से लेकर जंतर-मंतर तक ‘रघुवर दास मुर्दाबाद’ और ‘रघुवर दास गद्दी छोड़ों’ के नारे गूंजे। दिल्ली समर्थक समूह, दिल्ली जयस, दिल्ली आदिवासी यूथ नेटवर्क एवं जनमुक्ति संघर्ष वाहिनी के बैनर तले आज सैकड़ों लोगों ने शांति मार्च निकाला तथा मंडी हाउस से लेकर जंतर-मंतर तक अपनी आवाज बुलंद की।

दिल्ली में आज मंडी हाउस से लेकर जंतर-मंतर तक ‘रघुवर दास मुर्दाबाद’ और ‘रघुवर दास गद्दी छोड़ों’ के नारे गूंजे। दिल्ली समर्थक समूह, दिल्ली जयस, दिल्ली आदिवासी यूथ नेटवर्क एवं जनमुक्ति संघर्ष वाहिनी के बैनर तले आज सैकड़ों लोगों ने शांति मार्च निकाला तथा मंडी हाउस से लेकर जंतर-मंतर तक अपनी आवाज बुलंद की।

शांति मार्च में शामिल लोगों का कहना था कि झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास बताएं कि झारखण्ड में 20 लोगों पर देशद्रोह मुकदमा क्यों? उनका कहना था कि अभिव्यक्ति के उनके दायित्व और अधिकार पर यह सीधा हमला है और इसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। शांति मार्च में शामिल लोग, रघुवर दास मुर्दाबाद, रघुवर दास गद्दी छोड़ों, बिना जमीन लूटे भी विकास संभव है की तख्तियां भी लिये हुए थे।

ज्ञातव्य है कि खूंटी दुष्कर्म मामले के बाद, स्थानीय पुलिस प्रशासन ने झारखण्ड के बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों, पत्रकारों को अपना निशाना बनाया तथा खूंटी थाने में इनमें से 20 लोगों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करा दिया, जिसको लेकर रांची में कई बार प्रदर्शन हुए, जिसमें स्वामी अग्निवेश और मेधा पाटेकर ने प्रमुख रुप से भाग लिया, आज इसे लेकर दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में झारखण्ड और अन्य प्रदेश के लोग भी शामिल हुए हैं।

Krishna Bihari Mishra

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Mon Sep 24 , 2018
रांची से एक अखबार निकलता है, नाम है उसका प्रभात खबर। यह ऐसी- ऐसी हरकत करता है कि पूछिये मत। वह गलतियां पर गलतियां करता जाता है, पर उसे बोलनेवाला कोई नहीं, क्योंकि उस पर पूरी सरकार बलिहारी जाती है, राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास तो इस अखबार से इतने प्रसन्न हो जाते है कि जब प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना का शुभारम्भ करने आते हैं

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