रांची से प्रकाशित अखबारों ने सीएम के इमेजमेकर के रुप में काम करना शुरु किया

दीपावली की छुट्टी के बाद, आज रांची के अखबारों के दर्शन हुए हैं। सभी ने खुलकर झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास के इमेज को चमकाने में अपना समय लगा दिया है। किसी ने मुख्यमंत्री रघुवर दास के कानून तोड़ने की बात को समाचार में प्रमुखता नहीं दी है। फोटो छापे हैं, पर उस फोटो को इस प्रकार जगह दिया है, जैसे लगता है, कि कुछ हुआ ही नहीं। शायद हो सकता है, इन अखबारों को अपने मुख्यमंत्री रघुवर दास में रब दीखता हो।

दीपावली की छुट्टी के बाद, आज रांची के अखबारों के दर्शन हुए हैं। सभी ने खुलकर झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास के इमेज को चमकाने में अपना समय लगा दिया है। किसी ने मुख्यमंत्री रघुवर दास के कानून तोड़ने की बात को समाचार में प्रमुखता नहीं दी है। फोटो छापे हैं, पर उस फोटो को इस प्रकार जगह दिया है, जैसे लगता है, कि कुछ हुआ ही नहीं। शायद हो सकता है, इन अखबारों को अपने मुख्यमंत्री रघुवर दास में रब दीखता हो।

प्रभात खबर, हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर व दैनिक जागरण रांची का क्रमशः घटते हुए क्रम में सर्वाधिक बिकनेवाले अखबार हैं, पर चारों में एक समानता है कि ये मुख्यमंत्री रघुवर दास की स्तुति गाने में सर्वाधिक ध्यान लगाते हैं। इसमें यहां काम करनेवाले छोटे पत्रकारों की कोई गलती नहीं होती। गलतियां होती है, उन ब्यूरों, समाचार संपादकों, स्थानीय संपादकों, कार्यकारी संपादकों, कारपोरेट एडिटरों व प्रधान संपादकों की, जिनका काम सरकार की हर गलत कामों पर पर्दा डालना तथा मुख्यमंत्री रघुवर दास की इमेज को चमकाना, पर जैसे ही आम जनता किसी गलती के कारण कानून का उल्लंघन करते हुए कुछ गड़बड़ियां करते, वह भी अपनी जरुरतों की चीजों को पूरा करने के लिए ऐसा करते पकड़े जाये, तो फिर देखिये इनकी हरकतें।

जरा देखिये दीपावली के दिन की घटना, जब जमशेदपुर में बिना हेलमेट के मुख्यमंत्री अपने इलाके में अपने काफिलों के साथ निकले तो इन अखबारों ने इसमें इनके इमेज चमकाने का अपने उपर भार ले लिया, खुब इमेज चमकाये पर ये लिखना भूल गये कि इन्होंने बिना हेलमेट पहने दुपहिये वाहन चलाये, कानून तोड़ा।

जबकि कभी यहीं अखबार, जिसका नाम प्रभात खबर है, रांची के तत्कालीन अनुमंडलाधिकारी भोर सिंह यादव को कटघरे में खड़ा कर दिया था, जब उन्होंने बिना हेलमेट पहने लोगों को सुबह ही सुबह पकड़ना प्रारंभ किया था, तथा उनसे जुर्माना वसूलना प्रारंभ किया था। कभी महेन्द्र सिंह धौनी के गाड़ी को भी कानून के शिंकजे में ले लिया गया था। हाल ही में, भाजपा कार्यकर्ता मुन्ना ठाकुर की नगर विकास मंत्री सी पी सिंह के सामने इज्जत उतार लिया गया था, पर जब यहीं काम मुख्यमंत्री रघुवर दास किये तो सारे अखबार मुख्यमंत्री रघुवर दास के सम्मान में हाथ जोड़कर खड़े हो गये। आज के रांची से प्रकाशित अखबार उसके प्रमाण है, जनता को चाहिए कि ऐसे अखबारों के संपादकों से पूछे कि ये सब क्या है?  आप पत्रकार हो या सीएम के इमेजमेकर?

Krishna Bihari Mishra

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