स्पेशल तरीके से रेलयात्रियों को स्पेशल मूर्ख बना रहे हैं, सर्वाधिक अक्लमंद रेल मंत्री पीयूष गोयल

इन बेशर्मों को शर्म भी नहीं आता, दांत तो ऐसा निपोड़ेंगे, जैसे लगता है कि इनके जैसा बड़ा देशभक्त दुनिया में कोई नहीं होगा। ये बुलेट ट्रेन चलाने की बात करते हैं, पर सच तो ये है कि ये पैसेंजर ट्रेन भी ठीक से नहीं चला सकते। ये रेलयात्रियों से कहते है कि वे स्पेशल ट्रेन चला रहे हैं, इसलिए आप स्पेशल चार्ज दीजिये, पर सच्चाई यह है कि इन स्पेशल ट्रेनों का कोई मां-बाप नहीं होता, ये ट्रेन कब खुलेगी?  कब चलेगी? कब पहुंचेगी?

इन बेशर्मों को शर्म भी नहीं आता, दांत तो ऐसा निपोड़ेंगे, जैसे लगता है कि इनके जैसा बड़ा देशभक्त दुनिया में कोई नहीं होगा। ये बुलेट ट्रेन चलाने की बात करते हैं, पर सच तो ये है कि ये पैसेंजर ट्रेन भी ठीक से नहीं चला सकते। ये रेलयात्रियों से कहते है कि वे स्पेशल ट्रेन चला रहे हैं, इसलिए आप स्पेशल चार्ज दीजिये, पर सच्चाई यह है कि इन स्पेशल ट्रेनों का कोई मां-बाप नहीं होता, ये ट्रेन कब खुलेगी?  कब चलेगी? कब पहुंचेगी? इसका न तो जवाब रेलवे अधिकारी दे पाते हैं और न ही रेल मंत्रालय। रेल इन्कवायरी का फोन लगाते-लगाते मर जाइये, ये सुननेवाले नहीं है।

जरा देखिये एक नया मामला। एक ट्रेन है जो पटना से रांची के लिए खुली हैं। उसका नंबर है 08612 पटना रांची स्पेशल विद् स्पेशल चार्ज। लोगों को लगा कि भाई स्पेशल चार्ज देने पर स्पेशल सुविधा मिल रही हैं तो क्या दिक्कत है? एक सज्जन ने गया से रांची के लिए 310 रुपये की टिकट कटा ली। ट्रेन भी पटना से आनी थी, इसलिए 20 मिनट लेट, गया जंक्शन पहुंच गई यानी जो ट्रेन 12.40 दोपहर में आनी थी, एक बजे पहुंची।  रेलयात्रियों ने सोचा कि यह ट्रेन जल्दी ही गया जंक्शन से खुल जायेगी, पर देखिये रेलवे की बदमाशी आप इसे हरामीपन भी कह सकते हैं, इस ट्रेन पर ध्यान ही नहीं दिया गया और आधे घंटे के बाद अपने इन्कवायरी सिस्टम में दिखा दिया कि यह ट्रेन गया से करीब पांच किलोमीटर आगे मानपुर जंक्शन क्रास कर रही हैं और बंधुआ पहुंचनेवाली है, जबकि यह ट्रेन उस वक्त गया जंक्शन के प्लेटफार्म पर ही खड़ी थी।

बेशर्मीपन का नजारा देखिये। इस ट्रेन को बेवजह घंटो रोके रखा, इसी बीच पटना से हटिया जानेवाली 18625 पटना हटिया सुपर एक्सप्रेस आ गयी और उस ट्रेन को निकाल दिया गया, जबकि ये ट्रेन जो स्पेशल थी, गया जंक्शन पर खड़ी रही। आखिर इस स्पेशल ट्रेन के साथ ऐसा क्यों हो रहा है? जब धनबाद रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक को फोन लगाया गया तो उसका कहना था कि उन्हें इससे कोई मतलब नहीं, चूंकि गया जंक्शन मुगलसराय मंडल में पड़ता है, आप मुगलसराय मंडल से संपर्क करें।

यानी स्पेशल चार्ज देकर, स्पेशल ट्रेन पर रेल विभाग ने स्पेशल तरीके से रेलयात्रियों को स्पेशल मुर्ख बनाया और रेलमंत्री पीयूष गोयल और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बात सुने तो कहेंगे कि हम अच्छे दिन ला रहे हैं। हां भाई, हम स्पेशल मुर्ख बनानेवाले जो इस बार चुन लिये हैं, आगे दिक्कत नहीं होगी।

Krishna Bihari Mishra

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इन्द्र के कोपभाजन बने रांचीवासी, दीपावली में न दीये जले और न ही फूटे पटाखे

Fri Oct 20 , 2017
लोगों ने सोचा था, खूब दीये जलायेंगे, पटाखे भी खुब फोड़ेंगे, पर इन्द्र ने रांचीवासियों के सारे सपनों पर पानी बिखेर दिया। रह-रहकर पूरे दिन हो रही बारिश और रात में भी बारिश की फुहारों ने दीपावली में जमकर खलल डाला। किसी घर में बाहर में दीये जलते नहीं दीखे, दीयों का काम लोगों ने विद्युतीय लघु बल्बों से लिया, पर दीया तो दीया है, एक दीये का जलना, लाखों विद्युतीय लघु बल्बों पर भारी पड़ता है।

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