ऐ BJP के जड़ में मट्ठा डालनेवाले CM साहेब, इस बढ़ते आक्रोश को समझने की कोशिश कीजिये

आपने गरीबों के बच्चे से एक दिन का अंडा छीन लिया। आपने अभी तक गरीब किसानों के प्रोत्साहन बोनस पर कुछ भी निर्णय नहीं लिया, आपके ही मंत्री के शब्दों में आपने उक्त फाइल को दबा कर रखा है। आपने पारा टीचरों के प्राण तक निकाल लिये है, दर्जनों पारा टीचर पैसे के अभाव में, इलाज नहीं हो पाने के कारण दम तोड़ दिये, कुछ तो लाठी चार्ज में ऐसे घायल हुए कि वे यमपुरी पहुंच गये और एक तो जो गायब है, वो कहा गया, उसका कुछ अता-पता ही नहीं।

आपने गरीबों के बच्चे से एक दिन का अंडा छीन लिया। आपने अभी तक गरीब किसानों के प्रोत्साहन बोनस पर कुछ भी निर्णय नहीं लिया, आपके ही मंत्री के शब्दों में आपने उक्त फाइल को दबा कर रखा है। आपने पारा टीचरों के प्राण तक निकाल लिये है, दर्जनों पारा टीचर पैसे के अभाव में, इलाज नहीं हो पाने के कारण दम तोड़ दिये, कुछ तो लाठी चार्ज में ऐसे घायल हुए कि वे यमपुरी पहुंच गये और एक तो जो गायब है, वो कहा गया, उसका कुछ अता-पता ही नहीं।

शासन रोब से नहीं, शासन बुद्धिमता तथा तर्कसंगत निर्णयों से चलता है, पर आपने जिस प्रकार से राज्य को कंगाली की स्थिति में ले आया है, उससे साफ पता चलता है कि आपने झारखण्ड में, भाजपा के जड़ में बहुत बढ़िया से मट्ठा डाल दिया है, ऐसे में भाजपा इस राज्य में, कालांतराल में खड़ा भी हो पायेगी, इसका दूर-दूर तक हमें आभास नजर नहीं आता।

इधर नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन ने अपने तर्कसंगत तथा बुद्धिमतापूर्ण निर्णयों से आपकी और आपकी सरकार को इस तरह घेर लिया है कि आज हेमन्त की सभा में लोग खुद ब खुद आ रहे हैं, जरा देखिये डालटनगंज में चल रहे झारखण्ड संघर्ष यात्रा का तीसरा चरण। सरकार आपकी, सब कुछ आपका, प्रशासन आपका पर जनता हेमन्त की होती जा रही है। इसका खामियाजा किसे भुगतना पड़ेगा, समझते रहिये।

आज की ही बात है, डालटनगंज में झारखण्ड नवनिर्माण मोर्चा के नेता अभिमन्यु सिंह एवं नेत्री अंजू सिंह ने भारी संख्या में अपने समर्थकों के साथ अपनी पार्टी का झारखण्ड मुक्ति मोर्चा में विलय कर दिया, और ये सब कुछ हुआ, नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन के समक्ष, यह सब कैसे हो रहा है, ये आपको पता ही नहीं है, आप समझ रहे है कि आप विकास, विकास का रट लगाकर, स्वयं के लिए सब कुछ करके जनता को धोखा देकर, पुनः सत्ता में आ जायेंगे तो आप भूल कर रहे हैं, क्योंकि छत्तीसगढ़ का परिणाम आपके सामने है, कनफूंकवे आपको बर्बाद करके रख देंगे नहीं, बल्कि आपको बर्बाद करके रख दिये है।

हेमन्त सोरेन ने अपने संघर्ष यात्रा के दौरान ठीक ही कहा कि आपने शोषित समाज का अस्तित्व मिटाने का भरसक प्रयास किया है, तभी तो राज्य की आदिम जनजातियां जब हेमन्त सोरेन से मिली और जो दुर्दशा इनकी हेमन्त सोरेन ने देखा तो स्पष्ट रुप से कह दिया कि राज्य में जो इनके उत्थान के लिए और विकास के लिए जो उन्होंने योजनाएं लाई थी, आपकी निर्लज्ज सरकार ने उन योजनाओं से इन्हें वंचित कर दिया। न डोर स्टेप डिलीवरी के तहत राशन दिया जा रहा है, न पेंशन, न ही अंगूठा के ठेपे मिलने के कारण राशन मिल पा रहा है, न इन्हें घर मिला है, न इनके लिए अच्छी सड़कें हैं और न ही बिजली, ऐसे में इनका सम्मान किया जा रहा है या शोषण, सरकार ही बताएं।

मंडल डैम के शिलान्यास ने तो यहां के शोषितों को भाजपा से बिल्कुल अलग कर दिया है, उनका मानना है कि इस मंडल डैम से उन्हें फायदा कम, पर बिहार के सामंतवादी पूंजीपतियों को इसका फायदा अधिक मिलेगा, ऐसे में आपकी पार्टी का जनाधार बढ़ा या खिसक गया, समझते रहिये।

Krishna Bihari Mishra

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