सुनो झारखण्डियों, तुम थर्मोकोल मत यूज करो, पर मैं CM हूं, मैं थर्मोकोल यूज करुंगा

आज भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रांची आ रहे हैं। उनके स्वागत में कोई खलल न हो, कोई अखबार-चैनल, उटपुटांग खबरें न चला दें, इसका विशेष ख्याल रखने के लिए उदारतापूर्वक मुंहमांगी विज्ञापन उन्हें प्रदान की गई हैं। उन्हीं विज्ञापनों में एक विज्ञापन है – स्वच्छता ही सेवा, जिसमें उपर में पीएम मोदी मुस्कुराते हुए दिख रहे हैं, और शायद वे कह रहे हैं कि सिंगल यूज प्लास्टिक को कहें… ना।

आज भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रांची रहे हैं। उनके स्वागत में कोई खलल हो, कोई अखबारचैनल, उटपुटांग खबरें चला दें, इसका विशेष ख्याल रखने के लिए उदारतापूर्वक मुंहमांगी विज्ञापन उन्हें प्रदान की गई हैं। उन्हीं विज्ञापनों में एक विज्ञापन है स्वच्छता ही सेवा, जिसमें उपर में पीएम मोदी मुस्कुराते हुए दिख रहे हैं, और शायद वे कह रहे हैं कि सिंगल यूज प्लास्टिक को कहेंना। उसके बाद लिखा है कि आज ही इनका प्रयोग बंद करें जिसमें प्लास्टिक पदार्थ, प्लास्टिक थैली और थर्मोकोल की एकएक सांकेतिक चित्र है।

राज्य सरकार इस विज्ञापन के माध्यम से यह भी बता रही है कि यह स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम अभियान 11 सितम्बर से लेकर 2 अक्टूबर तक चलेगा, पर राज्य के होनहार मुख्यमंत्री रघुवर दास क्या कर रहे हैं, स्वयं ही इस स्वच्छता ही सेवा अभियान की धज्जियां उड़ा रहे हैं, तथा अपनी इस हरकत को अपने ही साइट पर बड़े ही गर्व के साथ जनता को देखने के लिए उपलब्ध करा रहे हैं। 

जरा आप इस चित्र को ध्यान से देखिये, जो राज्य के सीएम रघुवर दास के सोशल साइट फेसबुक से लिया गया है, जिसमें स्वयं मुख्यमंत्री रघुवर दास और रांची के भाजपा सांसद संजय सेठ मौजूद हैं और ये दोनों थर्मोकोल से बनी थाली में भोजन कर रहे हैं, यानी थर्मोकोल को यूज कर रहे हैं। अब राज्य के होनहार मुख्यमंत्री रघुवर दास खुद बता दें कि इसका मतलब क्या हुआ?

इसका मतलब तो यही हुआ कि राज्य की जनता स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम में भाग लेकर, मुख्यमंत्रीप्रधानमंत्री की बात मानें और मुख्यमंत्री इस बात को माने ही नहीं। अब इसमें सवाल उठता है कि क्या राज्य की जनता अगर थर्मोकोल यूज करेगी तो उससे प्रदूषण होगा और मुख्यमंत्री यूज करेंगे तो क्या प्रदूषण नही होगा, भाई ये कौन सा ज्ञान है?

ये कौन सी तकनीक है? राज्य की जनता जानना चाहती है। राज्य की जनता, झारखण्ड के अब तक के सबसे ज्यादा होनहार मुख्यमंत्री रघुवर दास से जानना चाहती है कि जब झारखण्ड में सभी तरह के प्लास्टिक कैरी बैग प्रतिबंधित हैं, तो फिर जिस थर्मोकोल में वे खा रहे हैं, उन तक कैसे पहुंच गई?

आखिर जो विज्ञापन में सीएम का पांच लाइन का भाषण छपा है, वो सीएम पर लागू क्यों नही होता? जरा देखिये राज्य के होनहार मुख्यमंत्री ने उक्त विज्ञापन में क्या भाषण दिया है हमें साथ मिलकर सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को खत्म करना है। मैं समाज के सभी वर्गों, गांव और शहर के निवासियों से अपील करता हूं कि झारखण्ड को प्लास्टिक के खतरे से आजादी दिलाने में सरकार का सहयोग करें।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्लास्टिक मुक्त भारत का आह्वान किया है, आइये इस मिशन में जुट जाएं, झारखण्ड को प्लास्टिक मुक्त बनाएं यानी ये भाषण राज्य की जनता अपनाएं, पर मुख्यमंत्री रघुवर दास खुद नहीं अपनायेंगे, जब भी मौका मिलेगा वे थर्मोकोल यूज करेंगे, क्योंकि राज्य में कोई भी कानून बनता हैं, वह नेताअधिकारी पर लागू नहीं होता, जैसे मोटरव्हीकल कानून, समझ गये ना, अच्छी तरह।

Krishna Bihari Mishra

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मुख्यमंत्री रघुवर दास के चहेते भाजपा के बाघमारा विधायक ढुलू की बल्ले-बल्ले हैं, उसे लगता है कि दुनिया की अब कोई ताकत उसे परास्त नहीं कर सकती, सारा जिला प्रशासन उसकी मुट्ठी में हैं, वह किसी की भी इज्जत के साथ खेल सकता है, किसी पर भी हमले करा सकता है, किसी का भी शोषण कर सकता है, पर उसका कोई बाल बांका नहीं कर सकता, उसकी इस सोच पर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन भी मुहर लगा रहा है,

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