राजनीति

कौशल विकास-मोमेंटम झारखण्ड में शामिल सभी घोटालेबाज जेल जायेंगे

झारखंड विकास मोर्चा सुप्रीमो एवं राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बाबू लाल मरांडी ने कहा है कि पहले मोमेंटम झारखण्ड के नाम पर रघुवर सरकार ने करोड़ों लूटा और अब कौशल विकास तथा युवाओं को नौकरी देने के नाम पर करोड़ों का लूट-खसोट यहां चल पड़ा है। राज्य सरकार ने रोजगार व निवेश के नाम पर राज्य की जनता को छला अब कौशल विकास के नाम पर राज्य के युवाओँ के साथ धोखा कर रही है।

उन्होंने कहा कि पहले कुछ एजेंसियां चोरी-छिपे यहां के नौजवानों एवं नवयुवतियों को नौकरी के नाम पर राज्य के बाहर पलायन कराती थी, फिर पलायन कर गये नौजवान बीमार व मजबूर होकर झारखण्ड लौटते थे, नवयुवतियों के शोषण की कहानियों से झारखण्ड पूर्व में शर्मसार भी हुआ पर इस पलायन को रोकने के बजाय सरकार इन कामों की नौकरी के नाम पर लाइसेंस दे रही है और इसे कानूनी जामा पहना रही है।

उन्होंने कहा कि कंपनियां, एजेंसियां एवं सरकार में बैठे लोग दोनों हाथ से मलाई खा रहे हैं, जमकर कौशल विकास, हुनर पैदा करने के नाम पर इन लोगों ने करोड़ों रुपये लूटे हैं। कौशल विकास का बजट 560 करोड़ से बढ़ाकर 700 करोड़ रुपये, लूट-खसोट करने के लिए ही किया गया है। सच्चाई यह है कि जिन एजेंसियों को कौशल विकास का ठेका मिला है, उनके पास न तो इन्फ्रास्ट्रक्चर है और न ही हैंड्स। पूरे राज्य मे कागज के पन्नों पर फर्जी कौशल विकास का काम हो रहा है। कौशल विकास के नाम पर फर्जी एंजेसिंयों को मोटी रकम विभाग प्रदान कर रही है, जहां पैसों का बंदरबांट होता है।

उन्होंने कहा कि पांच हजार से छः हजार रुपये देकर नौकरी के नाम पर यहां के नौजवान बाहर कैसे काम कर सकेंगे? सरकार को बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके पूर्व जो कौशल विकास युक्त नौजवानों का प्लेसमेंट दिया गया है, उनमें से 90 प्रतिशत लोग वापस आ गये या तो कंपनियों ने उन्हें बाहर निकाल दिया। सरकार को बताना चाहिए कि सरकार द्वारा अब तक कौशल विकास प्रशिक्षण के बाद नियुक्त लोगों में से कितने कार्यरत है एवं कितने वापस लौट आये, साथ ही मोमेंटम झारखण्ड की पुरी कहानी पर खर्च, निवेश एवं रोजगार पर व्हाइट पेपर जारी करें।

बाबू लाल मरांडी ने कहा कि आनेवाले दिनों में कौशल विकास एवं मोमेंटम झारखण्ड एक बडा घोटाला के नाम के लिए जाना जायेगा तथा इस घोटाले में शामिल सभी लोग जेल जायेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के तीन शीर्ष पदाधिकारियों मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, एवं अपर पुलिस महानिदेशक पर लगे गंभीर आरोपों के कारण, राज्य सरकार को इन्हें अविलम्ब पद से मुक्त कर देना चाहिए, तथा इन पर लगे आरोपों की सीबीआई जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी विधानसभा के बजट सत्र में इन मुददों को जोर-शोर से उठायेगी।