भाजपा नेता पंकज गुप्ता हत्याकांड में 6 गिरफ्तार, भारी मात्रा में आग्नेयास्त्र बरामद

गत् 11 मार्च को रांची के नगड़ी में भाजपा नेता पंकज गुप्ता की हुई हत्या मामले में रांची पुलिस को बहुत बड़ी सफलता मिली। रांची पुलिस ने पंकज गुप्ता हत्या मामले को बहुत जल्द ही सुलझा लिया तथा इस अपराध में शामिल छः अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। इन गिरफ्तार अपराधियों के पास से बड़ी मात्रा में आग्येनास्त्र भी बरामद हुए है,

गत् 11 मार्च को रांची के नगड़ी में भाजपा नेता पंकज गुप्ता की हुई हत्या मामले में रांची पुलिस को बहुत बड़ी सफलता मिली। रांची पुलिस ने पंकज गुप्ता हत्या मामले को बहुत जल्द ही सुलझा लिया तथा इस अपराध में शामिल छः अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। इन गिरफ्तार अपराधियों के पास से बड़ी मात्रा में आग्येनास्त्र भी बरामद हुए है, बताया जाता है कि ये अपराधी 11 मार्च को पंकज गुप्ता की हत्या करने नहीं आये थे, बल्कि इनका निशाना कोई और था, पंकज गुप्ता गलतफहमी में इन अपराधियों के शिकार बन गये।

आज रांची के एसएसपी कुलदीप द्विवेदी ने संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों को बताया कि नगड़ी थानांतर्गत रामलाल स्वीट्स के नजदीक भाजपा नेता पंकज गुप्ता की हत्या मामले में नगड़ी थाना में कांड संख्या 36/18 दिनांक 11.03.18  धारा 302/34/ भादवि 27 आर्म्स एक्ट के तहत अंकित किया गया था। कांड के अनुसंधान के दौरान एसएसपी रांची को इस कांड में शामिल अपराधियों एवं उनके सहयोगियों के संबंध में तकनीकी एवं गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। जिसके आधार पर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई।

छापेमारी के क्रम में सर्वप्रथम खेत मुहल्ला हिन्दपीड़ी थाना निवासी नवील अख्तर को उसके एक अन्य सहयोगी मुबारक अंसारी अकबरिया मस्जिद, इलाही नगर, पुनदाग के साथ लोअर बाजार थानांतर्गत कर्बला चौक के पास से पकड़ा गया, जिससे पुछताछ किये जाने पर न केवल उसने उपरोक्त कांड में अपनी संलिप्तता स्वीकारी, बल्कि उसने अपने आप को कुख्यात अपराधी अमन श्रीवास्तव गैंग का सदस्य बताते हुए अपने अन्य सहयोगियों का नाम पता बताया एवं भविष्य में अपने विरोधी गैंग विकास तिवारी गिरोह के सदस्यों का नाम पता भी बताया, जिनकी भविष्य में हत्या की योजना ये लोग बना रहे हैं। इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए इन लोगों ने बड़ी संख्या में हथियार, गोली एवं पैसे की व्यवस्था की है, जिन्हें विभिन्न लोगों के जिम्मे छुपाकर रखा गया था। नवील अंसारी के निशानदेही पर इनके घर में छापेमारी की गई, जहां से बड़ी संख्या में हथियार, गोली एवं पैसा आदि बरामद किया गया। इनके बताये अनुसार खलारी में भी छापेमारी की गई, जहां से पैसे और हथियार बरामद किये गये।

इसी के बताये अनुसार मुजावेल के बहन रजिया के घर पर भी छापेमारी की गई, जहां से पैसे और हथियार आदि बरामद किया गया। इसके कथनानुसार खलारी में छापेमारी की गई, जहां से मनोज कुमार शुक्ला के दो नजदीकी लोगों पहला मो. परवेज एवं दुसरा मो. अकबर को भी गिरफ्तार किया गया। इन सभी से पूछताछ एवं बरामद सामानों से प्राप्त व्यक्तियों के नाम एवं फोटोग्राफ से एक बात प्रकाश में आई कि ये लोग अमन श्रीवास्तव गैंग के लोग है, तथा अपने विरोधी गैंग विकास तिवारी गैंग के सदस्यों को चुन-चुन कर मारने की रणनीति बनाई है।

इसी रणनीति के तहत इन लोगों ने खलारी निवासी मनोज कुमार शुक्ला को मारने की योजना बनाई थी, जिसके लिए अमन श्रीवास्तव ने खलारी निवासी असलम के माध्यम से मनोज कुमार शुक्ला के दो सहकर्मियों को धमकी एवं प्रलोभन देकर अपने पक्ष में कर लिया था, जो कि मनोज शुक्ला के सभी गतिविधियों की जानकारी इनलोगों को देने लगे थे। इन दोनों ने ही यह सूचना दी थी कि 11 मार्च को मनोज कुमार शुक्ला नगड़ी जानेवाला है। साथ ही ये लोग भी उसके साथ रहेंगे। इस पर तत्काल अमन श्रीवास्तव ग्रुप के असलम एवं मेदुल, रामलाल स्वीट्स नगड़ी के पास मौका पाकर भाजपा नेता पंकज गुप्ता को मनोज कुमार शुक्ला समझकर गोली चला दी, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई, जिसमें नवील, जावेद, जहीर एवं तबरेज ने भी सहयोग किया, जबकि मनोज कुमार शुक्ला के साथ परवेज एवं असलम वहां से भाग निकला। इस घटना में गलत पहचान होने के कारण पंकज गुप्ता की हत्या हो गई। इस कांड में सम्मिलित कई लोगों की गिरफ्तारियां की गई है।

जिन लोगों की इस मामले में गिरफ्तारियां हुई है, उनके नाम इस प्रकार है – 1. मुबारक अंसारी, अकबरिया मस्जिद, इलाहीनगर, पुनदाग, 2. नवील अख्तर, खेत मुहल्ला, हिन्दपीड़ी, 3. रजिया खातुन, मोजाहिद नगर, 4. जहीर, रहमत नगर, इटकी, 5. परवेज, हुटापमोड़, खलारी, 6. अकबर, हुटापमोड़, खलारी।

इन अपराधियों के पास से जो हथियार बरामद हुए है, उसकी सूची इस प्रकार है। 1. ए के 47 – 01 (3 मैग्जीन के साथ), 2. पिस्टल – 6, 3. रिवाल्वर (6 चक्रवाला) – 01, 4. देसी कट्टा – 6, 5. पिस्टल का मैग्जीन – 9, 6. ए के 47 की गोली – 60, 7. .315 की गोली – 45, 8. 9 एमएम की गोली – 40, 9. 7.62 की गोली – 27, 10. .38 की गोली – 04, 11. विस्फोटक सामग्री – 500 ग्राम, 12. नकद – 17,50,000, 13. मोबाइल – 40, 14. मोटरसाइकिल – 2, 15. बैग – 1, 16. हेलमेट – 01, फोटोग्राफ्स (हत्या के लिए लक्षित व्यक्तियों की) – 40।

इस कांड को सफलता पूर्वक उदभेदन में जिन पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई उनके नाम इस प्रकार है – कुलदीप द्विवेदी, एसएसपी, रांची। अजीत पीटर डुंगडुंग, पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण, रांची। भोला प्रसाद सिंह, पुलिस उपाधीक्षक, कोतवाली, रांची। विजय कुमार सिंह, पुलिस उपाधीक्षक, मुख्यालय 2, रांची। सुश्री यशोधरा, परीक्ष्यमन पुलिस उपाधीक्षक, रांची। पुलिस निरीक्षक रतिभान सिंह, अवर निरीक्षक राम नारायण सिंह, अवर निरीक्षक तारिक अनवर, अवर निरीक्षक मनबोध यादव, हिन्दपीड़ी थाना, सअनि शाह फैजल, आरक्षी नवीन कुमार सिंह, चलितर टोप्पो, दिगम्बर राम, सुरेन्द्र नाग, हाकिम हेम्ब्रम, रजीत केरकेट्टा, सीताराम उरांव, सिलवानुस इंदवार एवं दिनेश गोराई।

Krishna Bihari Mishra

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