अपनी बात

रघुवर राज में यज्ञ-पूजा-कलश यात्रा निकालना हुआ महंगा, 53 लोगों पर प्राथमिकी

 

कोई ज्यादा दिन की बात नहीं, रांची बुढ़मू थानान्तर्गत चकमे गांव में 27 मार्च को महावीर मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का आयोजन था। आम तौर पर जहां भी किसी मंदिर में देवी-देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा की जाती है, तो वहां पवित्र जलाशयों-अथवा नदियों से जल लाने तथा देवी-देवताओं के नगर परिभ्रमण का सामान्य कार्यक्रम होता है। चकमे गांव में महावीर मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा में लगे, ग्रामीण भक्तों को क्या मालूम था कि उन्हें यह पूजा पाठ और कलश यात्रा निकालना इतना महंगा पड़ जायेगा कि उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी जायेगी, और उस प्राथमिकी में ऐसी-ऐसी धाराएं लगा दी जायेगी, जिससे उनका पूरा जीवन ही कोर्ट-कचहरी में बीत जाये।

सच्चाई यहीं है कि रांची एसडीओ के कहने पर बुढ़ूमू थाने में 53 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करा दी गई, उनका जूल्म सिर्फ इतना ही है कि ये लोग मस्जिद रोड से होकर कलश यात्रा निकालना चाहते थे, ऐसे भी इस कलश यात्रा से किसी को ऐतराज भी नहीं था, पर प्रशासन ने बेरिकेटिंग कर रखी थी और मस्जिद रोड से कलश यात्रा निकालने की अनुमति नहीं दे रही थी, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया था। केवल ग्रामीणों का विरोध, वह भी धार्मिक कार्यों के लिए, महावीर मंदिर की स्थापना हेतु कलश यात्रा निकालने के लिए, प्रशासन को इतना नागवार गुजरा कि वह 53 ग्रामीणों के जीवन से ही खेलने में लग गई।

जरा देखिये, ये कौन हैं, जिनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।

  1. तपेश्वर मिश्र, 2. अजय साहू, 3. तीजू यादव, 4. दिवाकर उर्फ मुकेश, 5. अजीत साहू, 6. पंकज साहू, 7. उमेश साहू, 8. रमेश साहू, 9. रामवृत मुंडा, 10. शंभू यादव, 11. संतोष कुमार, 12. किशोर साहू, 13. नन्कू महतो, 14. अरुण यादव, 15. कुणाल यादव, 16. रामू यादव, 17. शंभू यादव, 18. महेन्द्र यादव, 19. सुबोध साहू, 20. राजू लोहरा, 21. सुरज मुंडा, 22. प्रकाश साहू, 23. ब्रजेश यादव, 24. नागेश्वर महतो, 25. लक्ष्मण यादव, 26. बीना देवी, 27. शारदा देवी, 28. शंकर साहू, 29. सुरेन्द्र पांडेय, 30. मनोज वाजपेयी, 31. शशिकांत, 32. संजय पटेल, 33. रंगनाथ चौबे, 34. राजू चौबे, 35. रामाशीष पांडे, 36. संजय साहू, 37. उत्पल नाथ शाहदेव, 38. बनेश्वर महतो, 39. मधु साहू, 40. रोशन चौधरी, 41. दिवाकर प्रसाद, 42. अवधेश कुमार यादव, 43. लाल पशुपति नाथ शाहदेव, 44. दशरथ यादव, 45. अजीत कुमार, 46. लक्ष्मण यादव, 47. पंजन साहू, 48. मनोज यादव, 49. धनन्जय मुंडा, 50. जाहूरण लोहरा, 51. बिन्दू मुंडा, 52. अशोक कुमार, और 53. शशिभूषण यादव

इनके खिलाफ जो धाराएं लगाई गई हैं, जरा उसे भी देखिये – 147, 148, 149, 150, 152, 153, 379, 18बी, 295ए, 307, 332, 333, 337, 338, 353, 427, 120बी और प्राथमिकी संख्या है 15/2018.

इधर सरकार के इस रवैये से बुढ़ूमू थाने के चकमे गांव के लोग काफी आक्रोशित हैं, उनका कहना है कि इस राज्य मे तो अब पूजा पाठ करना महंगा हो गया। अब वे क्या करें, मंदिर न जाये, पूजा न करें, अपने इष्ट का प्राण प्रतिष्ठा न करें, कोई धार्मिक जुलूस न निकाले, राम-राम चिल्लानेवाले लोगों के राज में महावीर मंदिर का स्थापना अपराध हो गया, इससे बड़ी जलालत की बात और क्या हो सकती हैं?

दूसरी ओर बुढ़ूमू के 53 ग्रामीणों के खिलाफ बुढ़ूमू में दर्ज की गई प्राथमिकी की, नगर विकास मंत्री सी पी सिंह ने कड़ी आलोचना की हैं। उन्होंने कहा कि ये तुष्टिकरण की पराकाष्ठा हैं। प्रशासन के लोग हद से आगे बढ़ रहे हैं, अब यहां कोई मंदिर नहीं जायेगा, पूजा पाठ नहीं करेगा, धार्मिक जुलूस नहीं निकालेगा तो क्या करेंगे, ऐसा करने के लिए कहां जायेंगे, ये बर्दाश्त से बाहर की चीजें हैं, और वे इसकी जमकर निन्दा करते हैं। बुढ़ूमू में जो भी कुछ हुआ, वह पूर्णतः गलत हैं, देश के प्रत्येक नागरिक को उसकी धार्मिक क्रियाकलापों के लिए संवैधानिक अधिकार प्राप्त हैं, और उस पर कोई रोक नहीं लगाया जा सकता, ये स्थानीय प्रशासन जान लें, वे किसी भी कीमत पर किसी की भी तुष्टिकरण बर्दाश्त नहीं करेंगे, वे इस मुद्दे पर बुढ़मू के उन ग्रामीणों के साथ हैं, जिनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।