पाकिस्तान और भारत में एक समानता दिखी, एक पर्स चुराता है तो दूसरा चांदी का चम्मच

पाकिस्तान की एक खबर भारत के सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रही है, भारतीय जमकर उस खबर में रस ले रहे हैं और पाकिस्तानियों को भला-बुरा कहने से चूक नहीं रहे, जबकि ये भारतीय भूल रहे है कि उनके देश में ही संभ्रान्त कहेजानेवाले बुद्धिजीवी जिन्हें हम सभी पत्रकार कहते हैं, इसी प्रकार की हरकतों से, भारत के सम्मान में बट्टा लगा चुके हैं, वह भी तब, जब वे प.बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ लंडन दौरे पर थे।

आखिर मामला क्या है? मामला है कुवैत के राजदूत का पर्स चोरी करने के आरोप में पाकिस्तानी अधिकारी का गिरफ्तार होना। दरअसल पाकिस्तान में इमरान सरकार के ज्वाइंट सेक्रेटरी स्तर के वरिष्ठ अधिकारी जरार हैदर खान शुक्रवार को कुवैत के राजदूत का पर्स चुराते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गये। यह घटना तब प्रकाश में आई, जब कुवैत के राजदूत ने पर्स चोरी होने की शिकायत की, इसके बाद सीसीटीवी फुटेज चेक किये गये। जिसमें जरार हैदर खान पर्स उठाते हुए स्पष्ट रुप से दिखाई पड़ गये। बताया जाता है कि जब पाकिस्तान और कुवैत के संयुक्त मंत्रालय स्तरीय कमीशन की मीटिंग हो रही थी, तभी जरार हैदर ने इस घटना को अंजाम दिया। जरार हैदर द्वारा किये गये इस हरकत को पाकिस्तान के एक वरिष्ठ पत्रकार ने सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया।

फिर क्या था, मौका मिल गया भारतीयों को, पाकिस्तानियों का मजाक उड़ाने का, पर ये भूल गये, कि इससे भी बड़ी गंदी हरकत भारतीय पत्रकारों ने की थी, उस वक्त जब वे इसी साल की शुरुआत में प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ लंडन के दौरे पर थे। इस यात्रा के दौरान ये भारतीय पत्रकार चांदी के चम्मच चुराते सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गये थे। ये भारतीय पत्रकार चांदी के चम्मच चुराकर पर्स और बैग में डाल रहे थे, ये लोग वरिष्ठ पत्रकार और सम्पादक थे। कमाल है, जब इनसे पूछताछ हुई तो पहले उन्होंने कहा कि कुछ नहीं लिया, पर जैसे ही उनके सामने उनकी हरकतों को सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से परोसा गया, तब उन्होंने चोरी की बात स्वीकारी, इसके बाद उन्हें पचास पौंड का जुर्माना भी भरना पड़ा।

यानी भारतीय करें इसी प्रकार की हरकत तो कोई बात नहीं, और पाकिस्तानी करें तो गड़बड़ और उनके डीएनए तक की बात चली गई, अरे भाई आप ये क्यों भूल जाते है कि 1947 के पूर्व हम सब एक ही थे, और दोनों में कुछ न कुछ समानताएं तो आज भी है, जैसे ये चोरी वाली घटनाएं, ये अलग बात है कि भारत के पत्रकार विदेशों में चोरी करते हुए सीसीटीवी में कैद होते है और पाकिस्तान में वहां के अधिकारी पर्स चुराते हुए सीसीटीवी में कैद हो जाते है, इतनी अच्छी समानता तो हमें नहीं लगता कि किसी दूनिया में देखने को मिलेगी। वेलडन भारत, वेलडन पाकिस्तान, आपने कुछ में तो समानता दिखाई, आशा है कि इसी प्रकार हम सभी एक दूसरे का रिकार्ड तोड़ते रहेंगे और चोरी-डकैती के द्वारा अपना सम्मान बढ़ाते रहेंगे।