हेमन्त का नहले पे दहला, जो कॉमन मैन होता हैं, वो खूंटी का दौरा भी करता है, जैसे…

जिस खूंटी के इलाके में जनाब कॉमन मैन यानी मुख्यमंत्री रघुवर दास को जाने में पसीने छूटते हैं, उनके प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों के हालत पस्त हो जाते हैं, उस स्थान का दौरा करने का संकल्प, नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन ने कर लिया, वे कहते है कि सात जुलाई को, उनके नेतृत्व में संपूर्ण विपक्ष खूंटी के विभिन्न गांवों का दौरा करेगा,

जिस खूंटी के इलाके में जनाब कॉमन मैन यानी मुख्यमंत्री रघुवर दास को जाने में पसीने छूटते हैं, उनके प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों के हालत पस्त हो जाते हैं, उस स्थान का दौरा करने का संकल्प, नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन ने कर लिया, वे कहते है कि सात जुलाई को, उनके नेतृत्व में संपूर्ण विपक्ष खूंटी के विभिन्न गांवों का दौरा करेगा, तथा वस्तुस्थिति जानने की कोशिश करेगा कि आखिर क्या वजह रही, पत्थलगड़ी को लेकर, रघुवर सरकार की इतनी हालत खराब हो गई, कि पत्थलगड़ी इलाकों में प्रशासन को लाठी चार्ज करने की नौबत आ गई, जिसमें एक की मौत हो गई।

आखिर क्या वजह रही कि ग्रामीणों में राज्य सरकार के प्रति आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा,  यहां तक कि स्वयं भाजपा के ही दिग्गज नेताओं जैसे कड़िया मुंडा और अर्जुन मुंडा ने सरकार के काम-काज पर ही सवाल उठा दिये, पर सीएम रघुवर दास को विपक्ष तो छोड़ दीजिये, अपने ही दल के नेताओं द्वारा दिये गये बयान की चिन्ता नहीं हैं, शायद वे जान चुके हैं कि उनका कोई बाल-बांका नहीं कर सकता, जब तक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह एवं पीएम नरेन्द्र मोदी का वरदहस्त उन्हें प्राप्त है।

हेमन्त का ये संकल्प, एक बार फिर सीएम रघुवर दास को भेजा गया ऐसा जवाब है, जिसका जवाब देने की हिम्मत न तो सीएम रघुवर दास को हैं और न ही उनके मातहत काम करनेवाले उनके उच्चाधिकारियों की। सच देखा जाये तो पत्थलगड़ी समर्थकों ने राज्य सरकार की ऐसी नींद उड़ाई हैं कि उसकी धमक केन्द्र तक पहुंच गई हैं, यानी कड़िया मुंडा के शब्दों में एक ऐसी फुंसी जो अब ऐसा फोड़ा बन गया है, जिसका इलाज फिलहाल सीएम रघुवर दास से संभव नहीं।

इधर पत्थलगड़ी के इलाकों की ग्रामीणों की बात करें, तो वे नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन के इस दौरे का स्वागत करने में लगे हैं, वे मानते है कि हर समस्या का एक ही इलाज हैं, सम्मान के साथ ग्रामीणों से बातचीत, जो सीएम रघुवर दास के शासनकाल में संभव नहीं, क्योंकि वे कभी विश्वसनीय नहीं रहे। पांच जुलाई को झारखण्ड महाबंदी के बाद पत्थलगड़ी वाले खूंटी इलाके में विपक्षी दलों के नेताओं के साथ नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन का दौरा, एक बार फिर रघुवर सरकार के खिलाफ हेमन्त का नहले पर दहला हैं, यानी नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन ने राजनीति के हर मोड़ पर सरकार को कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया हैं, बेचारे कनफूंकवों के संग रहनेवाले शख्स की क्या औकात, की वे विपक्ष के इस खूंटी दौरे का एक तोड़ भी निकाल दे।

Krishna Bihari Mishra

Next Post

हमें खुशी हैं कि इंसानियत आज भी जिंदा है, प्रकाश सहाय जी आपका जवाब नहीं

Wed Jul 4 , 2018
प्रकाश सहाय, एक खांटी प्राध्यापक, खांटी पत्रकार और सबसे बड़ा खांटी इन्सान हैं, एक अच्छे इन्सान, जिनका दिल भारतीय संस्कृति और इन्सानियत के लिए सदैव धड़कता रहता है। आज अहले सुबह इन्होंने अपने फेसबुक सोशल साइट पर एक पोस्ट डाला है, जो हृदय विदारक है, मार्मिक है, हृदयस्पर्शी है। हो सकता है, किसी के लिए ये घटना छोटी हो सकती है,

Breaking News