सरकार की गीदड़भभकी से हेमन्त या JMM डरनेवाला नहीं, हर प्रश्नों का जवाब जेएमएम के पास है

आज झारखण्ड विधानसभा में स्थानीय व नियोजन नीति को लेकर विपक्ष ने भारी हंगामा किया। जिसके कारण सदन का भोजनावकाश के पूर्व का भाग हंगामें की भेंट चढ़ गया। सदन में नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन के साथ पूरे झामुमो के विधायक वेल में आ गये, तथा सरकार विरोधी नारे लगाये। ये सारे के सारे नेता राज्य सरकार की स्थानीय व नियोजन नीति को रद्द करने की मांग कर रहे थे,

आज झारखण्ड विधानसभा में स्थानीय व नियोजन नीति को लेकर विपक्ष ने भारी हंगामा किया। जिसके कारण सदन का भोजनावकाश के पूर्व का भाग हंगामें की भेंट चढ़ गया। सदन में नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन के साथ पूरे झामुमो के विधायक वेल में आ गये, तथा सरकार विरोधी नारे लगाये। ये सारे के सारे नेता राज्य सरकार की स्थानीय व नियोजन नीति को रद्द करने की मांग कर रहे थे, उनका कहना था कि इस नीति से झारखण्ड के युवाओं का हित नहीं सध रहा, बल्कि बाहरी राज्यों के युवाओं को लाभ पहुंच रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने तो शिक्षक नियुक्ति पर ही सवाल उठा दिया और इसकी सीबीआइ जांच की मांग उठा दी।

हालांकि सदन में हो रहे हंगामें को शांत करने के लिए स्पीकर दिनेश उरांव ने कई प्रयास किये, पर मामला शांत होता न देख, पहली बार उन्होंने सदन की कार्यवाही पौने बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी और दोबारा जैसे ही सदन शुरु हुआ, सीपी सिंह के अमर्यादित भाषा से नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन बहुत दुखी हुए और नगर विकास मंत्री की उन्होंने तीखी आलोचना की, इसी बीच सीपी सिंह और हेमन्त सोरेन के बीच हो रही तीखी बहस को समाप्त करने के उद्देश्य से स्पीकर ने सदन को भोजनावकाश यानी दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

सी पी सिंह का कहना था कि संसदीय लोकतंत्र में विधानसभा की कार्यवाही में नेता प्रतिपक्ष को विशेषाधिकार प्राप्त है, जब चाहे खड़े होकर बोल सकते है, वो जैसे भी शब्द का प्रयोग कर सकते हैं। कांग्रेस के इरफान अंसारी पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि इरफान अंसारी की बात दुध भात की तरह है, उनकी बातों को अन्यथा नहीं लिया जाना चाहिए। सी पी सिंह ने इसी बीच कह दिया कि स्मार्ट सिटी क्या है, कभी नेता प्रतिपक्ष ने जानने का काम किया, हमारे नेता प्रतिपक्ष को नगर निगम की सारी बाते पता है तो उजागर क्यों नही करते? क्या चक्कर है, कमीशन खाने के फिराक में है क्या, नगर विकास मंत्री रहते तो एक भी पैसे का काम नहीं किया, सारा बालू बेच दिया, नेता प्रतिपक्ष मैनहर्ट से पैसा खाए है, वो भी निकलवायेंगे, जमीन खरीदे है, सब निकलवायेंगे।

नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन का कहना था कि यहां के नौजवान भीख मांगने को मजबूर है, यहां के नौजवान आत्महत्या कर रहे हैं, ये सिलसिला इनके करतूतों के कारण हुआ है, और ये सारी घटनाएं कहां जाकर रुकेगी, कुछ कहा नहीं जा सकता। उन्होंने नगर विकास मंत्री सीपी सिंह के प्रश्नों के उत्तर के जवाब में कहा कि सदन में जो बाते रखी गई है, वो दुर्भाग्य की बात है।

उन्होंने कहा कि वे नगर विकास मंत्री से उम्र में बहुत छोटे है, पर शारीरिक और मानसिक क्षमता में उनसे ज्यादा जागरुक, और उनसे कही ज्यादा बोल सकता है, हेमन्त सोरेन ने कड़े शब्दों में कहा कि ये सरकार नहीं बोल रही, उनका अहंकार बोल रहा है, ये पांच सालों में जो विचारों में बदलाव आया है, वो दिख रहा है, उन्होंने कहा कि ऐसा नही कि उन्हें गाली-गलौज नहीं आता, या वे जो भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, वो नहीं आता, हमने भी चूड़ियां नहीं पहन रखी, सरकार की गीदड़भभकी से हेमन्त या जेएमएम डरनेवाला नहीं, उनके हर प्रश्नों का जवाब जेएमएम के पास है।

उन्होंने कहा वे मैनहर्ट लेकर बैठ जाये, दूध का दूध पानी का पानी हो जायेगा, ये लोग हाउसिंग की जमीन को किस नियम से फाइव स्टार होटल के लिए उपलब्ध करा रहे हैं, अरे नगर विकास मंत्री की करतूत तो उनके ही सांसद खूले तौर पर सार्वजनिक कर रहे हैं, अरे जिस मंत्री के विभाग का यह हाल है कि यहां हलकी बारिश में एक छोटी सी नन्ही बच्ची नाले में गिरकर मर जाती है, अगर इससे कही अधिक बारिश हो गई तो लगता है सैकड़ों की जाने चली जायेगी, हमारे विचार से तो जिसने गलतियां की, उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए, पर यहां सरकार है कहां, जो जनता के दुख को सुने या समझ सके।

Krishna Bihari Mishra

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Sun Jul 28 , 2019
दिनांक 20 जुलाई 2019 का रांची से प्रकाशित प्रभात खबर का पृष्ठ संख्या 10 और 11 देखिये। जिस पृष्ठ पर आम तौर पर संपादकीय या विशेष पृष्ठ दिये जाते हैं, उन पृष्ठों पर राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के विज्ञापन वह भी समाचार के रुप में प्रकाशित किये गये हैं, और उपर में नाम दिया गया है, मार्केटिंग इनिशियेटिव का।

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