हेमन्त ने सदन में ठोका ताल, हम अखबार और टीवी की कृपा से नहीं, जनता के आशीर्वाद से सत्ता में आये हैं

राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विधानसभा में, राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने ताल ठोककर कहा कि वे पिछली सरकार की अच्छी योजनाओं को आगे जरुर ले जायेंगे, पर उनका सर्वाधिक फोकस बड़ी-बड़ी बिल्डिंग और सड़कों पर कम,  राज्य की जनता के विकास पर उनका ज्यादा ध्यान होगा, वे अखबार और टीवी चैनलों में खुद को देखना पसन्द नहीं करेंगे, बल्कि लोगों के खिलखिलाते चेहरे देखना वे ज्यादा पसन्द करेंगे।

राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विधानसभा में, राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने ताल ठोककर कहा कि वे पिछली सरकार की अच्छी योजनाओं को आगे जरुर ले जायेंगे, पर उनका सर्वाधिक फोकस बड़ी-बड़ी बिल्डिंग और सड़कों पर कम,  राज्य की जनता के विकास पर उनका ज्यादा ध्यान होगा, वे अखबार और टीवी चैनलों में खुद को देखना पसन्द नहीं करेंगे, बल्कि लोगों के खिलखिलाते चेहरे देखना वे ज्यादा पसन्द करेंगे।

उन्होंने एक सवाल पर कि राज्यपाल के अभिभाषण में दिशोम गुरु शिबू सोरेन के नाम का जिक्र क्यों नहीं, बहुत ही खुबसुरत ढंग से जवाब दिया कि जब दिशोम गुरु का खुन ही सदन में मौजूद हैं तो फिर उनके जिक्र की क्या जरुरत?  उन्होंने सदन में साफ कहा कि वे स्वीकार करते हैं कि उनके सामने बहुत बड़ी चुनौतियां हैं, क्योंकि जिस प्रकार से पूर्ववर्ती पांच साल की सरकार ने शासन किया है, वह राज्य के लिए संक्रमण काल था।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने जनता का विश्वास खो दिया, यही कारण है कि अब राज्य में महागठबंधन की सरकार है, जिसमें झामुमो, कांग्रेस व राजद शामिल है, और आप (भाजपा) विपक्ष में हैं। उन्होंने इस बात को दुहराया कि राज्य की जो आर्थिक स्थिति हैं, उसे जनता के सामने रखना जरुरी हैं,और वे इस पर श्वेत पत्र लाने को अडिग है।

क्योंकि वर्तमान सरकार खरीद फरोख्त के आधार पर नहीं, बल्कि जनता के आशीर्वाद से सत्ता में आयी है।  इसके पूर्व झारखण्ड विधानसभा ने जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय और जामिया मिलिया इस्लामिया में हुई हिंसा पर चिंता व्यक्त भी की और इन घटनाओं के खिलाफ एक प्रस्ताव भी पास किया।

Krishna Bihari Mishra

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वाह भाई, गलती करें धनबाद SSP/SP व जिला प्रशासन और मुड़ी कटाएं धनबाद थाने का थानेदार

Thu Jan 9 , 2020
कमाल है, इधर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आंखे क्या तरेरी। धनबाद पुलिस हरकत में आ गई। बिना देर किये धनबाद थाने के थानेदार को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। अब सवाल उठता है कि क्या धनबाद थाने का थानेदार खुद से तीन हजार लोगों पर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया था, या उपर से उसे आदेश दिया गया था, क्योंकि राजद्रोह की धारा बिना किसी के इशारे पर तो धनबाद थानेदार ने लगाया नहीं होगा,

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