अपने कुकृत्यों के लिए दैनिक भास्कर के स्टेट एडिटर ने सोशल साइट के माध्यम से माफी मांगी, दिलाया भरोसा भविष्य में रखेंगे ध्यान
दैनिक भास्कर बिहार-झारखण्ड के स्टेट एडिटर कुलदीप व्यास ने सोशल साइट फेसबुक के माध्यम से अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगी है। उन्होंने फेसबुक पर लिखा है कि आज बिहार में हुई त्रासदी की खबर में लगे हेडिंग का हमें खेद है। इसके लिए मैं माफी चाहता हूं। भविष्य में विशेष ध्यान रखा जाएगा। कुलदीप व्यास ने यह माफी एक घंटे पहले मांगी है।
ज्ञातव्य है कि दैनिक भास्कर ने आज के अखबार में मां गंगा को राक्षसी के रूप में पेश कर दिया था। जिसकी सर्वत्र आलोचना व थू-थू हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग दैनिक भास्कर को जमकर लताड़ रहे हैं। जिसका प्रभाव दैनिक भास्कर पर पड़ा और उसके स्टेट एडिटर ने देश की जनता से माफी मांगी। दैनिक भास्कर ने आज हेडिंग दिया था कि ‘बिहार में नाव पलटीः भोज में जा रहे 13 बच्चे गंगा का भोग बने।’ यह हेडिंग किसी भी प्रकार से ग्राह्य नहीं था। क्योंकि जो भारत को जानते हैं, वे यह भी जानते है कि मां गंगा का भारतीयों के जीवन पर क्या प्रभाव है।
इसी बीच दैनिक भास्कर के इस कुकृत्य पर देश के कई अखबारों में अपना जीवन बीता चुके कई वरिष्ठ पत्रकारों ने इसकी कड़ी आलोचना की। आलोचना करनेवालों में साहित्यकार और बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी भी थे। वरिष्ठ साहित्यकार व संविधान विशेषज्ञ अयोध्या नाथ मिश्र ने दैनिक भास्कर के ओम गौड़ को एक पत्र ही लिख डाला। जरा देखिये, उन्होंने अपने पत्र में क्या पीड़ा व्यक्त की है…
मान्यवर गौड़ जी,
बिहार की एक खबर के शीर्षक से बहुत आघात पहुंचा। मां गंगा बच्चों का भोग नहीं लगातीं। दुखद और आस्था को झकझोर देने वाला यह शीर्षक है। कभी हमलोग बच्चों को समाचार पत्रों से भाषाई एवं साहित्यिक समृद्धि के लिए प्रेरित किया करते थे। अखबार उसके प्रतिमान थे, पर आज? वैसे मीडिया की अपनी-अपनी रुचि सुविधा और प्रतिबद्धताएं हैं, पर भाषा की दरिद्रता क्यों? यह एक पाठक की प्रतिक्रिया है जो लेखनी को सम्मान देता है।
सादर
अयोध्या नाथ मिश्र
