राजनीति

कांग्रेसी और वामदलों के भारत बंद को मिला जनसमर्थन, झारखण्ड समेत पूरे देश में मिला-जुला असर

पेट्रोल-डीजल में लगातार हो रही मूल्यवृद्धि तथा बढ़ती महंगाई के विरुद्ध में कांग्रेस द्वारा आज बुलाया गया भारत बंद का कांग्रेस शासित प्रदेशों में व्यापक असर वही भाजपा शासित राज्यों में इसका मिला-जुला असर देखने को मिल रहा हैं। सर्वाधिक असर कर्नाटक में दीख रहा हैं, जहां बंद असरदार हैं, सड़कों पर सन्नाटा पसरा हैं, वहीं जिन राज्यों में इसी साल के अंत में चुनाव होनेवाले हैं, वहां भी बंद अपना असर दिखा रहा हैं।

राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में बंद असरदार हैं। सड़कों पर वाहन नहीं चल रहे हैं, शिक्षण संस्थान बंद है, व्यापारिक प्रतिष्ठान भी बंद चल रहे हैं। इधर बिहार में पप्पू यादव की पार्टी के लोगों ने अपनी स्वाभावानुसार खूब जमकर बवाल काटे हैं, तोड़-फोड़ की है, जबकि मोतिहारी-बेतिया-मुजफ्फरपुर,पटना आदि इलाकों में बंद का असर मिला-जुला रहा।

झारखण्ड में हजारीबाग, कोडरमा, जमशेदपुर और देवघर आदि इलाकों में बंद का असर स्पष्ट दीख रहा हैं। कोडरमा में भाकपा माले के लोगों ने बंद कराने का एक तरह से जिम्मा ले लिया था, आज सबेरे ही भाकपा माले महासचिव का. दीपांकर भट्टाचार्य अपने समर्थकों के साथ झूमरीतिलैया की सड़कों पर उतर गये, जबकि गिरिडीह में भी भाकपा माले के सैकड़ों कार्यकर्ता एनएच पर उतरकर भारत बंद को सफल कराने में लगे रहे।

राजधानी रांची और उसके अगल-बगल के इलाकों में बंद का मिला-जुला असर दिखा, हालांकि आज के बंद को देखते हुए राजधानी के सभी स्कूलों ने अपने-अपने स्कूल पहले से ही बंद रखे थे, कुछ जगहों पर दुकानें बंद रही, जबकि कुछ जगहों पर सन्नाटा भी दिखा, तथा कुछ इलाकों में इस बंद का कोई असर नहीं दिखा।

जमशेदपुर में भी सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। लंबी दूरी के वाहन नहीं चले। सड़कों पर आम दिनों की तरह गाड़ियों का चलना नहीं हुआ, ज्यादातर लोगों ने घर के अंदर ही रहना मुनासिब समझा। लोहरदगा में बंद का कोई असर नहीं दिखा। हजारीबाग में कांग्रेस, झारखण्ड मुक्ति मोर्चा और भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया, यहां पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की मुठभेड़ भी हुई।

धनबाद में कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं ने विभिन्न गुटों में बंटकर, अपने-अपने स्थानीय नेताओं के साथ बंद कराने के लिए सड़कों पर उतरे और जगह-जगह बंद कराया, पर धनबाद में बंद का कहीं कोई खास असर नहीं दिखा। यहीं हाल निरसा, टुंडी, तोपचांची इलाकों का रहा। बोकारो में भी बंद शांतिपूर्ण रहा। यहां झारखण्ड विकास मोर्चा के कई नेताओं-कार्यकर्ताओं ने अपनी अच्छी खासी उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि रांची में बंधु तिर्की के साथ कई कार्यकर्ता, आज बंद कराने के लिए सड़कों पर उतरे।

पूरे झारखण्ड में आज की भारत बंद को देखते हुए, अच्छी खासी संख्या में पुलिस बल तैनात किये गये थे, तथा बंद समर्थकों से निबटने के लिए प्रशासन को मुस्तैद कर दिया गया था। इधर झारखण्ड के विभिन्न रेल मंडलों में चलनेवाले विभिन्न ट्रेनों पर भी आज के बंद का कोई असर नहीं देखा गया, ट्रेने सामान्य दिनों की तरह चली।