बहुत तेजी से अलोकप्रिय हो रहे हैं झारखण्ड के सीएम रघुवर दास

रघुवर दास का सोशल साइट – फेसबुक। जनाब गिरिडीह जा रहे है, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने, उड़नखटोले पर बैठकर। इस उड़नखटोले पर बैठे हुए जनाब के दो फोटो भी फेसबुक पर डाले गये है। उड़नखटोले पर बैठे हुए सीएम के हाथों में इंडिया टूडे का अंग्रेजी संस्करण पत्रिका हाथ में हैं। कभी वे पत्रिका देख रहे है तो कभी उड़नखटोले के बाहर खिड़की से वाह्य दृश्यों को आनन्द ले रहे हैं।

रघुवर दास का सोशल साइट – फेसबुक। जनाब गिरिडीह जा रहे है, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने, उड़नखटोले पर बैठकर। इस उड़नखटोले पर बैठे हुए जनाब के दो फोटो भी फेसबुक पर डाले गये है। उड़नखटोले पर बैठे हुए सीएम के हाथों में इंडिया टूडे का अंग्रेजी संस्करण पत्रिका हाथ में हैं। कभी वे पत्रिका देख रहे है तो कभी उड़नखटोले के बाहर खिड़की से वाह्य दृश्यों को आनन्द ले रहे हैं। जनाब ने फेसबुक पर दो शब्द लिखते हुए स्पष्ट किया है कि वे गिरिडीह जा रहे है, वहां सभी साथियों से उनकी मुलाकात होगी।

रघुवर दास की साइट पर जनता की तीखी प्रतिक्रिया

फिलहाल, हमारी घड़ी में शाम के 7 बजकर 40 मिनट हुए है, ठीक इसी समय में देख रहा हूं कि रघुवर दास की इस साइट पर करीब 5400 से भी ज्यादा लाइक, 228 कमेंट्स और 106 शेयर हुए दीख रहे है। ठीक इसी समय मेरी नजर पड़ती है, भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं कई पदों पर कार्य कर चुके अमृतेश सिंह चौहान के कमेंट्स पर, जिसमें वे लिखते है कि “प्रणाम, जिसमें आप बैठे है भाई साहब उसमें हर महीने एक लाख का घोटाला है, प्रमाण दे क्या?” इसके बाद राकेश रंजन का कमेंट्स आता है – “जरुर दीजिये अगर है तो”। अमृतेश सिंह चौहान का जवाब आता है – “एजी के ऑडिट रिपोर्ट में ही 16 साल से अभी तक 100 करोड़ का दिखाया जा चुका है”।

और अब देखिये आम जनता का क्या रिएक्शन है, इस दौरे पर…

  • चंदर वर्मा, गिरिडीह में बदहाल बिजली व्यवस्था का रोना रो रहे है, वे कह रहे है कि पिछले 6 माह से गिरिडीह के ग्रामीण क्षेत्र को छोड़िये, शहर में भी चार घंटे बिजली नहीं मिलती।
  • आरिफ जफर ने लिखा है कि आप हेलीकॉप्टर में उड़िये, जनता का माल उड़ाइये और खुद को फकीर बताइये, अच्छा मजाक है।
  • संतोष कुमार ने लिखा – जमीनी स्तर पर देखेंगे तो पता चलेगा सर, काफी पीछे है गिरिडीह।
  • मनोज कुमार ने लिखा – सर जी रांची टाटा मानगो रोड के लिए भी कुछ कीजिये, सर जी आप अपने साथ बीजेपी का नाम भी रोशन कीजिये।
  • सुभाष वर्मा – गिरिडीह ने बीजेपी को 4 एमएलए और दो एमपी दिया, पर गिरिडीह के साथ हमेशा धोखा हुआ, न मेडिकल कालेज दिया और न ही इंजीनियरिंग कालेज।
  • कुणाल कुमार – गिरिडीह को ना रोड है न बिजली और 24*7 का सपना देखा रहे है।
  • विजयशा वर्मा गोगर – सामाजिक संस्था से जुड़ा हूं, हमारी एबुंलेंस एक्सीडेंट हो गया, इधर 3 महीने से ड्राइवर, अपनी ड्राइविंग लाइसेंस के रिन्यूवल के लिए घूम रहा है, पर नहीं बन रहा, अब तो इंश्योरेंस क्लेम में दिक्कत होगी, जनता त्रस्त, अफसर मस्त।
  • नवीन कुमार सिंह – सरकार का काम शराब बेचना नहीं है। सर हमलोगों के बात पर ध्यान दीजिये, पावर मिलने के बाद अक्सर लोग अँधा हो जाते है, आप भी कुछ ऐसा ही कर रहे है।
  • राज कुमार शर्मा – जब आप गिरिडीह आ रहे है तो एक बार पूरा शहर घूम लीजिये, पता लग जायेगा, क्या स्थिति है गिरिडीह की।
  • योगेन्द्र कुमार – सबका साथ सबका विकास या केवल झोला छाप डाक्टर का साथ और झोला छाप डाक्टर का विकास। सर मधुपुर में खूलेआम झोलाछाप डाक्टर दुकान खोलकर बैठा है।
  • धरमवीर कुमार महतो – जमशेदपुर में ही एसएसडब्लयूएल कंपनी में मजदूरों का शोषण हो रहा है, कोई देखनेवाला नहीं।
  • सौरभ पंडित – कुछ करो महाराज बहुत खराब हालत बा डालटनगंज में बिजली के।
  • ऋषि दूबे – अगला बार फिर नहीं बैठ पाओगे मंत्री जी, बैठ लो जितना दिन का कार्यकाल है।
  • बाबू लाल एम बरवाडीह – इन्हें क्या पता गरीबी का, ये कहते है गरीब का बेटा हूं, जब ये गरीब का बेटा है तो झारखण्ड में किसान क्यों मर रहा है?
  • नीरज तिवारी – कभी जमीन पर भी रह लिया करें, कोई बात नहीं खजाने से उड़ ले, फिर तो जमीन पर ही रहना है।
  • नरेश यादव – मोदी जी, देवघर में एम्स बनवाने के लिए घोषणा किये थे, काम कब चालू होगा?
  • अरविन्द तिवारी – बहाली में धांधली हो रहा है।
  • रवि प्रकाश चोपड़ा – मूरख बनाना छोड़ों, जमीन पर आ जाओ, सीएम साहेब।
  • प्रोबीर आचार्जी – मेरा फार्म गिरिडीह के एसडीओ ने रिजेक्ट कर दिया। वह डोमिसाइल सर्टिफिकेट के लिए जमीन के कागजात मांग रही है, जबकि आपने स्थानीयता के लिए और भी कुछ प्रमाण रखे है, पर यहां तो केवल जमीन के कागजात के आधार पर ही डोमिसाइल दिया जा रहा है, आप कुछ तो करो।
  • दीपक त्रिवेदी – व्यंग्यात्मक लहजे में ये रवीन्द्र पांडे कौन है, कोई बोल रहा था सांसद है यहां के।

कुल मिलाकर देखें तो रघुवर दास के इस साइट पर मुख्यमंत्री रघुवर दास का प्रशंसा करनेवाला आपको इक्का-दुक्का लोग ही मिलेगा, लेकिन इनकी आलोचना करनेवालों की तादाद बहुत अधिक है, ज्यादातर लोग इस बात को लेकर रोना रो रहे है कि तीन साल बीतने को आये और इस सरकार ने आधारभूत संरचना जैसे बिजली, सड़क और पानी की बेहतरी के लिए कुछ नहीं किया। राज्य के बहुत सारे इलाकों में बिजली की स्थिति दयनीय है, सडकें बदहाल है, स्वास्थ्य सेवाओं का भी बुरा हाल है, लोग झोलाछाप डाक्टरों के हाथों इलाज कराने को मजबूर है, पर कोई देखनेवाला नहीं, ऐसे में लोग सीएम रघुवर दास से कैसे खुश रहेंगे?  इसलिए भाजपा कार्यकर्ता तो सीएम रघुवर दास से नाराज है ही, आम जनता पर भी मुख्यमंत्री की पकड़ ढीली है, लोग सीएम से बेहद नाराज है।

Krishna Bihari Mishra

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