जिस राज्य में संतोषी भूख से दम तोड़ती हैं, वहीं का CM बैलून उड़ाने में 2 लाख उड़ा देता है

सीएम रघुवर दास के शासनकाल में झारखण्ड ऐसा बदला कि यहां का सीएम मात्र दो दिन में ही एक करोड़ 76 लाख रुपये अपने खाने पर उड़ा देता है। यहीं नहीं बैलून उड़ाने का इतना शौक उसे हो जाता है कि वह दो लाख रुपये बैलून उड़ाने में फूंक देता हैं। बिना यात्री के वह चार्टर्ड विमान उड़ा देता हैं। बजट परिचर्चा कराने को गढ़वा जाता हैं और वहां एक समुदाय को आपत्तिजनक शब्द बोलकर चल देता हैं, वह सदन में अपने विरोधियों को भी गाली से नवाजता हैं

यह कितने दुर्भाग्य की बात है कि जिस राज्य में लोग भूख से दम तोड़ रहे होते हैं, जहां किसान आत्महत्या कर रहे होते हैं, जहां के युवा और युवतियां दूसरे राज्यों में पोछा लगाने को विवश हैं, वहां का मुख्यमंत्री सिर्फ बैलून उड़ाने में दो लाख फूंक देता है और दो दिनों के खाने पर करोड़ों फूंक देता है अर्थात् सीएम रघुवर दास के शासनकाल में झारखण्ड ऐसा बदला कि यहां का सीएम मात्र दो दिन में ही एक करोड़ 76 लाख रुपये अपने खाने पर उड़ा देता है। यहीं नहीं बैलून उड़ाने का इतना शौक उसे हो जाता है कि वह दो लाख रुपये बैलून उड़ाने में फूंक देता है। बिना यात्री के वह चार्टर्ड विमान उड़ा देता है। बजट परिचर्चा कराने को गढ़वा जाता है और वहां एक समुदाय को आपत्तिजनक शब्द बोलकर चल देता है, यहीं नहीं वह सदन में अपने विरोधियों को भी गाली से नवाजता है और फिर पत्रकारों से गलथेथरई करने में भी हिचक नहीं दिखाता। वह पत्रकारों को धमकियाता है और कहता है कि मीडिया का काम भी केवल सवाल – जवाब करना नहीं, बल्कि सच का सामना करना है।

झारखण्ड विधानसभा में ही मुख्यमंत्री रघुवर दास अपने विरोधियों को गाली देता है पर विधानसभाध्यक्ष दिनेश उरांव किंकर्तव्यविमूढ़ है। इस मामले में जब विधानसभाध्यक्ष से विद्रोही 24. कॉम साक्षात्कार करने के लिए दिनेश उरांव से संपर्क करता है, तो वे साक्षात्कार देने में स्वयं को असहज पाते हैं और साक्षात्कार देने से ही इनकार करते है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा भी इस डिजिटल युग में जहां हर कोई अपने स्मार्टफोन में सीएम का विधानसभा में दिये गये आपत्तिजनक बयान को बारंबार देख-सुन रहा है, वे थेथरई करने से बाज नहीं आते और बयान देते है कि सीएम रघुवर ने ऐसा कुछ भी नहीं कहा।

ऐसे में जब किसी पार्टी का अध्यक्ष और राज्य का सीएम ही सत्य को झूठलाना प्रारंभ कर दें, तो ऐसे में नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन ने ठीक ही कहा कि हम ऐसे व्यक्ति से माफी मांगने को भी नहीं कह सकते, क्योंकि उसे पता ही नहीं कि उसने अपराध क्या किया है?  सचमुच झारखण्ड बदला है, भाजपा के लोग बदले हैं, उसके कार्यकर्ता भी बदले हैं। कल तक कसमें खायी जाती थी कि भाजपा में ऐसा कुछ नहीं होता, उसके नेता व कार्यकर्ता बहुत ही शालीन होते है, क्योंकि इसके ज्यादा नेता व कार्यकर्ता उसूलों वाले, संघ से जुड़े होते हैं, पर ये विश्वास अब टूटा हैं, सत्ता में मदांध व्यक्ति पागल हाथी की तरह सारे मर्यादाओं को तोड़ता चला जा रहा हैं और ऐसे सीएम को मजबूत करने में भाजपा और संघ के ही शीर्षस्थ नेताओं का समूह लगा है, ऐसे में कालांतराल में भाजपा की स्थिति भी, आज के कांग्रेस जैसी हो जाये तो इसमें अतिश्योक्ति नहीं होना चाहिए।

हाल ही में भाजपा के ही वरिष्ठ नेता प्रेम कटारुका ने फेसबुक पर लिखा था कि अब हमलोग थेथरोलॉजी में पीएचडी करने जा रहे हैं, हमें लगता है कि अब करने नहीं जा रहे, बल्कि पीएचडी की उपाधि ले ली हैं, नहीं तो अब तक सीएम रघुवर दास, अपनी गलतियों के लिए माफी मांग लेते, ऐसे भी माफी हर कोई नहीं मांगता, माफी मांगने के लिए भी चरित्र, संस्कार और चिन्तन करने का गुण व्यक्ति विशेष को होना चाहिए, जहां तीनों का अभाव हो, और व्यक्ति स्वयं को भगवान मानना शुरु कर दें, तो वहीं होता है, जो आज झारखण्ड में दीख रहा। सीएम के शब्दों में सचमुच हाथी उड़ रहा हैं।

Krishna Bihari Mishra

Next Post

लीजिये, अब झारखण्ड की मुख्य सचिव राजबाला वर्मा भी माननीया हो गई

Sun Dec 17 , 2017
आम तौर पर माननीय/माननीया शब्दों का प्रयोग राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केन्द्रीय/राज्य मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, जनप्रतिनिधियों के लिए ही होता हैं, पर झारखण्ड में अब खूले तौर पर मुख्य सचिव के लिए भी माननीया शब्द का प्रयोग होने लगा हैं, कल अगर प्रधान सचिवों/सचिवों के लिए, भी अगर माननीय/माननीया शब्द का प्रयोग होने लगे तो आश्चर्य मत करियेगा।

You May Like

Breaking News