ये हैं झारखण्ड के तथाकथित बड़े पत्रकार, जिनकी नजरों में छोटे पत्रकारों की कोई अहमियत नहीं
जो मैंने 17 सितम्बर को बीएनआर होटल में फेसबुक लाइभ के दौरान कहा था, आज वहीं देखने को मिला। एक – दो अखबारों को छोड़कर, रांची से प्रकाशित सभी अखबारों ने चैंबर ऑफ कामर्स और सत्ता में बैठे मठाधीशों के तलवे चाटे हैं। चैंबर ऑफ कामर्स के समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित कर उसकी स्तुति गाई हैं और उन छोटे-छोटे पत्रकारों के इज्जत के साथ खेल गये, जिनकी इज्जत से वे बराबर खेलते रहे हैं।
Read More