व्यापारी स्वयंसेवकों ने संघ कार्यालय पर जमाया कब्जा, अमित शाह को गलत रिपोर्ट सौंपी

रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर, झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास से उपकृत व्यापारियों के दल का कल कब्जा रहा, जिसका परिणाम यह हुआ कि संघ के बड़े-बड़े अधिकारियों की घिग्घी बंद हो गयी, और इन व्यापारी स्वयंसेवकों ने अमित शाह को वहीं बात बताया, जो मुख्यमंत्री रघुवर दास उन व्यापारियों के माध्यम से अमित शाह को बतलाना चाहते थे।

रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर, झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास से उपकृत व्यापारियों के दल का कल कब्जा रहा, जिसका परिणाम यह हुआ कि संघ के बड़े-बड़े अधिकारियों की घिग्घी बंद हो गयी, और इन व्यापारी स्वयंसेवकों ने अमित शाह को वहीं बात बताया, जो मुख्यमंत्री रघुवर दास उन व्यापारियों के माध्यम से अमित शाह को बतलाना चाहते थे।

याद करिये, कुछ महीने पहले नितिन गडकरी, सीएम रघुवर दास के साथ निवारणपुर स्थित संघ कार्यालय पहुचें थे, उस वक्त संघ के स्वयंसेवकों ने नितिन गडकरी के समक्ष ही मुख्यमंत्री रघुवर दास की क्लास ले ली थी, जिससे मुख्यमंत्री की छवि को नितिन गडकरी के समक्ष गहरा धक्का लगा था। मुख्यमंत्री रघुवर दास नहीं चाहते थे कि फिर ऐसी कोई घटना भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के समक्ष घटे, जिससे उनकी किरकिरी हो जाय और उनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी खतरे में पड़ जाये, इसलिए मुख्यमंत्री ने संघ के उन व्यापारी स्वयंसेवकों की मदद ली, जिन्हें वे मुख्यमंत्री बनने के बाद से लेकर अब तक उपकृत करते आ रहे हैं, और जिन्हें वे राज्य की विभिन्न योजनाओं की खुलकर लाभ भी दे रहे हैं।

इन व्यापारी स्वयंसेवकों ने भी संकल्प लिया कि वे अमित शाह के समक्ष कोई ऐसी बात नहीं बोलेंगे, जिससे सीएम रघुवर दास की छवि को धक्का लगे तथा जिन सरकारी योजनाओं का वे लाभ ले रहे है, उससे उन्हें वंचित होना पड़ें। इन व्यापारी स्वयंसेवकों का मानना था कि एक उन्हीं के समुदाय के बीच का मुख्यमंत्री ही उन्हें हर प्रकार के व्यवसाय में मदद कर सकता है, इसलिए वे खुलकर मुख्यमंत्री रघुवर दास का समर्थन करने में जुट गये।

चूंकि इन व्यापारी स्वयंसेवकों का निवारणपुर संघ कार्यालय में तूती बोलती है, इसलिए किसी की हिम्मत नहीं कि वे इन व्यापारी स्वयंसेवकों तथा संघ के अनुषांगिक संगठनों पर काबिज रहनेवाले इन महानुभावों के खिलाफ एक शब्द बोल सके, इसलिए इन व्यापारी स्वयंसेवकों ने एक सूची बनाई कि अमित शाह के साथ होनेवाली बैठकों में कौन- कौन भाग लेगा। ऐसे लोगों की सूची बनाई गई, जो रीढ़विहीन हो, जो एक शब्द बोल नहीं सके, हां में हां मिलाये, रघुवर दास के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोल सके, रघुवर सरकार का महिमामंडन करें, साथ ही उन लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया गया, जो रघुवर सरकार की सही स्थिति को रखनेवाले थे या आलोचना करनेवाले थे, या जिन्होंने केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष सीएम रघुवर दास की कड़ी आलोचना की थी और इस प्रकार संघ के नाम पर हुई बैठक में शामिल हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और वे लोग जो कहने को तो स्वयंसेवक थे, पर सही मायनों में सीएम रघुवर दास के प्रतिनिधि थे।

सूत्र बताते है कि इस संघ कार्यालय में आयोजित बैठक में सीएम रघुवर दास के प्रतिनिधि के रुप में, स्वयंसेवकों का वेषभूषा धारण कर जो लोग शामिल हुए, उनके नाम इस प्रकार है – ज्ञानू जालान, पवन मंत्री, श्रवण सिंह, राकेश लाल, संघ के क्षेत्रीय प्रचारक रामदत्त जी, प्रांतीय प्रचारक रविशंकर जी, भारतीय मजदूर संघ के सुरेश जी, विश्व हिन्दू परिषद् के केशव राजू। यह बैठक प्रातः 8.30 से 10.45 तक चली। बैठक में सभी ने एक स्वर से सीएम रघुवर दास की आरती उतारी। बाद में अमित शाह के लिए, नाश्ता हेतु होटल कावेरी से इडली बड़ा मंगवाया गया। बात – बात में संघ की प्रशंसा और उसकी अहमियत को बतानेवाले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने संघ कार्यालय में निर्मित नाश्ते को हाथ तक नहीं लगाया और हुआ वहीं, जिसका अंदेशा था। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह रघुवर दास द्वारा बनाये गये जाल में फंस कर बैठक की इतिश्री कर दी।

Krishna Bihari Mishra

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Mon Sep 18 , 2017
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