काश के के सोन की जगह, झारखण्ड के स्वास्थ्य सचिव आज भी नितिन मदन कुलकर्णी होते…
“पूर्व स्वास्थ्य सचिव डा. नितिन मदन कुलकर्णी मुखर और हरदिल अजीज थे। वे झारखण्ड की स्वास्थ्य सेवा को उच्च स्तर पर ले जाने को प्रयासरत रहे हैं। कोरोना काल में उनकी सुझ-बुझ का नतीजा ही रहा कि झारखण्ड की स्थिति बेहतर रही। वे धनबाद के मुद्दे पर भी त्वरित कार्रवाई करते थे, पर के के सोन वैसे नहीं हैं।” यह कहना है एक युवा समाजसेवी अंकित राजगढ़िया का।
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