झारखण्ड में हवा निकल गई, रघुवर दास के कैशलेस अभियान और पीएम नरेन्द्र मोदी के सपनों की

पूरे देश में केवल रघुवर दास ही ऐसे मुख्यमंत्री है, जो सर्वाधिक बुद्धिमान हैं। उनकी बुद्धिमानी का ही परिणाम है कि जिस नगड़ी में, उन्होने पिछले साल 2 दिसम्बर 2016 को कैशलेश अभियान का उद्घाटन किया था, उस कैशलेस अभियान की हवा निकल गई है। नगड़ी में कैशलेश अभियान के उद्घाटन के दौरान, जो उन्होंने दावा किया था कि 2017 तक सभी विभाग पेपर लेस हो जायेंगे, उसकी भी हवा निकल रही है

पूरे देश में केवल रघुवर दास ही ऐसे मुख्यमंत्री है, जो सर्वाधिक बुद्धिमान हैं। उनकी बुद्धिमानी का ही परिणाम है कि जिस नगड़ी में, उन्होने पिछले साल 2 दिसम्बर 2016 को कैशलेश अभियान का उद्घाटन किया था, उस कैशलेस अभियान की हवा निकल गई है। नगड़ी में कैशलेश अभियान के उद्घाटन के दौरान, जो उन्होंने दावा किया था कि 2017 तक सभी विभाग पेपर लेस हो जायेंगे, उसकी भी हवा निकल रही है और इसकी हवा निकालने में स्वयं राज्य के आईएएस अधिकारियों की टीम ही लगी हुई हैं।

याद करिये, 2 दिसम्बर 2016 सीएम रघुवर दास, मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, विकास आयुक्त अमित खरे, नगड़ी में लंबे-लंबे भाषण दिये जा रहे हैं, इस भाषण में दावा किया जा रहा हैं कि कैशलेस अभियान से ही झारखण्ड की सुरत बदल सकती है, इसकी शुरुआत नगड़ी प्रखण्ड से की जा रही हैं, सबसे पहले नगड़ी को कैशलेस किया जायेगा और यहीं से झारखण्ड की दशा और दिशा तय हो जायेगी।

अब जरा, मुख्यमंत्री रघुवर दास, मुख्य सचिव राजबाला वर्मा और अमित खरे ही बता दें कि कैशलेश अभियान का क्या हुआ?  क्या पूरा राज्य कैशलेस हो गया?  अरे छोड़िये, जहां आप सभी ने इसका उद्घाटन किया, वहां की क्या हालात है क्या नगड़ी प्रखण्ड कैशलेस हो गया, अगर नहीं हुआ तो आप सभी को जनता से माफी मांगनी चाहिए, ये कहते हुए कि हम अयोग्य हैं, हम किसी भी योजनाओं को मूर्तरुप देने में असमर्थ हैं। हम केवल भाषण देना जानते हैं, और इससे ज्यादा कुछ हमें नहीं आता। केवल जनता यह याद रखें, जैसे ही हम अवकाश प्राप्त करेंगे, किसी भी पार्टी का दामन थामकर चुनाव लड़ेंगे और आप हमें लोकसभा या विधानसभा पहुंचा दीजियेगा, ठीक उस डीजीपी बीडी राम की तरह, जो पहले पुलिस महानिदेशक के रुप में जमे रहे और अब अवकाश प्राप्त करने के बाद सांसद बनकर परमआनन्द की प्राप्ति कर रहे हैं।

जिस राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास और जहां के अधिकारियों की यह मनोबृत्ति हो, वह राज्य भला क्या प्रगति करेगा? बस उधर प्रधानमंत्री ने कुछ बोला और लीजिये चल पड़े उसे पूरा करने, वह भी बिना सोचे, बिना विचारे, बिना प्लानिंग के। याद करिये 20 दिसम्बर 2016, रघुवर सरकार ने झारखण्ड और देश की जनता के सामने सफेद झूठ बोला कि बोकारो जिले के चंद्रपुरा प्रखंड की दुगदा पश्चिमी और दक्षिणी पंचायत को कैशलेस कर दिया गया, पर सच्चाई कुछ दूसरी ही थी, जिसे कई अखबारों ने प्रकाशित किया और राज्य सरकार की झूठ की पोल खोलकर रख दी।

प्रमाण के लिए एक अखबार की कटिंग आपके समक्ष है। जिसमें अखबार ने साफ लिखा है, हेडिंग है – न सिस्टम, न जानकारी, हो रहा नकदी लेन-देन। कहने का तात्पर्य है कि रघुवर सरकार और उनके अधिकारी कुछ बोले तो आप विश्वास नहीं करें, क्योंकि ये आम जनता की हित की बात नहीं करते, ये सिर्फ और सिर्फ धन्नासेठों-नेताओं और आईएएस-आईपीएस अधिकारियों के हितों की ही बात करते हैं, आम जनता का ये कितना ख्याल रखते हैं, उसका उदाहरण है –कैशलेस अभियान की हवा निकल जाना।

Krishna Bihari Mishra

Next Post

तो क्या बिना विमर्श के ही खाद्यान्न वितरण में डीबीटी लागू कर दिया रघुवर सरकार ने?

Fri Oct 6 , 2017
राज्य के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री सरयू राय ने अपने ही विभागीय सचिव विनय कुमार चौबे को खाद्यान्न वितरण में डीबीटी के अध्ययन पर विचार करने और इस संबंध में 10 अक्टूबर को विमर्श करने के लिए पत्र लिखा है। विमर्श का मूल कारण है खाद्यान्न वितरण में डीबीटी लागू करने के बाद उठ रही आशंकाओं पर। ये आशंकाएं ऐसे ही नहीं उभरी है।

Breaking News