CM ने बंधक बने अय्यूब को मुक्त कराया पर मेंदाता के खिलाफ कार्रवाई पर चुप्पी साधी

आखिर मुख्यमंत्री रघुवर दास का ज्ञानचक्षु खुला और उन्होंने मो. अय्यूब मामले में संज्ञान ले ही लिया। हम आपको बता दे कि मो. अय्यूब को मेदांता अस्पताल ने बंधक बनाकर रखा था, तथा मुख्यमंत्री से इस संबंध में मो. अय्यूब ने पिछले दिनों गुहार भी लगाई थी, पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस पर ध्यान ही नहीं दिया। जब इस समाचार को सोशल साइट से जुड़े लोगों ने प्रमुखता से स्थान दिया।

आखिर मुख्यमंत्री रघुवर दास का ज्ञानचक्षु खुला और उन्होंने मो. अय्यूब मामले में संज्ञान ले ही लिया। हम आपको बता दे कि मो. अय्यूब को मेदांता अस्पताल ने बंधक बनाकर रखा था, तथा मुख्यमंत्री से इस संबंध में मो. अय्यूब ने पिछले दिनों गुहार भी लगाई थी, पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस पर ध्यान ही नहीं दिया। जब इस समाचार को सोशल साइट से जुड़े लोगों ने प्रमुखता से स्थान दिया। तब जाकर इस मुद्दे को आज सीएम रघुवर दास ने गंभीरता से लिया तथा मेदांता अस्पताल द्वारा मो. अय्यूब के परिजनों को 9.85 लाख रुपये का बिल दिये जाने और भुगतान न करने पर मरीज को बंधक बनाये जाने की शिकायत सुनकर तत्काल कार्रवाई करने का दिशा-निर्दश दिया।

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार मो. अय्यूब को अस्पताल से उनके घर पहुंचा दिया गया। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने स्पष्ट रुप से कहा है कि मो. अय्यूब को एक भी पैसा मेदांता अस्पताल को नहीं देना है। उन्होने यह भी कहा कि कोई भी अस्पताल मरीज से बिना वजह अधिक पैसा ना मांगे, नहीं तो ऐसी सूचना मिलने पर दोषी अस्पतालों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने मो. अय्यूब को उसके घर पहुंचा देने का दावा जरुर किया, साथ ही ऐसा करनेवालों के खिलाफ मुख्यमंत्री द्वारा कड़ी कार्रवाई करने का बयान भी आ गया, पर मो. अय्यूब के साथ ऐसा करनेवाले मेदांता अस्पताल के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की जायेगी, इस पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने चुप्पी साध ली।

 

Krishna Bihari Mishra

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