राजनीति

जामताड़ा नगर परिषद में भी भाजपा की हालत पतली, नाराज कार्यकर्ता ही हरायेंगे भाजपा को

झारखण्ड में दलीय आधार पर पहली बार नगर निकाय चुनाव हो रहे हैं और सत्तारुढ़ दल यानी भाजपा उन सारे नियमों को इस बार ताक पर रख दी है, जिन नियमों की अवहेलना करने की इजाजत न तो संविधान देता है और न ही चुनाव नियमावली, फिर भी चूंकि भाजपा सत्ता में हैं, इसलिए उनके खिलाफ कोई नहीं बोल रहा, बल्कि उलटे उनकी गलतियों पर पर्दा डालते हुए, वह उनकी सारी गलतियों को नजरदांज कर दे रहा है।

ऐसे भी, जामताड़ा नगर परिषद के अध्यक्ष पद पर यहां से भाजपा जीत जाये, इसकी संभावना यहां दीख नहीं रही, क्योंकि भाजपा के टिकट वितरण से यहां के ज्यादातर भाजपा कार्यकर्ता नाराज चल रहे है और अगर किसी कारणों से यहां से भाजपा जीत भी गई तो गलत शपथ पत्र दायर करने का किसी ने भी न्यायालय में वाद दायर कर दिया, तो समझ लीजिये भाजपा के हाथों से यह सीट जानी तय है। जामताड़ा नगर परिषद अध्यक्ष पद पर भाजपा कैंडिडेट के रुप में खड़ी रीना देवी के नाम दो-दो जगहों पर मतदाता सूची में दर्ज हैं, भला एक ही व्यक्ति या एक ही कैंडिडेट दो जगहों पर मतदाता कैसे हो सकता है? और दो जगहों से मतदाता होने पर वह चुनाव कैसे लड़ सकता है?

जामताड़ा के ही रहनेवाले सचिन घोष ने इसकी शिकायत निर्वाचन आयोग समेत जिले के निर्वाचन पदाधिकारियों से की है, तथा इससे संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध कराये हैं। इन दस्तावेजों से साफ पता लग जाता है कि भाजपा कैंडिडेट के रुप में खड़ी रीना देवी, पति अरविन्द कुमार मंडल, गांव राकुडीह, पंचायत-धरवाडीह, जिला – देवघर की निवासी है। यहां रीना कुमारी का मतदाता क्रम संख्या 182 में रीना देवी दर्ज है, जबकि इनका पहचान पत्र संख्या एमक्यूएस 0393801 है, वहीं मतदाता सूची क्रम संख्या 188 में अरविंद कुमार मंडल का नाम दर्ज है, जो उनके पति है। वहीं जामताड़ा नगर पंचायत के मुहल्ला गांधी कुटीर के पते पर वार्ड नंबर 9, मतदान केन्द्र संख्या 911 तथा मतदाता सूची संख्या 608 में भी नाम दर्ज हैं, यानी एक ही कैंडिडेट का नाम दो स्थानों पर मतदाता के रुप में दर्ज है।

जामताड़ा के निर्वाची पदाधिकारी नवीन कुमार का कहना है कि चूंकि ये मामला उनके पास बहुत बाद में आया, अब स्क्रूटनी और नाम वापसी का भी समय इधर समाप्त हो चुका है, पहले ये बात आती तो निर्णय लिया जा सकता था, इसलिए अब जो होना है, चुनाव परिणाम आने के बाद ही होगा, अगर रीना देवी चुनाव जीत जाती है और किसी ने गलत शपथ पत्र के आधार पर नामांकन दर्ज कराने का न्यायालय में मुकदमा दायर किया तो वह मुश्किल में पड़ सकती है।

सूत्र बताते है कि चूंकि जामताड़ा नगर परिषद के निवर्तमान अध्यक्ष वीरेन्द्र मंडल हैं और ये भाजपा कार्यसमिति के सदस्य भी है, धनबल से भी मजबूत हैं, इसलिए इन्होंने अपनी पार्टी पर पकड़ के आधार पर अपनी बहन रीना देवी को जामताड़ा से भाजपा का टिकट दिलाकर, चुनावी मैदान में उतार दिया है, बहरहाल भाजपा कार्यकर्ताओं की नाराजगी तथा दो जगहों से मतदाता होने के कारण उठे विवाद ने प्रदेश भाजपा की नींद उड़ा दी है, क्योंकि उसे मालूम है कि जामताड़ा नगर परिषद में भाजपा जीत कर भी हार जायेगी, ऐसी संभावना उसे प्रत्यक्ष रुप से दिखाई पड़ रही है।